05/02/2026
संवेदनशील खाकी..
मैनपुरी के बिछवां थानाध्यक्ष आशीष दुबे के मोबाइल फोन पर देर रात अचानक एक कॉल आया कि एक दिव्यांग महिला को किसी ट्रक ने टक्कर मार दी है।
घटना की सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष तुरंत मौके पर गए और देखा कि महिला पैरों से दिव्यांग है और सड़क किनारे बैठी रो रही थीं। थानाध्यक्ष आशीष दुबे ने महिला से पूछा कि कहीं चोट लगी है ?
तो महिला ने बताया कि चोट तो बहुत हल्की लगी है लेकिन..
जब रोने का कारण पूछा..तब बताया कि मैं और मेरे पति, दोनों लोग दिव्यांग हैं। हम चाय का ठेला लगाकर जीवन यापन कर रहे हैं। ट्रक की टक्कर से रिक्शा का पहिया टेड़ा हो गया है, ट्रक वाला हमारा नुकसान करके चला गया।
दिव्यांग महिला के आंसुओं ने खाकी में छुपे एसओ साहब के दिल को हिला दिया। उन्होंने महिला को आश्वस्त किया की 'आप रोइए मत, ईश्वर का धन्यवाद करिये कि आपको ज्यादा चोट नहीं आयी है, आप सकुशल हो बाकी रिक्शा की टेंशन न लो, इसे कल मैं ठीक करवा दूँगा।
एसो साहब ने अपनी गाड़ी में ही उनकी ट्राइसाइकिल को रखवा कर, महिला को कुछ मेडिसिन दिलवाईं औऱ उन्हें उनके पति के पास खुद छोड़ कर आए।
खाकी में धड़कते दिल को सलाम!❣️