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22/11/2025

सिटी मॉन्टेसरी स्कूल को करोड़ों के झटके के बाद अब सामने आए हैं और भी चौंकाने वाले खुलासे!
राजाजीपुरम में बन रही CMS की नई शाखा को लेकर महीनों से चल रहा विवाद आखिरकार खत्म—और फ़ैसला आया मेगा इंफ्रा डेवलपर्स के पक्ष में।

माननीय उच्च न्यायालय से अधिकृत आर्बिट्रेटर ने साफ कहा—
“CMS ने बिना अनुमति निर्माण शुरू किया, फिर बदनीयती से भुगतान रोका… यह अनुबंध के खिलाफ है।”
इसी के साथ स्कूल प्रशासन को लगभग ₹10.98 करोड़ की राशि चुकाने का आदेश भी दे दिया गया है।

दो साल चली बंद कमरे की सुनवाई, कागज़ों की टकराहट और दलीलों की कवायद के बाद अदालत ने स्कूल के दावे को खारिज कर दिया।
अब मेगा इंफ्रा डेवलपर्स को मिलेगा पूरा भुगतान—और अगर रकम दो महीने में दे दी गई, तो ब्याज भी नहीं लगेगा।

यह फैसला बड़े संस्थानों को सीधा संदेश देता है—
“कानून सबके लिए बराबर है… और अनुबंध से खिलवाड़ किसी के लिए भी महंगा।”

पूरा मामला जानने के लिए वीडियो को अंत तक ज़रूर देखें!
आपकी राय इस फैसले पर क्या है? कमेंट में बताएं।

20/11/2025

लखनऊ से बड़ी खबर!
राजाजीपुरम में निर्माणाधीन सिटी मॉन्टेसरी स्कूल को माननीय उच्च न्यायालय से अधिकृत मध्यस्थ से मिला बड़ा झटका।
मेगा इंफ्रा डेवलपर्स के साथ चल रहे विवाद में Arbitrator Ex हाईकोर्ट न्यायाधीश ने स्कूल प्रशासन पर सख़्त रुख अपनाते हुए लगभग ₹10.98 करोड़ की राशि कंपनी को देने का आदेश दिया है।

दो साल तक चली मध्यस्थता के बाद साबित हुआ कि भुगतान रोकना बदनीयती से प्रेरित था।
निर्णय साफ—क़ानून सबके लिए बराबर है, चाहे संस्थान कितना भी बड़ा क्यों न हो।

लखनऊ में शिक्षा संस्थानों के लिए यह फैसला बड़ी नज़ीर माना जा रहा है।

पूरा मामला पढ़ें और अपनी राय बताएं!

🌧️ अगले 48 घंटों में 7 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट!❄️ उत्तर भारत में शीतलहर और बढ़ी ठंडदेश भर में मौसम तेजी से करवट ...
17/11/2025

🌧️ अगले 48 घंटों में 7 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट!

❄️ उत्तर भारत में शीतलहर और बढ़ी ठंड

देश भर में मौसम तेजी से करवट ले रहा है। IMD ने अगले दो दिनों के लिए बड़ा अलर्ट जारी किया है—7 राज्यों में भारी बारिश, जबकि उत्तर भारत में कड़ाके की शीतलहर दस्तक दे चुकी है।

➡️ तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश और अंडमान में 16 से 19 नवंबर के बीच तेज़ हवाओं के साथ भारी बारिश का पूर्वानुमान है।
➡️ दिल्ली में AQI 410+, ठंड और प्रदूषण दोनों तेजी से बढ़ रहे हैं।
➡️ मध्य प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, यूपी और छत्तीसगढ़ में शीतलहर अगले दो दिनों तक जारी रहने की संभावना।
➡️ बिहार में पारा 8-9°C तक गिर सकता है, तेज़ उत्तर-पश्चिमी हवाएँ चलेंगी।
➡️ जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल, उत्तराखंड में न्यूनतम तापमान 6°C से नीचे जा सकता है।

⚠️ मौसम विभाग ने साफ चेतावनी दी है—

• दक्षिण भारत में बारिश
• उत्तर भारत में ठंड और कोहरा
• दिल्ली में अत्यधिक प्रदूषण

→ ये सभी अगले 48 घंटे बेहद अहम बना रहे हैं।

13/11/2025

दिल्ली ब्लास्ट के बाद देश भर के अंदर चेकिंग तेज है,और शादियों के दिन भी चल रहे है।

