19/09/2026
दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव: ABVP ने 4 में से 3 पद जीते, उपाध्यक्ष पर निर्दलीय दीपांशु शौकीन की जीत
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव 2026 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने चार केंद्रीय पदों में से तीन पर जीत दर्ज की है। अध्यक्ष पद पर ABVP के यश डबास, सचिव पद पर रिया छाबड़ी और संयुक्त सचिव पद पर लक्ष्य राज सिंह विजयी रहे। सबसे बड़ा उलटफेर उपाध्यक्ष पद पर हुआ, जहां निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने जीत दर्ज की। कांग्रेस समर्थित NSUI चार केंद्रीय पदों में से कोई पद नहीं जीत सकी।
अध्यक्ष पद पर मुकाबला बेहद दिलचस्प रहा। मुख्य मुकाबला ABVP के यश डबास और NSUI के विजय शंकर मीणा के बीच था। मतगणना के अलग-अलग राउंड में दोनों आगे-पीछे होते रहे। 10वें राउंड के बाद विजय शंकर मीणा 494 वोट से आगे थे, जबकि 16वें राउंड तक यश डबास ने वापसी करते हुए 18,786 वोट हासिल कर लिए थे और विजय शंकर मीणा 18,707 पर थे—उस समय अंतर केवल 79 वोट रह गया था। बाद की रिपोर्ट में यश डबास को विजेता घोषित किया गया।
उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय दीपांशु शौकीन ने शुरू से बड़ी बढ़त बनाई। 16वें राउंड तक दीपांशु को 24,943 वोट मिल चुके थे, जबकि ABVP के ईशू मौर्य 12,739 और NSUI के वीर चतरथ 3,496 वोट पर थे। अंतिम नतीजे में दीपांशु शौकीन विजयी घोषित हुए।
सचिव पद पर ABVP की रिया छाबड़ी ने बढ़त बनाए रखी और आखिरकार जीत दर्ज की। 16वें राउंड तक उनके 16,145 वोट थे, जबकि NSUI की नम्रता चौधरी को 12,223 वोट मिले थे।
संयुक्त सचिव पद पर मुकाबला काफी करीबी रहा। मतगणना के दौरान NSUI के गोपाल चौधरी और SCS के विशेष यादव भी अलग-अलग चरणों में मजबूत स्थिति में रहे। 16वें राउंड तक गोपाल चौधरी 12,647, विशेष यादव 12,638 और ABVP के लक्ष्य राज सिंह 12,435 वोट पर थे। बाद की फाइनल रिपोर्ट में लक्ष्य राज सिंह को विजेता घोषित किया गया।
मतदान कितना हुआ?
DUSU चुनाव के लिए 18 सितंबर को मतदान हुआ था। दिल्ली विश्वविद्यालय के 52 मतदान केंद्रों पर वोट डाले गए और कुल मतदान 40.46% दर्ज किया गया। 1.51 लाख से अधिक विद्यार्थी मतदान के पात्र थे। मतदान सुबह और शाम की दो पालियों में कराया गया था।
चुनाव में केंद्रीय पैनल के चार पदों के लिए ABVP, NSUI और AISA-SFI गठबंधन सहित विभिन्न संगठनों और निर्दलीय प्रत्याशियों ने मैदान में ताल ठोकी थी। अध्यक्ष पद पर प्रमुख चेहरे यश डबास (ABVP), विजय शंकर मीणा (NSUI) और अनन्या रतूड़ी (AISA-SFI) थे।
इस बार चुनाव प्रचार भी विवादों में रहा। दिल्ली हाईकोर्ट ने चुनाव प्रचार के दौरान नियम उल्लंघन, हिंसा और तोड़फोड़ से जुड़े मामलों पर सख्त रुख अपनाते हुए 140 उम्मीदवारों को नोटिस जारी किया और परिणाम के बाद विजय जुलूस निकालने पर रोक लगा दी थी।