Poetess Poonam Mishra

Poetess Poonam Mishra ❤ पीर की संवेदनाओं का, गीत है रस वेदनाओं का ❤ Poonam made literature her life and devoted herself completely to literature.

Poonam Mishra, the young poetess of Lucknow, poetess Poonam Mishra is now going to do research (PhD In the last few days, Poonam, who has earned her name in the whole country with her Hindi & Urdu poetry, has done many honors and has recited her poetry in many states. Poonam, who came to Lucknow from district Siddharth Nagar village Chanraiya, made a mark for herself in the whole country with her talent and ability.

"सबसे लंबा सफ़र...प्रेम के बाद स्वयं तक लौटने का होता है!!"अज्ञात ✍️
15/06/2026

"सबसे लंबा सफ़र...
प्रेम के बाद स्वयं तक लौटने का होता है!!"

अज्ञात ✍️

14/06/2026

Poonam Mishra |

कभी-कभी मैं सोचती हूँ,आख़िर तुम बदल गए, या फिर मैं तुम्हें कभी जान ही नहीं पाई?तुम वही हो न, जो कहते थे कि मुझसे बात करन...
13/06/2026

कभी-कभी मैं सोचती हूँ,
आख़िर तुम बदल गए, या फिर मैं तुम्हें कभी जान ही नहीं पाई?

तुम वही हो न, जो कहते थे कि मुझसे बात करना तुम्हें अच्छा लगता है। जिससे बात करते हुए रातें छोटी पड़ जाया करती थीं,
जिसकी एक आवाज़ दिन भर के शोर में भी सुकून बनकर उतरती थी।

तुम्हारे मैसेज बार-बार आते थे,
सिर्फ़ इतना पूछने के लिए—

"तुम ठीक हो न?"

और आज यह हाल है कि तुमने हर रास्ता बंद कर दिया है,जहाँ से मैं तुम्हारा हाल पूछ सकूँ।
यहाँ तक कि अपनी ख़ामोशी में भी मुझे कोई जगह नहीं दी।

आख़िर ऐसा क्या बदल गया कि जो कभी मेरी उदासी पढ़ लिया करता था, वह आज मेरी मौजूदगी तक से अनजान हो गया?

ऐसा क्या हो गया कि आज तुम्हारी ख़ामोशी मेरे हज़ारों शब्दों से भी भारी हो गई?

कभी मेरी हँसी में तुम्हें अपनी ख़ुशी मिलती थी,
आज मेरे आँसू भी तुम तक नहीं पहुँचते।
कभी मेरे बिना एक दिन अधूरा लगता था,
और आज मेरी मौजूदगी या ग़ैरमौजूदगी,
दोनों से तुम्हें कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता।

तुम वही हो न, जो पूछा करते थे....
"तुम्हारा मन नहीं करता क्या मुझसे बात करने का?"

मैंने यादों की बुझी हुई राख में कई बार उत्तर तलाशे हैं।
उन अधूरे लम्हों में भी तुम्हारी वापसी की आहट सुनी है....
मगर हर बार हथेलियों में सिर्फ़ शून्य आया, और आँखों में एक अनकहा दर्द।

अब जब तुम्हारा नाम दिल में एक टीस बनकर उभरता है, तो एक प्रश्न मेरी रूह तक को भिगो जाता है...

आख़िर तुम बदल गए,

या...फिर जिसे मैं अपना समझती रही, वह तुम कभी थे ही नहीं...
और मैं एक ऐसा ख़्वाब देखती रही, जो मेरी आँखों में तो था, मगर हक़ीक़त में कभी था ही नहीं।

और शायद सबसे कठिन सच यही था...

कि मैं जिस रिश्ते को जी रही थी,
वह सिर्फ़ मेरे भीतर साँस ले रहा था।
मैं उसे अपनी हक़ीक़त समझती रही, और वह...
मेरी ज़िंदगी का हिस्सा होकर भी कभी मेरा था ही नहीं।

© Poonam Mishra ✍🏻

बस यूँ ही...🙏😊

12/06/2026

Dr Kumar Vishwas | Poonam Mishra







"बिनु हरि कृपा मिलहिं नहिं संता।"ईश्वर की असीम अनुकम्पा जब बरसती है, तब जीवन में कुछ ऐसे क्षण उतरते हैं जो केवल स्मृतिया...
10/06/2026

"बिनु हरि कृपा मिलहिं नहिं संता।"

ईश्वर की असीम अनुकम्पा जब बरसती है, तब जीवन में कुछ ऐसे क्षण उतरते हैं जो केवल स्मृतियाँ नहीं, अपितु सौभाग्य बन जाते हैं।