ऐसे में शादी से लौट रहे पारिवार को जब दिल्ली पुलिस ने रोका तो,गाड़ी में जगह कम होने की वजह से “मामा के लड़के” को डिक्की में लेटाया हुआ था।

“ओये सत्यम खड़ा हो” 😃

📰 तेजस्वी सबसे पसंदीदा, लेकिन कुर्सी नीतीश की – बिहार की सियासत में वोटर का दिल एक तरफ, नतीजे दूसरी तरफ!✍️ रिपोर्ट: आबिद...
13/11/2025

📰 तेजस्वी सबसे पसंदीदा, लेकिन कुर्सी नीतीश की – बिहार की सियासत में वोटर का दिल एक तरफ, नतीजे दूसरी तरफ!

✍️ रिपोर्ट: आबिद अली, सम्पादक G News Networks (GNN)

बिहार की राजनीति भी गजब है — यहां वोटर दिल से तेजस्वी यादव को पसंद करते हैं, लेकिन सत्ता का सेहरा अब भी एनडीए के सिर पर सजता दिख रहा है। मतलब साफ है — जनता कहती है “दिल तो तेजस्वी पर आया”, पर वोट गया नीतीश की झोली में!

पीपुल्स पल्स के एग्जिट पोल ने इस बार भी बिहार की राजनीति को आईने की तरह दिखा दिया है। एनडीए 133 से 159 सीटों के साथ आराम से बहुमत में आता दिख रहा है, जबकि तेजस्वी यादव की महागठबंधन पार्टी 75 से 101 सीटों पर सिमटने का अनुमान है। लेकिन असली मज़ा तो यहां है — जब जनता से पूछा गया कि वे मुख्यमंत्री के रूप में किसे देखना चाहते हैं, तो 32% लोगों ने बिना झिझक तेजस्वी यादव का नाम लिया!

यानी खेल साफ है — कुर्सी भले एनडीए की, लेकिन दिल की वोटिंग तेजस्वी के नाम!
वहीं बिहार के अनुभवी खिलाड़ी, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, जिन पर कभी "सुशासन बाबू" का टैग लगा था, वे 30% वोट के साथ दूसरे स्थान पर हैं। उम्र और सेहत की चर्चाओं के बावजूद जनता ने उन्हें पूरी तरह खारिज नहीं किया है — आखिर राजनीति में अनुभव भी कोई छोटी चीज़ नहीं!

तीसरे पायदान पर राजनीति के दो अलग-अलग ध्रुव — चिराग पासवान और प्रशांत किशोर — दोनों 8% वोट के साथ संयुक्त रूप से। एक रामविलास पासवान के उत्तराधिकारी हैं, तो दूसरे पॉलिटिकल माइंडगेम के उस्ताद। जन सुराज पार्टी को भले सिर्फ 0 से 5 सीटें मिलने का अनुमान है, लेकिन पीके के लिए यह "ट्रेलर" काफी हौसला बढ़ाने वाला है।

बीजेपी के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को 6% वोट और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार को सिर्फ 2% वोट मिले — यह आंकड़ा बताता है कि बिहार में कांग्रेस अब बस इतिहास की किताब में ही बाकी रह गई है।

अब आते हैं सियासी व्यंग्य के मोड़ पर — बिहार में जनता का मूड कुछ ऐसा है कि “दिल मांगे तेजस्वी, लेकिन वोट मांगे विकास।” और जब विकास का नाम आता है, तो नीतीश कुमार अब भी समीकरणों के केंद्र में हैं।

हालांकि यह बात भी सच है कि एग्जिट पोल्स कई बार “एग्जिट रियलिटी” साबित नहीं होते। इतिहास गवाह है — बिहार की जनता ने कई बार ऐसे-ऐसे उलटफेर किए हैं कि बड़े-बड़े पंडितों की भविष्यवाणियां पानी मांगती रह गईं।

तेजस्वी यादव के लिए यह नतीजा भले “सत्ता से दूर” रखे, लेकिन लोकप्रियता के ग्राफ में उन्होंने बाज़ी मार ली है। 36 साल की उम्र में वे आज उस मुकाम पर हैं जहां जनता उन्हें “भावी मुख्यमंत्री” के रूप में देख रही है।

वहीं नीतीश कुमार अगर फिर से सत्ता में आते हैं, तो सवाल वही रहेगा — क्या वे सचमुच मुख्यमंत्री रहेंगे, या गठबंधन के बीच ‘संविधानिक शोपीस’ बनकर रह जाएंगे?

