21/01/2026
राजेंद्र शर्मा✍️ Rajendra Sharma की वॉल से कॉपी
लानत है ऐसे माननीयों पर, जब रक्षक ही भक्षक बन जाए तो सिस्टम को बर्बाद होते देर नहीं लगती।
एक बेरोजगार दिन-रात मेहनत करता है, यह सोचकर कि एक दिन उसे उसकी मेहनत का फल अवश्य मिलेगा।
परंतु बड़े लोगों की सह से कभी पेपर आउट से एवं कभी OMR सीट में नम्बर बढ़ाकर उस प्रतिभा का गला घोंटने का कार्य करने वाले कर्मचारियों लानत है।
एक तरफ नकल रोकने के नाम पर कभी अभ्यर्थियों के जिले परिवर्तन करते हो,वस्त्र,आभूषण,जूते एवं चपल से सम्बंधित नियम बनाने के ढ़ोंग रचते हो एवं दूसरी तरफ बड़े स्तर पर ऐसी घोटालेबाजी .......आखिर कब तक?
मेरी सिस्टम से अपील है आप आवेदन शुल्क, बस यात्रा फ्री की हमदर्दी छोड़ो उससे अभ्यर्थी परेशान नहीं है,आप उनके हक का पद किसी दूसरे को ना दे।
मैं SOG में कार्यरत पूरी टीम का एक ईमानदार अभ्यर्थी होने के नाते आभार प्रकट करता हूँ कि आप पैसों पर नहीं बिके एवं आपने भ्रष्ट सिस्टम की पोल खोली।
गत 10 वर्षों में जितनी परीक्षाएं आजोजित हुई है उन सबका पोस्टमार्टम होना चाहिए एवं जो फर्जी भर्ती हुए है उन्हें बाहर निकालकर वास्तविक हकदारों को उनका हक देना चाहिए।
जो कर्मचारी ऐसा अपराध करते है उन्हें बेरोजगारों के सपनों की हत्या के नाम पर सीधी फाँसी की सजा होनी चाहिए, और ऐसा वही लोग कर सकते है जिन्होंने शायद स्वयं भी सरकारी पद इसी तरह बेईमानी से प्राप्त किया हो क्योंकि मेहनत से पद प्राप्त करने वाला कभी इस रास्ते पर तो नहीं जाएगा।
मेहनत करने वाले युवाओं के लिए दिल में बहुत पीड़ा है,आप पेपर होते ही फोन करके पूछते हो सर इतने आ रहे है हो जाएगा क्या?
आप टॉपर हो यदि ये भ्रष्ट लोग ऐसा घिनोना खेल ना खेले।
ऊपर जाती मैरिट का कारण आपके सामने है....
लिखने को बहुत कुछ है,पर इतना ही
राजेंद्र शर्मा✍️