युगकवि आदरणीय सर, पद्मश्री महान व्यंग्यकार सर एवं वीर रस के हिमालय आदरणीय दादा के करकमलों से यह सम्मान प्राप्त करना मेरे लिए ऐसा ही एक अनुपम, अविस्मरणीय और शब्दातीत क्षण है।

इस गौरवपूर्ण पल के लिए प्रभु के प्रति कृतज्ञ हूँ। यह सम्मान मेरे लिए केवल एक उपलब्धि नहीं, बल्कि प्रेरणा, आशीर्वाद और साहित्य-साधना के पथ पर आगे बढ़ने का संबल है...🙏😊💐🥰

अभिव्यंजना–5... मेरे लिए केवल एक साहित्यिक आयोजन नहीं था, यह एक ऐसा पारिवारिक उत्सव था जिसे मैं जीवन भर अपने हृदय में सँ...
10/06/2026

अभिव्यंजना–5... मेरे लिए केवल एक साहित्यिक आयोजन नहीं था, यह एक ऐसा पारिवारिक उत्सव था जिसे मैं जीवन भर अपने हृदय में सँजोकर रखूँगी।

के तत्वावधान में आयोजित इस विराट आयोजन में युगकवि , युग वक्ता आदरणीय सर का संरक्षण प्राप्त हुआ। सबसे भावुक कर देने वाला दृश्य था—कुमार सर का घंटों खड़े होकर हम युवा कवियों को सुनना, हमारी रचनाओं को समझना और कविता की बारीकियों पर मार्गदर्शन देना। इसी तरह ओज के हिमालय आदरणीय .hariompawar दादा का यह कहना कि "मैं सभी कवियों को सुनना चाहता हूँ", और युवा रचनाकारों से उनकी पुस्तकें माँगकर उन्हें पढ़ने की इच्छा व्यक्त करना, हम सबके लिए किसी आशीर्वाद से कम नहीं था।

महान व्यंग्यकार पद्मश्री विभूषित आदरणीय सर का आशीर्वाद प्राप्त होना, आदरणीय दादा, आदरणीय भैया, मेरे प्रिय गीतकार आदरणीय भैया एवं भैया सहित हिंदी कविता के अनेक श्रेष्ठ हस्ताक्षरों के समक्ष काव्यपाठ करने का सौभाग्य मिला। देशभर से आए लगभग चार सौ कवियों के बीच स्वयं को खड़ा पाना ही एक अविस्मरणीय अनुभव था।

देश की सुप्रसिद्ध कवयित्री दीदी का हर बार की तरह आत्मीयता से मिलना हमेशा की तरह मन को छू गया। वहीं सुमधुर कंठ की धनी देश की लाडली कवयित्री आदरणीया दीदी का स्नेह और अपनापन शब्दों से परे है। रात के ढाई बजे तक जागकर उन्होंने मेरी कविताएँ सुनीं, हमें समय दिया, सुझाव दिए और ऐसा स्नेह दिया कि लगा ही नहीं हम पहली बार मिल रहे हैं। उनका सहज, विनम्र और जमीन से जुड़ा व्यक्तित्व हमेशा स्मरण रहेगा। दीदी की पुत्री प्यारी से मिलकर भी मुझे बहुत अच्छा लगा।

इस आयोजन को सफल बनाने के लिए आदरणीय Sharma भैया, एवं जी को निरंतर दौड़ते-भागते देखा। उनके समर्पण ने समझाया कि बड़े आयोजन केवल मंच पर नहीं, बल्कि पर्दे के पीछे किए गए अथक परिश्रम से सफल होते हैं। आप के अथक प्रयासों को मैं प्रणाम करती हूं एवं सफल आयोजन की हार्दिक शुभकामनाएं..💐🙏

07/06/2026

कुछ क्षण केवल स्मृतियाँ नहीं बनते, वे जीवन भर का संबल बन जाते हैं...🙏🥹❤️

युग कवि, युग वक्ता आदरणीय Dr. Kumar Vishwas सर, महान व्यंग्यकार आदरणीय Ashok Chakradhar जी एवं वीर रस के हिमालय हरिओम पंवार जी एवं अन्य वरिष्ठ साहित्यकारों के स्नेह, आशीर्वाद और मंच से मिली सराहना मेरे लिए किसी स्वप्न जैसा है...मेरी प्रस्तुति पर मिली सराहना ने विश्वास को और दृढ़ किया है कि शब्द तभी सार्थक होते हैं जब वे हृदय तक पहुँचें। आदरणीय आदरणीय कुशल कौशल भैया का हृदय से आभार व्यक्त करती हूँ जिनके कारण ये संभव हो पाया...💐🙏
एवं उन सभी का बहुत आभार जिनके प्रेम, मार्गदर्शन और शुभकामनाओं ने इस यात्रा को सुंदर बनाया। 🙏❤️



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