बिहार की राजनीति में समीकरण रोज़ बदलते हैं, लेकिन जनता का दिल अभी तक तय नहीं कर पाया — कुर्सी किसे दें और इज़्जत किसे!

फिलहाल तस्वीर यही कहती है —

“राजनीति की गंगा में सबसे ताज़ा चेहरा तेजस्वी है,
लेकिन पतवार अब भी नीतीश के हाथों में है।”

*_लखनऊ से सहारनपुर तक वंदे भारत का नया सफ़र_**_बच्चों संग मुस्कुराती रफ्तार को मिली हरी झंडी_*लखनऊ। राजधानी लखनऊ से सहारन...
08/11/2025

*_लखनऊ से सहारनपुर तक वंदे भारत का नया सफ़र_*

*_बच्चों संग मुस्कुराती रफ्तार को मिली हरी झंडी_*

लखनऊ। राजधानी लखनऊ से सहारनपुर के बीच आज वंदे भारत ट्रेन का नया सफर शुरू हो गया है। शनिवार सुबह चारबाग स्टेशन से रवाना हुई यह ट्रेन उत्तर प्रदेश के यात्रियों के लिए एक नई सौगात साबित होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी से वर्चुअल माध्यम से इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। वहीं, लखनऊ में आयोजित उद्घाटन कार्यक्रम में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, लखनऊ की मेयर सुषमा खर्कवाल और बीजेपी महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी ने विशेष अतिथि के रूप में शिरकत की। पूर्वोत्तर रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी भी इस मौके पर मौजूद रहे।

इस अवसर पर चारबाग स्टेशन का माहौल बेहद उत्साहपूर्ण रहा। बच्चों में वंदे भारत की पहली यात्रा को लेकर गजब का उत्साह दिखा। इस खास मौके पर ट्रेन की पहली यात्रा स्कूली बच्चों को कराई गई, जिससे वे भारत की आधुनिक रेल तकनीक और सुविधाओं से रूबरू हो सकें। जैसे ही ट्रेन प्लेटफॉर्म से रवाना हुई, यात्रियों और उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत किया।

यह ट्रेन लखनऊ से सहारनपुर तक का सफर महज कुछ घंटों में तय करेगी। ट्रेन संख्या 26504 सोमवार को छोड़कर सप्ताह में छह दिन लखनऊ जंक्शन से सुबह 5 बजे रवाना होगी और सीतापुर, शाहजहांपुर, बरेली, मुरादाबाद, नजीबाबाद व रुड़की होते हुए दोपहर 12:45 बजे सहारनपुर पहुंचेगी। वहीं, वापसी में ट्रेन संख्या 26503 प्रतिदिन दोपहर 3 बजे सहारनपुर से रवाना होकर रात 11 बजे लखनऊ जंक्शन पहुंचेगी।

वंदे भारत में सफर करने वाले यात्रियों को चाय, जूस और ड्राई फ्रूट्स जैसी प्रीमियम सुविधाएं दी जाएंगी। इसकी गति 110 किलोमीटर प्रति घंटे तक होगी, जिससे यात्रियों को समय की बचत के साथ आरामदायक सफर का अनुभव मिलेगा।

इस मौके पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय रेलवे ने अभूतपूर्व प्रगति की है। 2014 के बाद से रेलवे ने नई ऊंचाइयां छुई हैं — नैरोगेज से ब्रॉडगेज लाइन बनाई गई, 95 प्रतिशत ट्रैकों का इलेक्ट्रिफिकेशन पूरा हुआ और रेलवे स्टेशनों को विश्वस्तरीय स्वरूप दिया गया। उन्होंने कहा कि पहले जहां रेलवे की गति सुस्त थी, वहीं अब पीएम मोदी के नेतृत्व में रेलवे का कायाकल्प हुआ है। देशभर में आधुनिक ट्रेनों और सुविधाओं के साथ यात्रियों के लिए यात्रा को सुरक्षित, तेज और सुखद बनाया गया है।

