Manoj kumar

Manoj kumar �iuqalaab zindabaad � i dare to question the system which is almost dead

हमारे क्रांतिकारियों को भुलाना असंभव है; भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव जी से हमें जीवन के संघर्षों के लिए प्रेरणा प्राप्त ...
10/06/2026

हमारे क्रांतिकारियों को भुलाना असंभव है; भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव जी से हमें जीवन के संघर्षों के लिए प्रेरणा प्राप्त होती है, भले ही हमें उनसे कुछ प्राप्त न हुआ हो... इंकलाब ज़िंदाबाद

29/05/2026

“देश की आज़ादी के लिए हँसते-हँसते बलिदान देने वालेअमर शहीद Sukhdev Thapar जी की जयंती परशत-शत नमन।” 🇮🇳🇮🇳🇮🇳
15/05/2026

“देश की आज़ादी के लिए हँसते-हँसते बलिदान देने वाले
अमर शहीद Sukhdev Thapar जी की जयंती पर
शत-शत नमन।” 🇮🇳🇮🇳🇮🇳

14/05/2026

समाज को सब पता है कौन किससे मिल रहा कौन किसके साथ घूम रहा किसकी बेटी किसके साथ जा रही लेकिन समाज को ये नहीं पता कि किसके यहां खाना नहीं बना किसके बाप की दवा नहीं हुई गरीबी के कारण किसके बेटी की पढ़ाई छूट गई गरीबी के कारण

12/05/2026

Thankful

मिटा दे अपनी हस्ती को अगर कुछ मर्तबा चाहिए,कि दाना ख़ाक में मिलकर गुल-ए-गुलज़ार होता है।”⚔️ शौर्य, स्वाभिमान और बलिदान क...
09/05/2026

मिटा दे अपनी हस्ती को अगर कुछ मर्तबा चाहिए,
कि दाना ख़ाक में मिलकर गुल-ए-गुलज़ार होता है।”
⚔️ शौर्य, स्वाभिमान और बलिदान की अमर पहचान —
Maharana Pratap को शत-शत नमन।
“जिसका सिर कभी झुका नहीं,
वो मेवाड़ का महाराणा था।” 👑🔥

गमछा गांव की शान हैजिम्मेदारी की पहचान है। बाक़ी बतायेंगे कि गमछे के क्या उपयोग हैं? गांव में गमछा सिर्फ कपड़ा नहीं... प...
06/05/2026

गमछा गांव की शान है

जिम्मेदारी की पहचान है। बाक़ी बतायेंगे कि गमछे के क्या उपयोग हैं? गांव में गमछा सिर्फ कपड़ा नहीं... पूरा "मल्टीटूल" होता है पास गमछा नहीं, समझो वो आधा तैयार ही नहीं निकला

जिसके

धूप लगी?

सिर पर डालो, AC फ्री

पसीना आया? - तुरंत पोछो, नेचुरल टिशू

बैठने की जगह गंदी?

बिछाओ और राजा बन जाओ

अचानक दावत मिल गई? हाथ धोकर यही बन गया नैपकिन

नहाने जाओ? - तौलिया भी यही

धूल उड़ रही ? – मुंह पर बांधो, मास्क तैयार

कहीं भी लेट जाओ तकिया, चादर सब सेट

खेत-खलिहान में कभी रस्सी, कभी थैला भी बन जाता है सबसे बड़ा फायदा, एक छोर में पूड़ी बूंदी बाँध लो दूसरे से मुँह पोछ लो।

और

स्टाइल ऐसा कि शहर वाले भी कॉपी करें...?

गमछा = जरूरत + जुगाड़ स्वैग

#गमछा

जय हिन्द जय भारत

II less

“कभी-कभी सब कुछ ठीक लगते हुए भी,अंदर से इंसान पूरी तरह बिखर चुका होता है…”
06/05/2026

“कभी-कभी सब कुछ ठीक लगते हुए भी,
अंदर से इंसान पूरी तरह बिखर चुका होता है…”

“नास्तिक होना फैशन नहीं… सच को स्वीकार करने की हिम्मत है।”👉 “मैं भगवान से नहीं… अंधविश्वास से सवाल करता हूँ।”👉 “डर से पै...
02/05/2026

“नास्तिक होना फैशन नहीं… सच को स्वीकार करने की हिम्मत है।”
👉 “मैं भगवान से नहीं… अंधविश्वास से सवाल करता हूँ।”
👉 “डर से पैदा हुआ विश्वास… और सोच से पैदा हुई नास्तिकता—फर्क समझो।”
👉 “इंसान की पहचान उसके कर्म से होती है, पूजा से नहीं।”
👉 “मैं चुप नहीं रहूँगा… चाहे सच भगवान के खिलाफ ही क्यों न हो।”
👉 “भीड़ भगवान के पीछे चलती है… सोचने वाला सच के पीछे।”
👉 “नास्तिक हूँ… क्योंकि मैंने सवाल करना सीखा है।”
👉 “सही के लिए खड़ा होना ही असली पूजा है।”
👉 “मंदिर या मस्जिद नहीं… इंसानियत मेरी पहचान है।”
👉 “मैं झुकता नहीं… मैं सोचता हूँ।”

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