07/12/2025
बमुश्किल एक सप्ताह पहले मन्दसौर जिले के मल्हारगढ़ का पुलिस थाना देश के नौ और प्रदेश में टॉप थानों में शामिल हुआ। ये न केवल मल्हारगढ़ बल्कि पूरे जिले और प्रदेश के लिए गौरव की बात थी। सभी ने मल्हारगढ़ थाने की पुलिसिंग की सराहना भी की, मीडिया ने भी प्रमुखता से खबरें प्रकाशित की। लेकिन सप्ताहभर बाद ही हाईकोर्ट में चल रहे NDPS केस में जो कोर्ट की प्रतिक्रिया आई उसने सबको चौंका दिया।
खैर फर्जी केस बनना कोई नई बात नहीं है, खुद मन्दसौर एसपी ने कुछ दिनों पूर्व ही दो पुलिसकर्मियों को फर्जी केस बनाने के मामले में निलंबित किया है। लेकिन उत्कृष्ट थाने में भी ऐसा हो सकता है ये बहुत बड़ी और विचारणीय बात है।
हाईकोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि पूरे थाने की मिलीभगत लग रही है, एसपी खुद आकर हकीकत बताएं। वैसे मंदसौर एसपी विनोद मीना खुद फर्जी केस बनाने के मामले में सख्त है। उन्होंने कई पुलिसकर्मियों को अब तक दंडित भी किया है। लेकिन बड़ा सवाल ये है कि क्या केवल एसपी की ही जिम्मेदारी है फर्जी प्रकरण रोकने की, आखिर क्यों नौजवानों युवाओं और किसानों के जीवन को बर्बाद करने का काम किया जा रहा है?
- Dainik Bhaskar
✍️ Yogesh R Porwal