02/03/2026
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🌸🌿 दीनी संस्थानों के संरक्षण और विकास के लिए विशेष सहयोग की अपील 🌿🌸
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🌺 दारुल उ़लूम अनवारे मुस्तफ़ा, सेहलाऊ शरीफ़ की तामीर व तरक़्क़ी में अहले-ख़ैर का तआ़वुन निहायत ज़रूरी 🌺
✍️ लेखक: मुहम्मद शमीम अहमद नूरी मिस्बाही
🕌 ख़ादिम: दारुल उ़लूम अनवारे मुस्तफ़ा सेहलाऊ शरीफ़, बाड़मेर (राजस्थान)
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अल्हम्दुलिल्लाह! दीने मतीन व मज़हबे मुहज़्ज़ब इस्लाम की सरसब्ज़ व शादाब तालीमात, मस्जिदों व मदरसों की रौनक़ों और उ़ल्मा-ए-किराम की मसाई-ए-जमीला की बदौलत आज भी उम्मते मुस्लिमा रुश्द व हिदायत के नूर से मुनव्वर है। ये दीनी इदारे इस्लामी अक़दार के मुहाफ़िज़ और दीन व सुन्नियत की तर्वीज व इशाअ़त का ज़रिया हैं। इनके ज़रिए नई नस्ल के दिलों व ज़ेहनों में इश्क़े मुस्तफ़ा ﷺ की शमअ़ रोशन होती है, क़ुरआन व हदीस की बरकतैं तक़सीम की जाती हैं और इस्लामी तहज़ीब व तमद्दुन को महफ़ूज़ रखा जाता है।
यह हक़ीक़त किसी से पोशीदा नहीं कि दौरे हाज़िर में माद्दा-परस्ती, दीन-बेज़ारी और रूहानी ज़वाल की वजह से बहुत से दीनी इदारे मुश्किलात का शिकार हो रहे हैं। ऐसे हालात में दीनी मदरसों की देख-रेख और मुआ़विनत(मदद) हर दर्देदिल रखने वाले मुसलमान पर फ़र्ज़े किफ़ाया की हैसियत रखती है। ख़ास तौर पर माहे रमज़ानुल मुबारक में, जो कि सख़ावत, ख़ैरात और नेकियों के अजर व सवाब के कई गुना बढ़ने का महीना है, हमें इन दीनी क़िलों की हिफ़ाज़त के लिए आगे बढ़ना होगा।
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🌿 इलाक़ा-ए- थार में दीन व सुन्नियत का अ़ज़ीम क़िला 🌿
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मग़रिबी राजस्थान, बिलख़ुसूस इलाक़ा-ए- थार, अपनी मख़्सूस जुग़राफ़ियाई, समाजी और सक़ाफ़ती हैसियत के बावजूद दीन व सुन्नियत के तहफ़्फ़ुज़ के हवाले से एक तारीखी पसमंज़र रखता है। यहाँ के बाशिंदे अपनी मज़हबी ग़ैरत व हमिय्यत के लिए मशहूर हैं, मगर इल्मे दीन की रौशनी को हर सू आ़म करने के लिए एक मुनज़्ज़म और मज़बूत दीनी इदारे की ज़रूरत हमेशा महसूस की गई।
अल्हम्दुलिल्लाह! इसी ज़रूरत को महसूस करते हुए दारुल उ़लूम अनवारे मुस्तफ़ा सेहलाऊ शरीफ़ की बुनियाद रखी गई, जो आज इस ख़ित्ते में अहले-सुन्नत व जमाअ़त के अ़ज़ीम इल्मी व रूहानी मरकज़ के तौर पर अपनी पहचान रखता है। इस इदारे ने बेशुमार हुफ्फ़ाज़, उ़ल्मा,क़ुर्रा और मुबल्लिग़ीन की एक कहकशाँ तैयार की है, जो मुख़्तलिफ़ बिलाद व अम्सार और मवाज़आ़त(इलाक़ों) में दीने मतीन की इशाअ़त में मशग़ूल हैं।
यह दीनी दर्सगाह न सिर्फ़ क़ुरआन व हदीस की रौशनी को आ़म कर रही है, बल्कि अफ़कारे अहले-सुन्नत व जमाअ़त, इश्क़े मुस्तफ़ा ﷺ और सच्चे इस्लामी अक़ायद की तर्वीज़ का भी एक मुस्तहकम क़िला है। यहाँ के उ़ल्मा व मशाइख़ न सिर्फ़ दर्स व तदरीस के ज़रिए दीने हक़ का पैग़ाम पहुँचा रहे हैं, बल्कि अ़मली तौर पर भी इस्लाहे उम्मत के फ़रीज़े को अंजाम दे रहे हैं।
