17/11/2025
🧑🌾 मोहन की लगन
एक छोटे से गाँव में, मोहन नाम का एक लड़का रहता था। वह पढ़ने-लिखने में बहुत अच्छा था, लेकिन उसके परिवार की आर्थिक स्थिति कमज़ोर थी। उसके पिता एक छोटे से किसान थे, और घर चलाने के लिए मोहन भी उनकी मदद करता था।
हर सुबह की शुरुआत...
मोहन का दिन सूरज निकलने से पहले शुरू हो जाता था। वह सबसे पहले अपने पिता के साथ खेत पर जाता।
वह खेतों में पानी देता।
घास-फूस हटाता।
और फसल की देखभाल करता।
पूरा दिन कड़ी मेहनत करने के बाद, शाम को वह जल्दी से घर लौटता।
शिक्षा के प्रति समर्पण
थकान होने के बावजूद, मोहन कभी भी अपनी पढ़ाई से समझौता नहीं करता था।
वह रात को दीपक की हल्की रोशनी में बैठ कर पढ़ता था।
उसके पास महंगी किताबें या ट्यूशन नहीं थी, पर उसकी लगन बहुत मजबूत थी।
गाँव के लोग उसकी मेहनत और लगन को देखकर बहुत प्रभावित होते थे।
सफलता का फल
मोहन की कड़ी मेहनत रंग लाई। उसने अपनी कक्षा में टॉप किया और उसे आगे की पढ़ाई के लिए शहर के एक अच्छे कॉलेज में स्कॉलरशिप मिली।
कॉलेज जाने से पहले, उसने अपने गाँव वालों से कहा, "मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता। अगर हम सच्चे दिल से कोशिश करें, तो हर मुश्किल पार की जा सकती है।"
मोहन ने कॉलेज में भी अपनी लगन जारी रखी, पढ़ाई पूरी की, और एक बड़े अधिकारी के पद पर नियुक्त हुआ। उसने हमेशा अपने गाँव और माता-पिता को सम्मान दिया।
कड़ी मेहनत, लगन और शिक्षा के प्रति समर्पण हमें जीवन में किसी भी ऊँचाई तक पहुँचा सकता है।
क्या आप ऐसी ही कोई और कहानी सुनना चाहेंगे, या मैं आपको किसी और विषय पर कहानी बताऊँ?