17/07/2026
जो सरकारी लाइनमैन बिना 100 ,50 लिए खम्बे का एक तार तक नही जोड़ता।
जो सरकारी लेखपाल (पटवारी, तहसीलदार आदि) बिना कुछ लिए आपके खेत नही नापता
जो बैंक मैनेजर बिना कुछ प्रतिशत लिए एक लोन नही पास करता।
जो सरकारी डॉक्टर सरकारी अस्पताल पर बैठने के बजाय अपने क्लीनिक पर मिलेगा।
जबकि इन्ही सब कामों के लिए उनको बकायदा तनख्वाह मिलती है, कैशलेज इलाज मिलता है,ट्रेन पास मिलता है,30 EL मिलती है,दूसरे शनिवार को अवकाश मिलता है।
वही लोग आज शिक्षकों को हराम का खाने वाला कह रहे हैं जबकि शिक्षक पढ़ाने के लिए एक रुपया भी किसी से नही लेता जिसके लिए उसकी नियुक्ति हुई है। और अन्य विभागों के काम भी एक शिक्षक करता है!बल्कि वह अपनी तरफ से ही बच्चों को कुछ न कुछ देता रहता है कभी पेंसिल कभी कॉपी तो कभी कुछ।
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