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ब्याज पर रुपए कर्ज देने वाले के खिलाफ कार्रवाई शुरु.बिहार पुलिस ने कैमूर में सूदखोर लक्ष्मण शाह को किया गिरफ्तार : कैमूर...
25/12/2025

ब्याज पर रुपए कर्ज देने वाले के खिलाफ कार्रवाई शुरु.बिहार पुलिस ने कैमूर में सूदखोर लक्ष्मण शाह को किया गिरफ्तार : कैमूर एसपी हरिमोहन शुक्ला ने बताया कि कैमूर पुलिस ने जिले में सूदखोरी के एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है. गिरफ्तार आरोपी कुदरा थाना क्षेत्र के निवासी लक्ष्मण साह के पास से पुलिस ने 245 ब्लैंक चेक, 39 जमीन के कागजात, 3 डायरी, एक लाख 70 हजार कैश और 1,754 किलो ग्राम चांदी बरामद किया है. पुलिस के मुताबिक आरोपी, पीड़ित से असल के बदले चार गुना ब्याज वसूलता था.

रामानुजन टैलेंट सर्च टेस्ट में सत्यम बना जिला टॉपर शिक्षकों ने दी बधाईहरलाखी से दीपक कुमार की रिपोर्ट मधुबनी जिले के हरल...
23/12/2025

रामानुजन टैलेंट सर्च टेस्ट में सत्यम बना जिला टॉपर शिक्षकों ने दी बधाई

हरलाखी से दीपक कुमार की रिपोर्ट

मधुबनी जिले के हरलाखी प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय जिरौल का आठवीं कक्षा का छात्र सत्यम कुमार ने श्रीनिवास रामानुजन टैलेंट सर्च टेस्ट में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए जिला में प्रथम स्थान लाकर जिला टॉपर बनने का गौरव प्राप्त किया है। यह प्रतियोगिता बिहार विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के तत्वावधान में विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, बिहार सरकार द्वारा आयोजित की जाती है। प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक एवं गणितीय प्रतिभा की पहचान कर उन्हें प्रोत्साहित करना है। सत्यम की इस उपलब्धि पर विद्यालय व सिग्मा कोचिंग सेंटर परिवार में हर्ष का माहौल है। कोचिंग के निदेशक रौशन कुमार महतो ने कहा कि सत्यम का सफलता सतत मार्गदर्शन, उसके कठिन परिश्रम का फल है। वही इस सफलता पर सत्यम के मामा इंजीनयर मनोज कुमार गुप्ता के बताया कि सत्यम बचपन से ही मेधावी छात्र है। पढ़ने लिखने में उसकी काफी दिलचस्पी है। इसलिए पूरा परिवार उसे पढ़ाई लिखाई में सहयोग करता है। यह सफलता सत्यम का मेहनत, सिग्मा कोचिंग शिक्षकों के समर्पण और विद्यालय की शैक्षणिक प्रतिबद्धता का परिणाम है। वही सत्यम इस सफलता का श्रेय अपने माता पिता व मामा सहित अपने गुरुजनों को दिया। मंच से उन्हें सम्मान मिलने पर विद्यालय, कोचिंग और गांव के लोगों में खुशी का माहौल है।

23/12/2025

भूमि विवाद को लेकर दो पक्षों में मार #पीट मामला साहरघाट थाना क्षेत्र के बसवरिया गांव का है

बिस्फी थाना में पदस्थापित डायल 112 के होमगार्ड को पत्रकार राकेश कुमार के द्वारा रंगे हाथों पकड़े जाने के मामले में औंसी ...
23/12/2025

बिस्फी थाना में पदस्थापित डायल 112 के होमगार्ड को पत्रकार राकेश कुमार के द्वारा रंगे हाथों पकड़े जाने के मामले में औंसी थाना पुलिस के द्वारा गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। #बिस्फी

23/12/2025

उच्चैठ भगवती स्थान में पार्किंग स्थल का उद्घाटन

23/12/2025

Topper,s English & art classes,
न्यू बैच की शुरुआत हो चुकी है,Benipatt
#बेनीपट्टी

23/12/2025

किसानों के साथ बहुत ही अन्याय किया गया और साथ में सभी सरकारी पैरों को सरेआम काट दिया गया बेखौफ होकर

22/12/2025

चोरों का आ #तंक गृह स्वामी परेशान रात्रि गश्ती की लगा रही है बेनीपट्टी पुलिस से गुहार
#बेनीपट्टी

