29/07/2026
धन्यवाद अभिजीत। 🤗
मैं छात्र राजनीति के दिनों से ही सक्रिय रूप से राजनीति से जुड़ा रहा हूँ।
आज मुझे सबसे अधिक जिस बात की चिंता होती है, वह यह है कि 25 वर्ष से कम आयु के युवाओं की राजनीतिक भागीदारी केवल भाजपा ही नहीं, बल्कि लगभग सभी राजनीतिक दलों में लगातार कम होती जा रही है। जनरेशन Z का एक बड़ा वर्ग, चाहे जानबूझकर या अनजाने में, राजनीति से दूर होकर मोबाइल फोन और केवल करियर तक सीमित सोच में उलझ गया। लेकिन आपने उन्हें राजनीतिक रूप से सोचने और देश के बारे में समझने के लिए प्रेरित किया। 🔥
अब मुझे विश्वास है कि भारत का भविष्य आने वाले 100 वर्षों तक और अधिक सशक्त दिशा में आगे बढ़ेगा। 🙏
सीजेपी (CJP) के साथ इसी तरह आगे बढ़ते रहिए और युवाओं को राजनीति की समझ देते रहिए।
उन्हें यह भी बताइए कि 2014 से पहले भारत कैसा था।
जब नरेंद्र मोदी जी ने 2014 में देश की बागडोर संभाली, तब आज जो लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, उनमें से कई उस समय केवल 6 वर्ष के थे। 🤗
उन्होंने उस भारत को देखा ही नहीं है जो 2014 से पहले था। अब उन्हें उसके बारे में जानना चाहिए। 🤗🙏
एक मिस्ड कॉल में भारत में हुए प्रमुख परिवर्तन:
1. गैस सिलेंडर योजना
2. ऑनलाइन बिल भुगतान
3. यूपीआई भुगतान व्यवस्था
4. डिजिलॉकर
5. जन औषधि केंद्र
6. आयुष्मान कार्ड
7. नया संसद भवन
8. निःशुल्क कोविड टीकाकरण
9. प्रधानमंत्री जनधन योजना
10. सर्जिकल स्ट्राइक
11. ऑपरेशन सिंदूर
12. तीन तलाक कानून
13. आधार लिंकिंग
14. फास्टैग
15. चिनाब ब्रिज
16. जम्मू टनल
17. गंगा एक्सप्रेसवे
18. काशी कॉरिडोर
19. विश्वनाथ कॉरिडोर
20. केदारनाथ पुनर्निर्माण
21. श्रीराम मंदिर निर्माण
22. सुकन्या समृद्धि योजना
23. शौचालय निर्माण अभियान
24. रेलवे ट्रैक का दोहरीकरण
25. रेलवे स्टेशनों का विकास
26. टिकट बुकिंग प्रक्रिया में सुधार
27. टिकट रद्द करने की बेहतर सुविधा
28. गोल्डन क्वाड्रिलेटरल परियोजना
29. भारतमाला परियोजना
30. 18 नए एम्स की स्थापना
31. एसआईआर
32. महात्मा गांधी सेतु का पुनर्निर्माण
33. भूपेन हजारिका सेतु
34. रक्षा क्षेत्र का आधुनिकीकरण
35. मेक इन इंडिया
36. ड्रोन क्रांति
37. किसानों के खातों में सीधे धन हस्तांतरण
38. राशन व्यवस्था का डिजिटलीकरण
39. निःशुल्क राशन योजना
40. कन्या सुमंगला योजना
41. जीएसटी लागू होना
42. जीएसटी में कई रियायतें
43. सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण
44. तालाबों एवं जलाशयों का निर्माण
45. हर घर नल से जल योजना
46. 22 घंटे बिजली उपलब्धता
47. आयकर में ऐतिहासिक राहत
48. अनुच्छेद 370 का निरस्तीकरण
49. 553 नए रेलवे स्टेशन
