14/08/2026
नई दिल्ली में अपनी माटी और अपने लोगों की आवाज़ रखने का अवसर
दो दिवसीय रचनात्मक कार्यक्रम के दौरान दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय शीला दीक्षित जी की पोती एवं सामाजिक कार्यकर्ता तारा दीक्षित जी से मुलाक़ात और संवाद का अवसर मिला।
तारा जी लगातार महिलाओं के सम्मान, अधिकार और उनके साथ होने वाले उत्पीड़न के मुद्दों को मजबूती से उठाती हैं और देशभर के सामाजिक संगठनों की आवाज़ को प्रतिनिधित्व देने का कार्य कर रही हैं।
इस दौरान मैंने अपने क्षेत्र मंडला के वनांचल एवं बैगा बहुल इलाकों में आदिवासी महिलाओं की समस्याओं, स्वास्थ्य सुविधाओं की लापरवाही के कारण जान गंवाने वाले बच्चों, शिक्षा की स्थिति, जर्जर स्कूल भवनों और बच्चों को मिलने वाले पोषण आहार जैसे गंभीर विषयों को उनके सामने रखा।
मैंने केवल अपनी बात रखने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अखबारों की कटिंग और सोशल मीडिया पर उपलब्ध प्रमाणित वीडियो के माध्यम से अपने क्षेत्र की जमीनी हकीकत सामने रखने का प्रयास किया।
मेरी बातों को गंभीरता से सुना गया।
यह मुलाक़ात मेरे लिए केवल एक संवाद नहीं, बल्कि मंडला के आदिवासी अंचल की आवाज़ को दिल्ली तक पहुँचाने का एक प्रयास है।
हमारे गांवों की समस्याएं सिर्फ खबरें नहीं हैं—
ये हमारे लोगों की जिंदगी, अधिकार और भविष्य से जुड़ी हुई हकीकत हैं।
आवाज़ उठती रहेगी…
मंडला की आवाज़, आदिवासी अंचल की आवाज़। ✊🌿
Tara DixitRachnatmak Aejaj KhanDilip GuhaSantosh Ranu HardahaBhayankar Kumar BosePRO Jansampark MandlaAabobooo balaghatJay Johar