ब्रजेश पाठक ने यह भी कहा कि वंदे भारत जैसी ट्रेनों ने भारतीय रेलवे की पहचान को नया आयाम दिया है। आज भारत का रेलवे नेटवर्क न केवल देश के हर कोने को जोड़ रहा है बल्कि ‘न्यू इंडिया’ की रफ्तार का प्रतीक बन चुका है। लखनऊ से सहारनपुर वंदे भारत की शुरुआत उत्तर प्रदेश के विकास और कनेक्टिविटी के नए युग की शुरुआत है।

*_रिपोर्ट – आबिद अली_*
*_संपादक – G News Networks (GNN)_*

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03/11/2025

🏗️💥 लखनऊ में LDA के ज़ोन 6 में अवैध निर्माणों की भरमार — अधिकारी मौन, बिल्डर बेखौफ! 💥🏗️

राजधानी लखनऊ में अमीनाबाद थाना क्षेत्र के झंडे वाला पार्क के सामने और कुंज बिहारी ज्वैलर्स के बगल में रात के अंधेरे में बेसमेंट की अवैध खुदाई और नक्शे के विपरीत निर्माण जोरों पर है।
सब कुछ खुली आँखों के सामने हो रहा है, लेकिन एलडीए के अफसर बेखबर बने हुए हैं!

बिना नक्शा पास कराए कमर्शियल कॉम्प्लेक्स तैयार किए जा रहे हैं और अफसरों को सब पता होते हुए भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। सूत्रों की मानें तो यह सब स्थानीय भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत से हो रहा है।

अब बड़ा सवाल यह है —
👉 क्या इन बिल्डरों को कानून का कोई डर नहीं?
👉 क्या एलडीए की "कठोर कार्रवाई" सिर्फ कागजों तक सीमित रह गई है?
👉 या फिर इन अवैध निर्माणों को ऊपर से संरक्षण प्राप्त है?

लखनऊ में कानून के नाम पर खुला मज़ाक जारी है, और जनता पूछ रही है — “आख़िर ज़िम्मेदार कौन?”


Chief Minister Office Uttar Pradesh MYogiAdityanath Lucknow Police Lucknow Development Authority

🕴️✨ आशियाना में “The Wardrobe Men’s Showroom” का भव्य शुभारंभ ✨🕴️लखनऊ के आशियाना स्थित The Wardrobe Men’s Showroom के उद...
01/11/2025

🕴️✨ आशियाना में “The Wardrobe Men’s Showroom” का भव्य शुभारंभ ✨🕴️

लखनऊ के आशियाना स्थित The Wardrobe Men’s Showroom के उद्घाटन समारोह में उपमुख्यमंत्री श्री बृजेश पाठक, सभापति विधान परिषद श्री मानवेंद्र सिंह, सदस्य विधान परिषद श्री संतोष सिंह और भाजपा नेता राजा राज राजेश्वर सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम में सभी अतिथियों ने श्री कमल पाण्डेय जी को उनके नए प्रतिष्ठान की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं।
यह आयोजन शहर की फैशन दुनिया में नई पहचान बनने की ओर एक शानदार कदम है। 👔🎉

“Agreement to Sell” से मालिकाना हक नहीं मिलता: हिमाचल हाईकोर्ट में मकान मालिक की बड़ी जीत, किरायेदारों का स्वामित्व दावा...
01/11/2025

“Agreement to Sell” से मालिकाना हक नहीं मिलता: हिमाचल हाईकोर्ट में मकान मालिक की बड़ी जीत, किरायेदारों का स्वामित्व दावा खारिज

समाचार रिपोर्ट ET के माध्यम से:

शिमला, 22 सितंबर 2025 — हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाते हुए स्पष्ट कर दिया कि सिर्फ “Agreement to Sell” (विक्रय अनुबंध) पर हस्ताक्षर कर देने से कोई व्यक्ति संपत्ति का मालिक नहीं बन जाता। इस ऐतिहासिक निर्णय में मकान मालिक श्री गुप्ता ने अपने किरायेदारों के खिलाफ लंबी कानूनी लड़ाई जीत ली, जिन्होंने दावा किया था कि उन्होंने संपत्ति पर “Agreement to Sell” के जरिए मालिकाना हक हासिल कर लिया है।

