18/10/2026
Dhruv Rathee आपसे यह उम्मीद नहीं थी!
ब्रिटेन (UK) में हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शनों और हिंसा पर जहाँ पूरी दुनिया की नज़रें टिकी हैं, वहीं डिजिटल मीडिया के बड़े चेहरों की खामोशी या उनका एकतरफा विश्लेषण कई सवाल खड़े करता है। इस वीडियो में हम बात करेंगे कि ध्रुव राठी के हालिया वीडियो/स्टैंड में क्या खामियां हैं और कैसे संवेदनशील मुद्दों पर चुनिंदा रिपोर्टिंग निष्पक्ष पत्रकारिता के सिद्धांतों को प्रभावित करती है।
इस वीडियो में देखिए:
UK प्रदर्शनों की जमीनी हकीकत क्या है?
ध्रुव राठी के विश्लेषण में कौन-से तथ्य छूट गए?
क्या निष्पक्ष पत्रकारिता में 'सिलेक्टिव नैरेटिव' सही है?
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