18/06/2026
🔥सूत्रों से प्राप्त जानकारी के आधार पर लिखी गई यह जानकारी🔥
💥तख़्त की उम्र होती है मगर किरदार अमर रहते हैं
जो लोग दिलों में बसते हैं वो कभी बेअसर नहीं रहते हैं💥
🔥प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी है या हलाकू खान का तख़्त सेक्युलर दलों के गले की हड्डी बनी यह सियासत
👉दुनिया में एक से बढ़कर एक ज़ालिम बादशाह गुज़रे मगर बादशाहत का दौर भी गुज़र गया आज कुछ सियासी लोग खुद को बादशाह समझकर बैठे हैं लेकिन कुर्सी जाने के डर और काबिलियत की कमी ने एक ऐसी पार्टी को जो कभी सत्ता के करीब रहने का दावा करती थी आज तक एक विधायक तक तैयार नहीं करने दिया कहा जाता है कि अपनी कुर्सी बचाने के लिए जिसने भी खतरा महसूस किया उसे या तो पार्टी से बाहर कर दिया गया या फिर इतना मायूस कर दिया गया कि वह किनारे हो गया कुछ लोग मजबूरी में पार्टी को ढो रहे हैं और बहुत से लोग पार्टी से निकलकर अलग हो चुके हैं मगर पार्टी से मोहब्बत रखने वाले आज भी इंतज़ार में हैं कि जब यह दौर बदलेगा तो वही लोग फिर से इस पार्टी को मजबूत बनाने का काम करेंगे
ऐसे लोगों की एक लंबी फेहरिस्त है जिन्हें पार्टी से बाहर किया गया या किनारे कर दिया गया जिनमें कुछ नाम इस तरह हैं कलीम जामई, गुफरान नूर, नाजिम अली, सलीम त्यागी, इरफान पठान, इशरत खान, आसिफ चौधरी, मुस्तफा अली, सलमान हाशमी, रेहान खान, शादाब सफीक, नाजिम शाही, मंसूर अख्तर संजरी, उमर शोएब, एहतेशाम अली बाबर, नजमा फातिमा, रिया सिद्दीकी, परवेज कादरी, इस्लाम खान, आतिफ मुबीन राका, बब्बे प्रतापगढ़
और ऐसे सैकड़ों नाम हैं जिन्हें अपनी कुर्सी बचाने की सियासत में कुर्बान कर दिया गया
कुर्सियां आती-जाती हैं मगर इतिहास गवाह रहता है जो हक़ के लिए खड़े रहते हैं उनका नाम हमेशा ज़िंदा रहता है
💥नोट:💥 यह लेख विभिन्न सूत्रों सार्वजनिक चर्चाओं और प्राप्त जानकारियों के आधार पर लिखा गया है इसमें व्यक्त विचार उपलब्ध सूचनाओं पर आधारित हैं जिनकी स्वतंत्र पुष्टि का दावा नहीं किया जाता💥
Asaduddin Owaisi Shaukat Ali AIMIM Uttar Pradesh AIMIM Uttar Pradesh Head Office