22/12/2025

डायल 112 के स्टाफ शराब के साथ धराया आया
मधुबनी जिला के बिस्फी थाना में है पद स्थापित

22/12/2025

बेनीपट्टी प्रखंड के त्योंथ पंचायत के चहुटा गांव में आज भी लोग नर्क के जिंदगी जी रहा है #बेनीपट्टी

21/12/2025

बांग्लादेश में हिंदू युवक की बेरहमी से ह #त्या,

पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक़ उल्ला ख़ान और रोशन सिंह का बलिदान दिवसभारतीय स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास वीरों के त्या...
19/12/2025

पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक़ उल्ला ख़ान और रोशन सिंह का बलिदान दिवस

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास वीरों के त्याग, साहस और राष्ट्रभक्ति से भरा पड़ा है। 19 दिसंबर 1927 का दिन ऐसा ही एक स्वर्णिम लेकिन अत्यंत पीड़ादायक अध्याय है, जब तीन महान क्रांतिकारियों—पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक़ उल्ला ख़ान और रोशन सिंह—ने देश की आज़ादी के लिए हँसते-हँसते फाँसी का फंदा चूम लिया। यह दिन उनके अद्वितीय बलिदान को स्मरण करने और उनसे प्रेरणा लेने का अवसर है।

पंडित राम प्रसाद बिस्मिल एक महान कवि, लेखक और क्रांतिकारी थे। वे हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन (HRA) के प्रमुख स्तंभों में से एक थे। उनकी रचनाएँ—जैसे “सरफ़रोशी की तमन्ना”—युवाओं के दिलों में देशभक्ति की ज्वाला प्रज्वलित करती थीं। बिस्मिल जी का जीवन सादगी, साहस और दृढ़ संकल्प का प्रतीक था। उन्होंने अंग्रेज़ी शासन की अन्यायपूर्ण नीतियों के विरुद्ध सशस्त्र संघर्ष को आवश्यक समझा और काकोरी कांड की योजना में अग्रणी भूमिका निभाई।

अशफाक़ उल्ला ख़ान, बिस्मिल जी के अभिन्न मित्र और सहयोद्धा थे। वे गहरे धार्मिक होते हुए भी सच्चे अर्थों में राष्ट्रवादी थे। हिंदू-मुस्लिम एकता उनके व्यक्तित्व की पहचान थी। अशफाक़ उल्ला ख़ान ने यह सिद्ध कर दिया कि भारत की आज़ादी का संघर्ष किसी एक धर्म या वर्ग का नहीं, बल्कि पूरे देश का था। फाँसी से पहले भी उन्होंने देश के प्रति अपनी निष्ठा और अपने मित्र बिस्मिल के प्रति प्रेम को बड़े गर्व के साथ व्यक्त किया। उनका बलिदान आज भी आपसी भाईचारे और एकता का संदेश देता है।

रोशन सिंह अपेक्षाकृत कम चर्चित लेकिन उतने ही साहसी क्रांतिकारी थे। वे भी काकोरी कांड में सम्मिलित थे और अंग्रेज़ों के विरुद्ध संघर्ष में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। कठोर यातनाओं और लंबी कैद के बावजूद उनका मनोबल नहीं टूटा। अंततः उन्होंने भी देश के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।

काकोरी कांड (1925) का उद्देश्य ब्रिटिश सरकार के खजाने को लूटकर क्रांतिकारी गतिविधियों के लिए धन जुटाना था। यह घटना अंग्रेज़ी हुकूमत के लिए एक बड़ी चुनौती बनी। परिणामस्वरूप, कठोर मुकदमे चलाए गए और इन वीरों को फाँसी की सज़ा सुनाई गई। 19 दिसंबर 1927 को गोरखपुर, फैज़ाबाद और इलाहाबाद की जेलों में क्रमशः बिस्मिल, अशफाक़ और रोशन सिंह को फाँसी दी गई।

इन तीनों शहीदों का बलिदान भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा और ऊर्जा देने वाला सिद्ध हुआ। उनका जीवन हमें सिखाता है कि देशप्रेम, साहस, त्याग और एकता के बल पर ही कोई राष्ट्र स्वतंत्र और सशक्त बनता है। बलिदान दिवस पर उन्हें नमन करते हुए यह संकल्प लेना चाहिए कि हम उनके सपनों का भारत—न्यायपूर्ण, एकजुट और स्वाभिमानी—बनाने के लिए सदैव प्रयत्नशील रहेंगे।

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