02/05/2026
कानपुर के हृदय रोग संस्थान ने रचा चिकित्सा क्षेत्र में नया इतिहास
77 वर्षीय बुजुर्ग मरीज के दिल में बिना चीरफाड़ दुनिया का सबसे छोटा वायरलेस कैप्सूल पेसमेकर लगाया गया। मरीज की धड़कन बेहद कम हो चुकी थी और नसों में ब्लॉकेज के कारण पारंपरिक पेसमेकर लगाना संभव नहीं था।
ऐसी गंभीर स्थिति में वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. अवधेश शर्मा और डॉक्टरों की टीम ने आधुनिक तकनीक का सहारा लेते हुए पैर की नस के जरिए कैप्सूल पेसमेकर को दिल तक पहुंचाया। इस प्रक्रिया में न चीरा लगा, न टांके आए और मरीज को नई जिंदगी मिल गई।
सबसे बड़ी बात यह रही कि 15 से 20 लाख रुपये तक की यह तकनीक मरीज को सरकारी योजना के तहत निशुल्क उपलब्ध कराई गई।
यह सिर्फ एक सफल इलाज नहीं, बल्कि सरकारी चिकित्सा व्यवस्था, आधुनिक तकनीक और डॉक्टरों की विशेषज्ञता का शानदार उदाहरण है।
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