50. 1500 से अधिक नए ओवरब्रिज
51. 200 से अधिक पुराने कानूनों को समाप्त करना
52. भ्रष्टाचार के विरुद्ध रिकॉर्ड ईडी कार्रवाई
53. फास्टैग पर ₹3,000 तक की तीन वर्ष की छूट
54. ईवीएम में वीवीपैट व्यवस्था
55. कर्तव्य पथ
56. मुद्रा पर सांस्कृतिक विरासत की झलक
57. नालंदा विश्वविद्यालय का पुनर्निर्माण
58. स्वदेशी तेजस विमान का निर्माण
59. मोबाइल फोन निर्माण में आत्मनिर्भरता
60. मुद्रा योजना
61. उज्ज्वला योजना
62. सुरक्षा बीमा योजना
63. 390 नए विश्वविद्यालय
64. 7 नए आईआईटी
65. 7 नए आईआईएम
66. 16 नए आईआईआईटी
67. 30 नए मेडिकल कॉलेज
68. पंबन ब्रिज का निर्माण
69. ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल परियोजना
70. उत्तराखंड चारधाम सड़क परियोजना
71. ब्रह्मोस निर्माण इकाई
72. अमेठी में असॉल्ट राइफल निर्माण
73. वंदे भारत ट्रेनें
74. वक्फ बोर्ड से संबंधित नया कानून
75. रेलवे में बायो-टॉयलेट
76. श्रमिक कल्याण संबंधी श्रम कानूनों का क्रियान्वयन
77. ग्राम जीआई योजना
78. सड़क निर्माण की गति में भारत का चीन से आगे निकलना
79. 12 लाख युवाओं को सरकारी रोजगार
80. 8 लाख से अधिक व्यावसायिक लाइसेंस जारी
81. 80,000 नए पेट्रोल पंप
82. शौर्य स्थल का निर्माण
83. रेल बजट को सामान्य बजट में शामिल करना
84. 9,000 से अधिक नए विद्यालय
85. अवैध निर्माणों पर बुलडोज़र कार्रवाई
86. अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर बाड़बंदी
87. आतंकवाद के विरुद्ध सुरक्षा बलों को खुली कार्रवाई की अनुमति
88. विकास कौशल योजना
89. नोटबंदी
90. फास्टैग से टोल प्लाज़ा पर लंबी कतारों का अंत
91. चंद्रयान मिशन
92. मंगलयान मिशन
93. बहु-उपग्रह प्रक्षेपण में सफलता
94. बिहार में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कमी
95. लंबी सरकारी कतारों का अंत
96. स्मार्ट सिटी मिशन
97. किसानों के लिए नीम-कोटेड यूरिया
98. पीएफ निकासी प्रक्रिया को आसान बनाना
99. निजी एवं घरेलू क्षेत्रों में 5 करोड़ से अधिक नए रोजगार सृजन
क्या हर सब्ज़ी वाले के पास मशीन होगी? क्या हर गाँव में बिजली और इंटरनेट उपलब्ध है? भारत का आम आदमी तो चाय पीने के लिए जेब से ₹10 का नोट निकालता है, वह डिजिटल भुगतान कैसे करेगा?”
यह उस समय के भारत की सोच और परिस्थितियों को दर्शाने वाला प्रश्न था।
क्या आज की पीढ़ी इसकी कल्पना भी कर सकती है?
क्या उन्हें यह पता है कि इस देश में लाखों परिवारों के घरों में शौचालय तक नहीं थे और सरकार को अलग से शौचालय निर्माण अभियान चलाना पड़ा?
क्या हमने कभी नई पीढ़ी को बताया कि भारत ने इतने कम समय में कितनी तेज़ी से विकास किया?
क्या Gen Z इन आँकड़ों पर ध्यान देगी?