यह मामला वर्षों पुराना है। श्री गुप्ता ने अपने किरायेदारों से किराया बकाया होने के कारण किराया नियंत्रक (Rent Controller) के समक्ष याचिका दायर की थी। उन्होंने मांग की थी कि किरायेदारों से बकाया किराया वसूला जाए और उन्हें संपत्ति से बेदखल किया जाए। हालांकि, किरायेदार न तो अदालत में पेश हुए और न ही उन्होंने मामला लड़ा। बाद में किरायेदार के निधन के पश्चात उनके कानूनी वारिसों ने यह दावा किया कि श्री गुप्ता ने उनके परिवार के साथ “Agreement to Sell” कर संपत्ति बेचने का वादा किया था।

किरायेदारों का तर्क था कि 21 जनवरी 2004 को हुए इस समझौते के तहत मकान मालिक ने “बेकरी बिल्डिंग” का आधा हिस्सा बेचने पर सहमति जताई थी, जिसमें विवादित चार कमरे भी शामिल थे। उन्होंने यह भी कहा कि ₹3.5 लाख के सौदे में ₹70,000 पहले ही दिए जा चुके थे, जबकि बाकी रकम रजिस्ट्री के समय देनी थी। लेकिन सरकारी अनुमति न मिलने के कारण रजिस्ट्री नहीं हो सकी।

मकान मालिक की ओर से अदालत में यह दलील दी गई कि “Agreement to Sell” का मतलब संपत्ति की बिक्री नहीं होता, जब तक कि उस पर विधिवत रजिस्ट्री न हो जाए। यह केवल भविष्य में बिक्री का वादा होता है, मालिकाना हक नहीं देता।

अदालत ने इस पर सहमति जताते हुए कहा कि किरायेदार का दावा कानूनन अस्वीकार्य है। हाईकोर्ट ने कहा कि भारतीय संपत्ति अंतरण अधिनियम, 1882 की धारा 54 के अनुसार, संपत्ति का स्वामित्व केवल “Registered Sale Deed” यानी पंजीकृत विक्रय विलेख के माध्यम से ही स्थानांतरित किया जा सकता है।

PSL Advocates & Solicitors के पार्टनर, सोएब कुरैशी ने कहा, “हाईकोर्ट ने बिल्कुल स्पष्ट किया है कि ‘Agreement to Sell’ सिर्फ एक वादा है, उससे स्वामित्व नहीं बदलता। जब तक रजिस्ट्री नहीं होती, खरीदार को मालिकाना हक नहीं मिलता।” उन्होंने कहा कि “इस मामले में किरायेदार ने कभी भी रजिस्ट्री कराई नहीं और किराया भी नियमित रूप से चुकाया जाता रहा, जो यह साबित करता है कि किरायेदारी संबंध अभी भी कायम था।”

कुरैशी ने आगे बताया, “मकान मालिक की जीत इसलिए हुई क्योंकि कोर्ट ने पाया कि कथित ‘Agreement to Sell’ में न तो पूरी संपत्ति शामिल थी और न ही उसका क्रियान्वयन हुआ था। न तो किसी ने इसके लिए विशेष वाद (specific performance suit) दायर किया, न ही संपत्ति का स्वामित्व बदला। इसलिए, मकान मालिक का बेदखली का अधिकार पूरी तरह वैध था।”

महिला मकान मालिक के अधिकार पर कोर्ट की टिप्पणी

इस फैसले ने महिलाओं के संपत्ति अधिकारों पर भी महत्वपूर्ण टिप्पणी की। एडवोकेट स्मृति जसवाल (Accord Juris LLP) ने कहा, “यह निर्णय उस पुरानी सोच को चुनौती देता है कि गृहिणी को अपने ही घर पर सीमित अधिकार हैं। कोर्ट ने साफ कहा है कि कोई महिला मकान मालिक अपने घर की जरूरत या अपने परिवार की भलाई के लिए संपत्ति वापस लेना चाहती है तो यह उसका वैधानिक और नैतिक अधिकार है। उसे किसी की अनुमति या ‘जस्टिफिकेशन’ की आवश्यकता नहीं है।”

मामले की पृष्ठभूमि

यह विवाद 2001 से शुरू हुआ जब किरायेदार सुमित्रा देवी ने कई सालों तक किराया नहीं चुकाया। मकान मालिक ने अगस्त 2015 में Rent Petition दायर की, जिसमें 1 मार्च 2001 से लेकर याचिका दाखिल करने तक का बकाया किराया ₹4,35,860 बताया गया। कोर्ट ने 1 अक्टूबर 2016 को आदेश दिया कि यह रकम 30 दिनों के भीतर जमा की जाए, वरना बेदखली का सामना करना पड़ेगा।

