19/02/2026
“रमज़ान के रोज़े के फायदे सिर्फ इबादत नहीं, शरीर और दिमाग का भी रीसेट”
रमज़ान में रखे जाने वाले रोज़े (Fasting) को अक्सर केवल धार्मिक परंपरा माना जाता है, लेकिन इसके पीछे गहरे शारीरिक और मानसिक फायदे भी जुड़े हैं। सूर्योदय से सूर्यास्त तक भोजन और पानी से दूरी शरीर को एक खास तरह का आराम देती है।
रोज़े के दौरान शरीर जमा ऊर्जा का इस्तेमाल करता है और धीरे-धीरे फैट को ऊर्जा में बदलना शुरू करता है। इससे मेटाबॉलिज़्म संतुलित होता है और कई लोगों को वजन नियंत्रण में मदद मिलती है। लंबे गैप के कारण पाचन तंत्र को भी आराम मिलता है, जिससे पेट से जुड़ी समस्याएँ कम हो सकती हैं।
इफ्तार में खजूर से रोज़ा खोलने की परंपरा भी वैज्ञानिक मानी जाती है। खजूर तुरंत प्राकृतिक शुगर और मिनरल्स देकर शरीर की ऊर्जा तेजी से वापस लाती है।
मानसिक रूप से रोज़ा धैर्य, आत्म-नियंत्रण और अनुशासन सिखाता है। दिनभर संयम रखने से दिमाग शांत रहता है और कई लोग आध्यात्मिक सुकून महसूस करते हैं।
लेकिन ध्यान रखें
इफ्तार में ज्यादा तला-भुना न खाएँ
सहरी में संतुलित भोजन लें
पानी पर्याप्त मात्रा में पिएँ
रमज़ान का रोज़ा सिर्फ भूखा रहना नहीं,
शरीर, मन और आत्मा को संतुलित करने की प्रक्रिया है।