26/05/2026
बहुजन समाज पार्टी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति-
आज दिनांक 26/05/2026
(1) आगामी विधानसभा आमचुनाव की तैयारियों के तहत्, दो दिन पहले यूपी की बड़ी बैठक के बाद, बी.एस.पी प्रमुख बहन कु. मायावती जी द्वारा आज यहाँ बी.एस.पी. उत्तराखण्ड स्टेट यूनिट के प्रमुख पदाधिकारियों की बैठक में उनके ज़मीनी कार्यों व गतिविधियों आदि की विस्तार से समीक्षा की गयी तथा चुनावी तैयारियों के सम्बंध में भी ज़रूरी दिशा-निर्देश दिये गये।
(2) उत्तर प्रदेश की तरह उत्तराखण्ड प्रदेश में भी बी.एस.पी. उम्मीदवारों के चयन में पूरा एहतियात बरतने के लिए भी विशेष ध्यान देने हेतु निर्देशित किया।
लखनऊ, 26 मई 2026, दिन मंगलवारः बहुजन समाज पार्टी (बी.एस.पी.) की राष्ट्रीय अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश की चार बार रहीं मुख्यमंत्री व पूर्व सांसद के साथ-साथ यूपी जैसे विशाल राज्य में पहली बार 'कानून द्वारा कानून का सख़्त राज' के तहत् पूरी तरह से सर्वसमाज-हितैषी 'सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय' की बेहतरीन सरकार देने के कारण 'आयरन लेडी' बनी बहन कु. मायावती जी द्वारा, आगामी विधानसभा आमचुनाव की तैयारियों के तहत् दिनांक 24 मई सन् 2026 को यूपी की बड़ी बैठक के बाद, आज यहाँ बी.एस.पी. केन्द्रीय कैम्प कार्यालय में बी.एस.पी. उत्तराखण्ड स्टेट यूनिट के सभी प्रमुख पदाधिकारियों की बैठक में उनके ज़मीनी कार्यों व गतिविधियों आदि के सम्बंध में प्रगति रिपोर्ट की गहन समीक्षा की गयी।
प्राप्त फीडबैक को काफी कुछ संतोषजनक पाये जाने के बावजूद पार्टी प्रमुख मा. बहनजी ने चुनावी तैयारियों को और भी अधिक बेहतर बनाने पर बल दिया ताकि विरोधी पार्टियों व सरकारों की नये-नये राजनीतिक एवं चुनावी हथकण्डों का सही से मुकाबला करके चुनाव में अच्छा रिज़ल्ट हासिल किया जा सके। साथ ही, उत्तर प्रदेश की तरह उत्तराखण्ड राज्य में भी बी.एस.पी. उम्मीदवारों के चयन में पूरा एहतियात बरतने के दिशा-निर्देश पर अमल करने के साथ-साथ वर्तमान सरकार में उपेक्षा व असुरक्षा के शिकार हो रहे लोगों को पार्टी स्तर पर व उनके उम्मीदवारों के चयन में भी विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया।
बैठक में मा. बहनजी ने कहा कि उत्तराखण्ड जब अलग राज्य नहीं बना था तब उस क्षेत्र के विरुद्ध राजनीतिक व विकास सम्बंधी उपेक्षा/ भेदभाव आदि की शिकायतें आम थी, लेकिन बी.एस.पी. की सरकार बनते ही उत्तराखण्ड के लोगों की उन शिकायतों को दूर करने का जनहित व जनकल्याण के भरपूर व ईमानदार प्रयास किया गया और इस क्रम प्रशासनिक सुधार व लोगों को उनके द्वार पर न्याय दिलाने के उद्देश्य से कई नये जिलों व तहसीलों आदि की स्थापना सहित अनेकों और भी प्रशासनिक व्यवस्था की गयी, जिन कार्यों को लोग भूले नहीं है बल्कि उन्हें याद रखे हुये हैं।
इन बातों के साथ-साथ पार्टी की छोटी-छोटी बैठकों आदि के माध्यम से दलितों, आदिवासियों, अन्य पिछड़ों एवं मुस्लिम व अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों पर आधारित 'बहुजन समाज' तथा अपरकास्ट समाज के गरीबों आदि में, उत्तर प्रदेश के लोगों की तरह ही, सत्ता की मास्टर चाबी प्राप्त करके शासक वर्ग / हुकमरान जमात बनने की ललक पैदा करना है ताकि परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के मानवतावादी कारवाँ को मंजिल तक पहुँचाया जा सके। इसके लिये तन, मन व धन का सहयोग ज़रूरी है तभी इसका सुखदायी फल मिलेगा, क्योंकि बी.एस.पी. ही एकमात्र ऐसी विशेष पहचान वाली पार्टी है जो बड़े-बड़े पूंजीपतियों व धन्नासेठों आदि के धनबल पर आधारित ना तो राजनीति करती है और ना ही उनके इशारों पर चलकर पार्टी व सरकार चलाती है बल्कि केवल जनहित व जनकल्याण पर ही ध्यान केन्द्रित करके चलती है, जो कि सर्वविदित है।
जारीकर्ताः-बी.एस.पी. यूपी स्टेट कार्यालय, 12 माल एवेन्यू, लखनऊ