किरायेदार ने आदेश का पालन नहीं किया, और 2017 में मकान मालिक ने निष्पादन याचिका (Ex*****on Petition) दायर की। लेकिन प्रक्रिया के दौरान सुमित्रा देवी की मृत्यु हो गई और मामला उनके उत्तराधिकारियों तक पहुंच गया। उन्होंने दावा किया कि “Agreement to Sell” के कारण अब वे संपत्ति के मालिक हैं।

हाईकोर्ट की कठोर टिप्पणी

हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि “Agreement to Sell” से किसी प्रकार का स्वामित्व नहीं बनता। यह सिर्फ एक ‘वादा’ होता है, न कि संपत्ति का ट्रांसफर। अदालत ने कहा कि “यदि यह वास्तविक बिक्री होती, तो किरायेदारी का संबंध समाप्त हो जाता, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। समझौते में खुद लिखा है कि यह या तो बिक्री या पट्टे (lease) के लिए था, इसलिए यह दोनों पक्षों के बीच किरायेदारी खत्म करने का सबूत नहीं बनता।”

कोर्ट ने रेंट कंट्रोलर के 7 जनवरी 2021 के आदेश को रद्द करते हुए कहा कि उसने तथ्य और कानून दोनों में गलती की थी। अदालत ने मकान मालिक की पुनरीक्षण याचिका स्वीकार कर ली और मामले को फिर से रेंट कंट्रोलर शिमला के पास भेज दिया, ताकि बेदखली संबंधी कार्रवाई शीघ्र पूरी हो सके।

अंतिम आदेश और प्रभाव

हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि दोनों पक्ष 13 अक्टूबर 2025 को रेंट कंट्रोलर के समक्ष पेश हों और निष्पादन याचिका को 31 दिसंबर 2025 तक निपटा दिया जाए। अदालत ने यह भी कहा कि यदि किरायेदार की उत्तराधिकारी कमलेश किसी सिविल केस का हवाला देती हैं, तो उसकी सुनवाई भी कानून के अनुसार की जाएगी, लेकिन बेदखली की प्रक्रिया को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं किया जाएगा।

इस निर्णय से यह स्पष्ट हो गया है कि “Agreement to Sell” सिर्फ भविष्य में बिक्री का इरादा होता है — इससे किसी को भी स्वामित्व नहीं मिलता। मकान मालिक श्री गुप्ता के पक्ष में आया यह फैसला न केवल उनके लिए, बल्कि उन तमाम लोगों के लिए एक मिसाल है जो किरायेदारों के गलत स्वामित्व दावों से जूझ रहे हैं।

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सेंट्रल मार्केट में टूटी उम्मीदें, आंसुओं के बीच चला बुलडोज़रमेरठ में 22 अवैध दुकानों पर ध्वस्तीकरण, एटीएस ड्रोन से निगर...
25/10/2025

सेंट्रल मार्केट में टूटी उम्मीदें, आंसुओं के बीच चला बुलडोज़र

मेरठ में 22 अवैध दुकानों पर ध्वस्तीकरण, एटीएस ड्रोन से निगरानी

मेरठ। शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट शनिवार की सुबह मातम में बदल गई। जहां कभी रौनक और कारोबार की गूंज हुआ करती थी, वहां अब सन्नाटा, आंसू और बेबसी का माहौल है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मेरठ विकास प्राधिकरण की टीम ने 661/6 नंबर कॉम्प्लेक्स में बने अवैध निर्माणों पर बुलडोज़र चलाया। इस कार्रवाई की निगरानी एटीएस के ड्रोन कैमरों से की गई ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को समय रहते नियंत्रित किया जा सके।

सुबह नौ बजे से ही पुलिस और प्रशासन की टीमें भारी सुरक्षा बल के साथ मौके पर पहुंच गईं। सेंट्रल मार्केट की ओर जाने वाले सभी रास्तों को पूरी तरह से बंद कर दिया गया। पूरा इलाका पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। दोपहिया और चारपहिया वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई ताकि कार्रवाई में कोई व्यवधान न आए।

