13/12/2025
जहूर मिस्त्री की मौत वाली ख़बर तो सबने पढ़ी होगी। धुरंधर रिलीज़ होने के बाद यह और भी दिलचस्प हो जाता है कि कंधार हाइजैक और संसद हमले में शामिल इस शख़्स को 22 साल बाद कैसे ढूंढा गया—जबकि वह अपना नाम, पता, चेहरा, सबकुछ बदलकर आराम से ज़िन्दगी बिता रहा था।
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती।
पाकिस्तान में पिछले कुछ वर्षों में लगातार एक ही पैटर्न देखने को मिला—
दो अनजान लोग आते हैं, 20 सेकेंड में काम पूरा करते हैं और हवा में धुआँ बनकर गायब।
ना पहचान, ना कोई तस्वीर, ना कोई सुराग।
अगर इसे ऑपरेशन धुरंधर का हिस्सा कह दें, तो इसकी एक झलक देखिए—कब, कहाँ और कैसे कौन ढेर हुआ:
▪️ जहीर मिस्त्री – 1999 IC-814 हाइजैक में आरोपी।
1 मार्च 2022, कराची में अज्ञात हमलावरों ने गोली मारी। तस्वीर लेकर पहचान भी पुष्टि की गई।
▪️ रिपुदमन सिंह मलिक – 1985 एयर इंडिया बॉम्बिंग केस से जुड़ा नाम।
14 जुलाई 2022, सरे (कनाडा) में गोली मारकर हत्या।
▪️ मोहम्मद लाल – ISI ऑपरेटर।
19 सितम्बर 2022, नेपाल में मार गिराया गया।
▪️ हरविंदर सिंह संधू – 2021 पंजाब पुलिस HQ RPG हमले में शामिल।
पाकिस्तान में छिपा था; नवंबर 2022 में एक अस्पताल में ‘नशे की ओवरडोज़’ का शिकार बताया गया।
▪️ बशीर अहमद पीर – हिज्बुल मुजाहिदीन कमांडर।
20 फरवरी 2023, रावलपिंडी में ढेर।
▪️ सैयद खालिद रज़ा – अल-बदर कमांडर।
27 फरवरी 2023, कराची में अपने घर के बाहर मारा गया।
▪️ सैयद नूर शलोबार – आतंकी कमांडर।
5 मार्च 2023, बाड़ा (खैबर पख्तूनख्वा) में खत्म।
▪️ परमजीत सिंह पंवार – खालिस्तानी कमांडो फोर्स प्रमुख।
6 मई 2023, जोहर (पाकिस्तान) में ढेर किया गया।
▪️ अवतार सिंह खांडा – KLF प्रमुख, विस्फोटक विशेषज्ञ, लंदन भारतीय उच्चायोग हमले का मास्टरमाइंड।
16 जून 2023, बर्मिंघम (UK) में ‘संदिग्ध ज़हर’ से मौत।
▪️ हरदीप सिंह निज्जर – KTF प्रमुख।
19 जून 2023, ब्रिटिश कोलंबिया में गुरुद्वारे के बाहर मार गिराया गया।
•गुरपतवंत सिंह पन्नू सबसे जाना माना खालिस्तानी आतंकवादी ,फिर यही वह मिस ‘हिट’ था जिसमें पहली बार भारतीय इंटेलिजेंस का दबाव दुनिया को दिखा क्योंकि यह व्यक्ति भागकर बच गया,यहीं से कनाडा-भारत-अमेरिका इंटेलिजेंस संबंधों में तनाव आएं, और कनाडा ने अमेरिका के जरिए भारत के एक एजेंट की तस्वीर उजागर करवा दी।
पर इन सबके पार, इन सबके पीछे, कहीं दूर अंधेरी परछाइयों में कुछ लोग हैं, जो न नाम चाहते हैं न पहचान।
वे बस माँ भारती की रक्षा के लिए
अपनी जान दाँव पर लगाकर
चुपचाप अपना धर्म निभा रहे हैं।उनकी वीरता की कहानी उतना ही मौन रहती है,जितना गहरा उनका राष्ट्रप्रेम है।
क्योंकि वे जानते हैं,मातृभूमि की सुरक्षा ही सबसे बड़ा सम्मान है।