24/02/2026
राजधानी के आशियाना इलाके में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली वारदात सामने आई है। पैथोलॉजी लैब के मालिक की हत्या कर उनके शव के टुकड़े कर दिए गए। धड़ को घर के अंदर एक ड्रम में भरकर छिपा दिया गया, जबकि सिर को कहीं और फेंकने की बात सामने आई है। पुलिस ने हत्या के आरोप में मृतक के बेटे को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
घटना आशियाना कोतवाली क्षेत्र के सेक्टर-L स्थित मकान नंबर 91 की है। मृतक की पहचान वर्धमान पैथोलॉजी लैब के मालिक मानवेंद्र सिंह के रूप में हुई है। शुरुआती जांच में बेटे अक्षत पर हत्या का आरोप है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।
20 फरवरी से थे लापता
पुलिस के अनुसार मानवेंद्र सिंह 20 फरवरी से लापता थे। परिजनों की ओर से उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। जांच के दौरान उनका मोबाइल फोन अंतिम बार काकोरी स्थित उनकी लैब के आसपास सक्रिय मिला। पुलिस ने वहां छानबीन की, लेकिन मोबाइल बरामद नहीं हुआ।
पूछताछ में बदलता रहा बयान
जांच के दौरान पुलिस ने बेटे अक्षत से पूछताछ की। सूत्रों के मुताबिक, अक्षत ने पहले बताया कि उसके पिता ने आत्महत्या कर ली है। बाद में बयान बदलते हुए हत्या की बात स्वीकार की। पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो उसने बताया कि घर में ही पिता की हत्या की गई और शव को दो टुकड़ों में काट दिया गया, ताकि उसे ठिकाने लगाने में आसानी हो।
ड्रम में छिपाया धड़, सिर फेंकने का दावा
आरोप है कि अक्षत ने शव के सिर वाले हिस्से को कार में रखकर कहीं फेंक दिया, जबकि धड़ को घर में ही ड्रम में छिपा दिया। सोमवार शाम पुलिस आरोपी को लेकर घर पहुंची, जहां से ड्रम में रखा मानवेंद्र सिंह का धड़ बरामद किया गया। फिलहाल पुलिस सिर वाले हिस्से की तलाश में जुटी है और आरोपी से पूछताछ जारी है।
परिवार की स्थिति
बताया जा रहा है कि अक्षत बीकॉम का छात्र है। घटना के समय मानवेंद्र सिंह की पत्नी गांव में थीं, जबकि घर में उनकी बेटी मौजूद थी। वारदात के पीछे के कारणों का अभी खुलासा नहीं हो सका है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आगे की पूछताछ के बाद ही हत्या की वजह स्पष्ट हो सकेगी। राजधानी में हुई इस निर्मम वारदात से इलाके में सनसनी फैल गई है।