16/04/2026
ये नज़ारा देखकर दिल की धड़कनें भी शर्म से लाल हो जाती हैं...
रेशम की लहर सी, वो लाल चुनरिया
जिसमें छुपी है आग, और खिली है बहारिया।
नज़रें मिलते ही, साँसें ठहर सी जाती हैं,
तेरी अदाओं में, पूरी कायनात समा जाती है।
सोने की झालरें, जैसे चाँदनी की बारिश
तेरी कमर पर नाचती, दिल को करती है तड़पिश।
एक हाथ बालों में, दूसरा कमर पर फिरता,
हर अदा तेरी, जैसे कोई शायरी लिखती है।
मखमल की वो ब्लाउज़, जिसने आग लगा दी,
तेरी मुस्कान में, सारी दुनिया भुला दी।
काले घूंघट में छुपी वो अनमोल रूह,
देखते ही इश्क़ ने, मुझे भी रंग दिया रूह।
ओ मेरी जान-ए-जहाँ, तू तो बस एक ख़्वाब नहीं,
हर साँस में बसी है, हर धड़कन में तू ही है।
ये लाल और काला, तेरे इश्क़ का रंग है,
जिसमें डूबकर, मैं ख़ुद को भूल चुका हूँ रंग है... ❤️🔥😍💕🔥💗