07/02/2026
इस बार असल जिंदगी में ऐन मौके पर धोखा खाने वाली स्मृति मंदाना को क्रिकेट के फील्ड पर एलिस पैरी ने भी ऐन मौके पर ही धोखा दिया था। सेल्यूट है क्वीन स्मृति मंदाना को जिन्होंने इतनी उठक पटक के बावजूद और ऐन मौके पर धोखा खाने के बाद भी अपने असल लक्ष्य से ध्यान बिल्कुल भी नहीं भटकने दिया और जो कुछ भी रीयल लाइफ में हुआ उसकी छाया तक क्रिकेट की फील्ड पर न आने दिया। ,
जिन्होंने जहां तक साथ दिया उसका वहां तक शुक्रिया किया और जो साथ छोड़कर चले गए उनका भी शुक्रिया करते हुए क्वीन स्मृति मंदाना ने इतिहास रच दिया है। स्मृति मंदाना के प्रति सम्मान और ज्यादा बढ़ गया है क्योंकि उन्होंने उन लोगों को गलत साबित करके दिखाया है जो लोग कहते हैं कि टूटा हुआ इंसान हार जाता है और वह डिप्रेशन अथवा नशे का शिकार हो जाता है।
पिछली बार जब रॉयल चैलेंजर बैंगलुरू महिला टीम ट्रॉफी जीती थी तो एक विदेशी खिलाड़ी एलिस पैरी का योगदान बहुत ज्यादा था। इस बार स्मृति मंदाना को उस विदेशी खिलाड़ी ने भी ऐन मौके पर ही आकर पूरी तरह धोखा दिया जब एलिस पैरी ने इस सीजन से पीछे हटने का फैसला किया था। जब एलिस पैरी हटीं तो सबको लगा कि रॉयल चैलेंजर बैंगलुरू महिला टीम का खेल खत्म हो गया है लेकिन स्मृति मंदाना कुछ अलग ही सोच रखीं थीं।
फाइनल मुकाबले में 204 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए रॉयल चैलेंजर बैंगलुरू महिला टीम की कप्तान स्मृति मंदाना ने जिस तूफानी अंदाज में बल्लेबाजी की उसकी पूरी दुनिया दीवानी हो गई है। स्मृति मंदाना की यह सफलता उन तमाम लोगों के लिए एक प्रेरणा स्रोत है जो धोखा खाने के बाद टूट जाते हैं। क्वीन स्मृति आगे भी यूं ही चमकती रहें यही हर भारतीय क्रिकेट प्रेमी की दुआ है।