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🌺 अहले-ख़ैर हज़रात से ख़ुसूसी अपील 🌺
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नूरुल उ़ल्मा पीरे तरीक़त हज़रत अ़ल्लामा अल्हाज सय्यद नूरुल्लाह शाह बुख़ारी मद्दज़िल्लहुल-आ़ली की जानिब से तमाम अहले-ख़ैर हज़रात, आशिक़ाने रसूल ﷺ और दर्दमंद मुसलमानों से ख़ुसूसी अपील है कि वह इस माहे मुक़द्दस में दीनी इदारों की किफ़ालत और मुआ़विनत के जज़्बे को मज़ीद तक़वियत दें। ख़ास तौर पर दारुल उ़लूम अनवारे मुस्तफ़ा सेहलाऊ शरीफ़ जैसे अ़ज़ीम इदारे की माली मुआ़विनत(मदद) में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लें।
यह इदारा अपने महदूद वसाइल के बावजूद दीन व सुन्नियत की शमअ़ को रोशन किए हुए है, मगर यह भी एक हक़ीक़त है कि दीनी मदरसे अ़वाम के तआ़वुन के बग़ैर अपनी ख़िदमात जारी नहीं रख सकते। यह आपकी ज़कात, सदक़ात, अ़तिय्यात और दीगर माली इमदाद के ज़रिए ही अपनी तालीमी सरगर्मियों को जारी रख सकते हैं।
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🌙 मदद का बेहतरीन वक़्त: माहे रमज़ानुल मुबारक 🌙
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यही वह मुबारक महीना है जिसमें अल्लाह तआ़ला अपने बंदों को बे-हिसाब नवाज़ता है। यही वह वक़्त है जब अल्लाह की राह में ख़र्च किए जाने वाले एक रुपया का अज्र कई गुना बढ़ा दिया जाता है। इसलिए ख़ुश-नसीब हैं वह लोग जो अपनी दौलत को दीनी इदारों की बक़ा और तर्वीज़ में लगाते हैं, क्योंकि यही अस्ल सरमाया है जो आख़िरत में निजात का ज़रिया बनेगा।
याद रखिए! दीनी मदरसों की बक़ा दरहक़ीक़त उम्मते मुस्लिमा की बक़ा है। इन इदारों के दर-व-दीवार से टकराने वाली सदाएँ आने वाली नस्लों को ईमान व अ़मल की रौशनी अ़ता करती हैं। लिहाज़ा आइए! हम सब मिलकर दारुल उ़लूम अनवारे मुस्तफ़ा सेहलाऊ शरीफ़, बाड़मेर की तरक़्क़ी व इस्तिहकाम के लिए भरपूर तआ़वुन करें और अपनी ज़कात, सदक़ात, फ़ित्राना और अतिय्यात का बेहतरीन मसर्फ़ इसे बनाएँ।
अल्लाह तआ़ला हमें अपनी दौलत को दीन व सुन्नियत की ख़िदमत में ख़र्च करने की तौफ़ीक़ अ़ता फ़रमाए और इस अ़ज़ीम ख़िदमत के बदले हमें दुनिया व आख़िरत में बे-हिसाब अज्र अ़ता फ़रमाए। आमीन बिजाहि सैय्यिदिल मुरसलीन ﷺ।
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🌸🌿 جزاکم اللہ خیراً 🌿🌸
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🕌
दारुल उ़लूम अनवारे मुस्तफा
दरगाह हज़रत पीर सय्यद हाजी आ़लीशाह बुखारी
पच्छमाई नगर, सेहलाऊ शरीफ़,पो: गरडिया, ज़िला: बाड़मेर (राजस्थान)
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DARUL ULOOM ANWARE MUSTAFA, PACHHMAI NAGAR
P/O: GARDIA, TAHSIL: RAMSAR, DIST: BARMER (RAJASTHAN)
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💳 BANK DETAILS
🔹 Account No: 2621000100017222
IFSC: PUNB0262100
🔹 Account No: 2646293808
IFSC: KKBK0003711
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PhonePe द्वारा सीधे तआ़वुन के लिए: 8769449786
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