29/08/2026
“खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं,
बल्कि अनुशासन, संघर्ष, धैर्य और आत्मविश्वास का विद्यालय है।
मैदान हमें सिखाता है कि हार अंत नहीं होती,
बल्कि अगली जीत की तैयारी होती है।
जिस समाज के युवा स्वस्थ, अनुशासित और संघर्षशील होते हैं,
वही समाज मजबूत और सम्मानित राष्ट्र का निर्माण करता है।”