लेकिन केवल उपलब्धियाँ बताना ही पर्याप्त नहीं है।
हमें उन्हें यह भी बताना होगा कि पहले की सरकारें कैसी थीं। क्योंकि Gen Z ने राहुल गांधी और उस दौर की राजनीति को उस रूप में कभी देखा ही नहीं, जैसा उस समय देश अनुभव कर रहा था।
उन्हें यह भी जानना चाहिए कि उस समय “भ्रष्टाचार” और “घोटाला” जैसे शब्द क्यों बार-बार सुर्खियों में रहते थे।
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उस समय सामने आए कुछ प्रमुख मामलों का अक्सर उल्लेख किया जाता है—
* 2008 : 2जी स्पेक्ट्रम मामला – ₹1.76 लाख करोड़
* 2009 : कोयला आवंटन (कोलगेट) मामला – ₹1.86 लाख करोड़
* 2010 : राष्ट्रमंडल खेल (कॉमनवेल्थ) मामला – ₹70,000 करोड़
* अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर मामला – ₹360 करोड़
* आदर्श हाउसिंग सोसायटी मामला
* नेशनल हेराल्ड मामला
* सत्यम घोटाला
ऐसे बड़े और छोटे अनेक मामले उस समय चर्चा का विषय रहे।
इतना ही नहीं…
क्या Gen Z को पता है कि एक समय इस देश में सार्वजनिक स्थानों, बाज़ारों और शहरों में बार-बार बम विस्फोट हुआ करते थे?
कुछ प्रमुख घटनाएँ—
* 2014 : बेंगलुरु चर्च स्ट्रीट विस्फोट
* 2013 : हैदराबाद दिलसुखनगर विस्फोट
* 2013 : पटना हुंकार रैली विस्फोट
* 2013 : मल्लेश्वरम भाजपा कार्यालय विस्फोट
* 2011 : मुंबई सीरियल ब्लास्ट
* 2010 : वाराणसी विस्फोट
* 2010 : चिन्नास्वामी स्टेडियम विस्फोट
* 2008 : बेंगलुरु सीरियल ब्लास्ट
दिल्ली के बाज़ारों में हुए सिलसिलेवार विस्फोटों में 26 लोगों की जान गई थी।
असम में कुछ ही मिनटों के भीतर हुए 18 विस्फोटों में 81 लोगों की मृत्यु हुई।
2008 में ऐतिहासिक शहर जयपुर में मात्र 12 मिनट के भीतर 9 बम धमाके हुए, जिनमें 63 लोगों की जान चली गई।
और यदि केवल 26/11 मुंबई आतंकी हमलों को ही याद करें, तो उस समय देश की सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति का अंदाज़ा लगाया जा सकता है।
क्या हमने कभी Gen Z को बताया कि भारत कभी ऐसे दौर से भी गुज़रा है?
आज की पीढ़ी जिस भारत को देख रही है, वही उनके लिए वास्तविक भारत है। उन्होंने 2014 से पहले का भारत अपनी आँखों से नहीं देखा।
उन्होंने राहुल गांधी और उस समय की राजनीति को भी उस रूप में नहीं देखा, जैसा उस दौर में देश अनुभव कर रहा था।
सच्चाई यह है कि आज की नई पीढ़ी उस लंबे प्रयास, नीतियों और बदलावों से परिचित नहीं है, जिनके माध्यम से वर्तमान भारत का निर्माण हुआ।
क्या केवल किसी ऐसे व्यक्ति का विरोध करना उचित है, जिसने अपना पूरा जीवन देश के नेतृत्व और विकास के लिए समर्पित कर दिया—या पहले उसके कार्यों और देश की यात्रा को समझना अधिक आवश्यक है?
समस्या यह है कि Gen Z ने मुख्यतः नरेंद्र मोदी को राम जन्मभूमि मंदिर का निर्माण कराते हुए और “जय श्री राम” के उद्घोष के साथ ही देखा है।
यदि उन्हें यह भी बताया जाए कि 2014 से पहले भारत की परिस्थितियाँ क्या थीं और उसके बाद किन-किन क्षेत्रों में क्या परिवर्तन हुए, तो वे व्यापक संदर्भ को बेहतर ढंग से समझ पाएँगे।
लेख का तर्क यही है कि यदि नई पीढ़ी को देश के हालिया इतिहास, उपलब्धियों और चुनौतियों के बारे में विस्तार से नहीं बताया जाएगा, तो उनके सामने केवल एकतरफा या अधूरी तस्वीर ही पहुँचेगी।
इसलिए आवश्यक है कि उपलब्धियों के साथ-साथ इतिहास और राजनीतिक परिप्रेक्ष्य भी नई पीढ़ी तक पहुँचे।
वर्तमान में NEET परीक्षा बिना किसी बड़ी गड़बड़ी के संपन्न हुई है और उसके परिणाम भी घोषित हो चुके हैं।
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धन्यवाद अभिजीत। 🙏