11/08/2026
महेशखूँट को प्रखंड (Block) बनाने की मांग वर्ष 1992 से अधूरी?
पहली बार 1992 में पंचायत समिति की बैठक में इसे प्रखंड बनाने का प्रस्ताव अधिकारिक तौर पर पारित किया गया था।
स्थानीय लोगों का कहना हैं कि खगड़िया जिले का हृदयस्थली महेशखूँट में मक्का, केला, गन्ना, दूध, आम व पान कि उत्पादन भरपूर होती हैं ! महेशखूँट में दो राष्ट्रीय राजमार्ग, रेलवे स्टेशन, थाना , अस्पताल, PWD कार्यालय समेत कई सरकारी विभाग के कार्यालय है !
वर्ष 1992, 2001 और 2006 इन तीनों वर्षों में स्थानीय पंचायत समिति की बैठकों में महेशखूँट को नया प्रखंड बनाने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हुआ।
17 मार्च 2007 जिला परिषद की बैठक में भी यह प्रस्ताव पारित कर औपचारिक रूप से बिहार सरकार को भेजा गया था।
वर्ष 2008 स्थानीय लोगों और नेताओं ने मिलकर एक सर्वदलीय कमेटी का गठन किया, जिसके बाद इस मांग ने और जोर पकड़ा। इस दौरान 11 पंचायतों - बन्नी, समसपुर, झिकटिया , बोरना , मदारपुर ,महेशखूँट, पकरेल, बलतारा, मैरा, गौछारी व पौरा पंचायत को मिलाकर प्रखंड बनाने का खाका तैयार हुआ था।
दो दो मुख्यमंत्रियों एक मंत्री का आश्वासन
वर्ष 2009 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जब खटहा-गौछारी पहुंचे, तो सर्वदलीय कमेटी ने उन्हें मांग पत्र सौंपा, जिस पर उन्होंने खुले मंच से महेशखूँट को प्रखंड बनाने का आश्वासन दिया था।
वर्ष 2015 में महेशखूँट में आयोजित जनप्रतिनिधि सम्मान समारोह में उपस्थित ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार का भी ध्यान आकृष्ट कराया गया।
वर्ष 2015 में महेशखूँट में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने भी इसे प्रखंड का दर्जा देने की घोषणा की थी।
2018 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पुन: खटहा- गौछारी पहुंचे। फिर सर्वदलीय कमेटी ने उन्हें इसकी याद दिलाई।
वर्तमान स्थिति सभी जरूरी मापदंड और अर्हता पूरी करने के बावजूद, पिछले 3 दशकों से भी अधिक समय से यह मामला केवल सरकारी आश्वासनों तक ही सीमित रहा है। हर लोकसभा और विधानसभा चुनाव में स्थानीय जनता और महेशखूँट को प्रखंड बनाओ संघर्ष समिति द्वारा इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया जाता है।
आखिर कब तक में महेशखूँट को प्रखण्ड बनाने कि मांग पूर्ण होगी ?
Samrat Choudhary Rajesh Verma श्रेयसी सिंह Shrawon kumar Damodar Rawat Nitish Kumar