दुकानदारों ने रातभर अपनी दुकानों से सामान निकालने में गुज़ारी। कई की आंखों में नींद नहीं थी, और सुबह सूरज की पहली किरण के साथ ही कई सालों की मेहनत, उम्मीदें और सपने मलबे में बदलने की तैयारी में थे। महिलाएं भी घरों से आकर अपने पतियों के साथ दुकानों से सामान निकालते हुए दिखाई दीं। कई ने अपने भगवान की मूर्तियाँ, पुरानी तिजोरियाँ और तस्वीरें उठाते हुए आंसू पोंछे।

एक बुजुर्ग दुकानदार रोते हुए बोले, “हमने अपनी पूरी जिंदगी इस दुकान से परिवार पाला है। यही हमारी दुनिया थी। अब नहीं जानते आगे क्या करेंगे। हमारे बच्चे यहीं बड़े हुए, यही हमारी रोज़ी-रोटी थी।”
कई व्यापारी ऐसे भी हैं जिन्होंने इस दुकान के लिए कर्ज लेकर कारोबार शुरू किया था। अब वह कर्ज तो बाकी है, लेकिन दुकान नहीं। एक युवा दुकानदार ने गुस्से और दर्द भरे स्वर में कहा, “अगर अवैध था तो वर्षों तक टैक्स कैसे लिया गया? बिजली-पानी के कनेक्शन कैसे मिले? आज अचानक सब कुछ तोड़ देना न्याय नहीं है।”

हालांकि लोगों की माने तो सच तो यही है कि इतने सालों तक आवास विकास विभाग के अधिकारी इन दुकानदारों से अवैध पैसा वसूली करते रहे हैं।

सेंट्रल मार्केट के चारों ओर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी लगातार स्थिति पर नज़र रखे हुए थे। पूरे इलाके में एटीएस के ड्रोन कैमरे उड़ रहे थे, जो हर कोने की तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड कर रहे थे। अधिकारियों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद यह कार्रवाई अपरिहार्य थी और कानून के दायरे में पूरी की गई।

लेकिन इस कार्रवाई के साथ ही न सिर्फ व्यापारियों का भविष्य बल्कि उन सैकड़ों कामगारों की रोज़ी-रोटी पर भी ताला लग गया जो वर्षों से इन दुकानों में काम कर रहे थे। मनोज और रमेश जैसे कर्मचारी, जो 15 सालों से दुकानों पर काम कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे, अब बेरोज़गारी की दहलीज़ पर हैं। वे कहते हैं, “दुकानें टूट गईं तो मालिक तो सड़क पर आ ही गए, लेकिन अब हमारी रोज़ी भी चली गई। घर में बच्चे हैं, खर्चा है, अब क्या करेंगे?”

ध्वस्तीकरण के बाद बाजार में सन्नाटा छा गया है। जिन गलियों में कभी ग्राहकों की भीड़ और दुकानदारों की आवाज़ें गूंजती थीं, अब वहां सिर्फ मलबा और टूटे सपनों की गंध है। सेंट्रल मार्केट का यह दृश्य किसी त्रासदी से कम नहीं, जहां व्यापार की पहचान अब सिर्फ मलबे के ढेर में तब्दील हो गई है।

*_रिपोर्ट : आबिद अली (सम्पादक)_*
*_अम्बेडकर पत्र हिन्दी दैनिक समाचार पत्र_*

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🖤 With deep sadness we share the news of the passing of veteran actor Govardhan Asrani, popularly known simply as Asrani...
20/10/2025

🖤 With deep sadness we share the news of the passing of veteran actor Govardhan Asrani, popularly known simply as Asrani, who departed this world on Monday, 20 October 2025, at the age of 84.

From his unforgettable role as the eccentric jailer in Sholay to hundreds of other memorable performances, Asrani’s laughter, timing and presence enriched Indian cinema for over five decades.

📌 A few highlights of his journey:

He appeared in 350+ Hindi films across many genres, leaving a vast legacy.

He passed away after a prolonged illness and had been hospitalised for the final days.

On the very day of his passing, he had shared Diwali wishes with his fans — a poignant farewell.

🙏 Our thoughts are with his family, friends and the entire fraternity of artists and fans whose lives he touched. His contributions will be remembered and celebrated for generations to come.

🕯️ May his soul rest in peace, and may we continue to remember him with smiles — just as he often made us smile.

Address

Lucknow
226001

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