08/07/2025
आओ दिशाहीन समाज को सही दिशा दे, सही मार्गदर्शन करे, समाज के प्रति कर्तव्य निभाए - अनिल सुभाष, पूर्व अधिवक्ता सुप्रीमकोर्ट (65 वर्ष)
56, 62, 65, साल की रिटायर लडकियाँ / महिलाये कुंवारी जो वर की तैलाश में है (6-7-25 का अमर उजाला, 8-6-25 का दैनिक हिनुस्तान, मेरठ का देखे) | मात्र 5 रु. के बैंगन पर तलाक, 8 लाख खर्च करके 1.80 करोड़ की लडकी वालो की मांग | नीले ड्रम वाली हत्या या प्रेमी से हनीमून पर कत्ल यह सब यूरोप और अमेरिका के अनुकरण की देन है |
भारत को राजनेता अमेरिका और यूरोप बना रहे है | अमेरिका में 5-5 पति का बीमा कराकर इसलिए मारे गये कि उस पैसे से बूढी महिला अय्याशी कर सके |
सामाजिक, आर्थिक एवं राजनैतिक तीनो क्षेत्र में परिवर्तन चाहिए, करना है |
आप किसी भी जाति के है, किसी भी धर्म के है , किसी भी आयु के है आपके पास यदि थोडा बहुत समय है तो आपका स्वागत है | हम सबको अपना कर्तव्य निभाना है निश्चित ही अच्छे परिणाम आयेंगे | समाज सबका होता है | वसुधैव कुटुम्बकम |
जब तक घरो में पिता की चली कोई लडकी कुंवारी नही रही, अब नौकरी की तैलाश, अपने पैर पर खड़े होने की चाहत ने, नारी व समाज को वर्तमान स्थिति में ला दिया |
वैसे दिशाहीन सम्पूर्ण विश्व है दुनिया में जिस देश का जितना आर्थिक विकास उतनी अधिक वैश्यावृत्ति, बलात्कार और अपराध है | हम हर देश के आंकड़े नही देना चाहते मगर अमेरिका के पेश है जिसकी दुनिया में आबादी 4%है और पुरुष कैदी दुनिया के 22%तथा महिला कैदी दुनिया की 33% अकेले अमेरिका में है| बलात्कार में दुनिया के टॉप देशो में है| ये विकास है तो विनाश क्या होगा ?
नोबेल प्राईज मूर्खो को दिया जाता है - तथाकठित दुनिया का विद्वान अमेरिका जिसके सारे बैंक क्यों फेल हुए और आज भी हो रहे है आज तक वो नहीं जानता क्यों हुए और दुनिया के 600 नोबल प्राइज में से 403 अकेले लिए है |
हम इस योजना में वो पढ़ाएंगे जो कभी किसी को नहीं पढ़ाया जाता ?
जैसे जीवन क्या है ? ग्रहस्थ अनुभव, जीवन में कब-कब क्या क्या जरूरी है ?
माता पिता का कब तक कहना मानने में लाभ है ? क्या जीवन में संत का प्रवेश ग्रहस्थ जीवन के लिए या आपके लिए उपयोगी है | व्यक्ति से विश्व तक की (वसुधैव कुटुम्बकम) के सिद्धांत पर हमारी योजना है जो समाज के सहयोग से पूर्ण होगी |
सुभाष विचार मंच (संस्कृति विभाग) , मेरठ भारत | 8533802598 |
हम आपका समाज सेवा और देश सेवा के लिए स्वागत करते है |
पूरी दुनिया को जो लोग चला रहे है वो न अर्थशास्त्र का ज्ञान रखते और न समाज शास्त्र का | यदि अर्थशास्त्र का ज्ञान होता तो अमेरिका के सारे बैंक फेल न होते | यदि अमेरिका को समाजशास्त्र का ज्ञान होता तो दुनिया में विश्व सुन्दरी प्रतियोगिता न होती | विश्व की सबसे सुंदर वैश्याए तैलाश्ने के लिए ये प्रतियोगिताये दुनिया में होती है | नारी नग्न न घूमती | नारी समाज का आधार होती है | परिवारों में क्लेश इसलिए पैदा कराए जा रहे है जिससे दुनिया मे दोगुना बेरोजगार मिले | यह नारी का विकास है तो विनाश क्या होगा ? सुप्रीमकोर्ट के जज लिविंग का आदेश पारित किये मगर क्या वो अपनी लडकी को लिविंग में देखना चाहेंगे ? सुप्रीमकोर्ट के जज भी देशद्रोह कर रहे है जिसके प्रमाण है |
सही अर्थशास्त्र से दुनिया का 90%अपराध कम किया जा सकता है
- अनिल सुभाष , पूर्व अधिवक्ता सुप्रीमकोर्ट |
समाज स्वत: नही चलता है समाज में संतो की भूमिका समाज का मार्गदर्शन करने की होती है | मगर संत या तो जेल में डाले जाते है या राजनीती के चमचे बने हुए है |
दो शब्दों ने दुनिया में सबसे अधिक कत्लेआम कराया है जिनकी परिभाषा तक दुनिया चलाने वालो के पास नहीं - देश और धर्म |
देश - 825 लोगो का भी देश वैटिकन सिटी है और 140 करोड़ लोगो का भारत भी | यदि देश शब्द की परिभाषा होती तो 825 लोगो का देश नही होता | 10 करोड़ से कम देश नही होना चाहिए था | यदि ऐसा होता तो दुनिया में 20-30 देश होते |
धर्म - धर्म के नाम पर 7 विश्वयुद्ध तो इसाई और इस्लाम के बीच में एक मस्जिद को लेकर हुए और मस्जिद वंही है | एक - एक व्यक्ति के विचार को धर्म बना दिया जबकि एक व्यक्ति सम्पूर्ण ज्ञानी हो नहीं सकता | भारत के अनुसार न्यायपूर्ण आचरण धर्म है |
अब तो यूट्यूब पर सत्य सामने आगया - मै समाज शास्त्र के आधार पर पूरी दुनिया के मुसलमानों से 2 प्रश्न करता हूँ मुझे मानवता की रक्षा हेतु म्रत्यु भी स्वीकार है |
पूरी दुनिया से एक मुस्लिम सामने आये और कहे कि मैंने अपनी 6 साल की बेटी का हाथ 53 साल के बुजुर्ग के हाथ में दिया है ? दूसरा प्रश्न यह है कि एक कुरान एक पैगम्बर वो भी आखिरी, फिर इस्लाम में ही 73 फिरके जो एक दुसरे का कत्ल करने को तैयार है | क्या उसने यही सिखाया ? कैसे पैगम्बर कहा जा सकता है उस व्यक्ति को जो 6 साल की आयशा से 53 साल की में आयु शादी करे ? बुद्धिजीवी मुसलमान सोचे |
कोई कार्य असम्भव नही होता, अच्छे लोग भी हमेशा से है और रहेंगे | आओ इस दुनिया को ठीक करें | (कोई चंदा हमारे संगठन के नाम से अपरिचित को न दे ) जो कार्य करना चाहते है वो अपना मोबाईल न, व समय बताये | जय मानवता | जय हिन्द