15/09/2025
**“Majhwad की धरती से शुरू हुआ सफ़र हमारा,
बरसों से बना ये रिश्ता प्यारा।
आज प्रदीप भारद्वाज जी को सम्मान देकर,
गर्व से भर उठा हर दिल हमारा।
कवि भी, खिलाड़ी भी—प्रेरणा जिनकी पहचान,
यादों में उनका रहेगा सदा स्थान।
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हमारे साथी, हमारी यादों की धरोहर,
मित्रता, अपनत्व और सीख का अमर दस्तावेज़।
आज उसी सफ़र का एक पड़ाव है—
जहाँ हम सबने मिलकर
अपने प्रिय प्रदीप भारद्वाज जी को सम्मान दिया,
जिन्होंने अगस्त की संध्या पर
सेवानिवृत्ति के साथ एक नया अध्याय शुरू किया।
कविता जिनकी साँसों में है,
खेल जिनकी रगों में बहता है,
ऐसे प्रेरणास्रोत को प्रणाम है—
जो सदा हमारे दिलों में रहेंगे।
हाँ, इस मिलन की पूर्णता अधूरी रही—
क्योंकि पूजा Ma’am, अंजू Ma’am,
निहाल Sir और हमारे बड़े भाई
सतीश Pathania Sir की अनुपस्थिति
गहराई से खली।
आप सबके बिना ये पल अधूरा रहा,
दिल से कहा—“Miss you all.”
यह सिर्फ़ एक लंच पार्टी नहीं,
बल्कि रिश्तों की वो डोर है
जो हर मिलन के बाद
और मज़बूत होती जाती है।