15/08/2026
15 अगस्त का दिन आया, भारत माँ का पर्व सुहाया।
आज़ादी का जश्न मनाने, जन-जन का मन हर्षाया॥
वीर शहीदों की कुर्बानी, हमको याद दिलाती है।
उनकी पावन त्याग-कथाएँ, देशभक्ति जगाती हैं॥
लाल किले पर तिरंगा प्यारा, गर्व से आज फहराता है।
केसरिया, सफेद और हरा, मन में नव उल्लास जगाता है॥
सारे जहाँ से अच्छा अपना, हिन्दुस्तान हमारा है।
इसकी मिट्ठी, इसकी नदियाँ, हमको प्राणों से प्यारा है॥
विविधता में एकता ही, इसकी सच्ची पहचान है।
हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, सब इसकी ही शान हैं॥
सत्य और अहिंसा के बल पर, बापू ने अलख जगाई थी।
अंग्रेज़ों की हुकूमत को, इस धरती से मिटाई थी॥
चंद्रशेखर, भगत, सुभाष का, बलदानी इतिहास यहाँ।
हर युवा के दिल में बहती, क्रांति की नई प्यास यहाँ॥
आज़ादी का यह पावन दिन, कर्तव्य हमें बतलाता है।
देश हित में जीने का, एक नया संकल्प दिलाता है॥
आओ मिलकर कसम यह खाएँ, देश का मान बढ़ाएँगे।
भ्रष्टाचार और बुराई को, जड़ से आज मिटाएँगे॥
जय हिंद और जय भारत के, नारों से आकाश गूँजे।
रहे तिरंगा ऊँचा अपना, भारत माँ के चरण पूजें॥