02/07/2026
बरसो पुराने विवाद, किचन गार्डन पार्किंग पर लगा पूर्ण विराम
जिला कलेक्टर के निर्देश पर अतिक्रमण मुक्त हुई पार्किंग की जमीन
विओसी न्यूज़/ सिरोही: आज दिनांक 2 जुलाई की अल-सुबह जब शहर में खामोशी छाई थी, अचानक ही सुबह करीब 5 बजे, बुलडोजरों की दहाड़ ने वादियों को नींद से जागने पर मजबूर कर दिया| नगरपालिका कार्यालय से बुलडोजर, ट्रेक्टर, कर्मचारी, अधिकारी, भारी संख्या में पुलिस-बल, आरऐसी जवानो का जखीरा, मुख्य बाजार मार्ग पर स्तिथ किचन गार्डन की और निकल पड़ा| किचन गार्डन लगभग दशको से विवादों में रहा, कभी किसी समय में तत्कालीन प्रशासन ने, सड़क मार्ग पर बैठे ठेले वालो को, अस्थाई रूप से पार्किंग में जगह दी, उसी जगह पर, समय रहते, उनका निस्तारण करने में असफल नगरपलिका के उदासीन रवैये ने, ठेला व्यापारियों के हौसले बुलंद किये, और पार्किंग में स्थाई रूप से कब्जा जमा लिया| यदा कदा जब पालिका प्रशासन इन्हें जगह खाली करने पर बाध्य करने लगा, तो ठेला व्यापारियों ने उच्च-न्यायालय की शरण ली, और पार्किंग जमीन पर अस्थाई स्टे ऑर्डर लाया गया| इस बीच ठेला व्यापारियों ने स्थाई व्यापार करने के लिए प्रशासन और न्यायालय से जगह के बदले जगह की मांग की | तत्कालीन प्रशासन द्वारा उन्हें अशोक वाटिका में विस्थापित करने का प्रस्ताव भी रखा, पर ठेला व्यापारियों की आपसी वैचारिक असमानता के कारण, ये प्रस्ताव, ये कह कर ठुकरा दिया की, दी जाने वाली जगह मार्किट से दूर है, जबकि अशोक वाटिका, सनसेट रोड के मुख्य मार्ग पर ही है, जहा पर्यटक की पहुच बहुत आसन है| इसी बिच ठेला-व्यापारियों की संख्या भी दिन ब दिन बढती गई, एक ही परिवार के लोगो ने गाँवो से अपने रिश्तेदारों को बुला कर, ठेले लगाने शुरू कर दिए, इस तरह कई लोग आबू पर्वत से निचे के गाँवो से यहाँ आकर बस गए, और सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर के दूकान- मकान बना कर रहने लग गए| इन लोगो को स्थानीय राजनितिक लोगो का भरपूर सहयोग मिला, ये फलने फूलने लगे | कुछ लोग तो नगरपालिका चुनाव जित कर पार्षद भी बन गये|
वेंडरो की आपसी फुट, ने किया प्रशासन का काम आसन
2018 में बनी वेंडर सूची, बनी गले फांस
वेंडरो का एक धडा जो बीते कई सालो से संघर्ष के रहा था, नये वेंडरो के आने और उनके सहयोग नहीं करने से असहाय हो गया | और उसने इस लड़ाई से अपने हाथ पीछे खिंच लिए| नये वेंडरो ने पालिका के कुछ भ्रष्ट कर्मचारियों से मिलीभगत करके, समय समय पर अपना कब्जा बचाए रखा | सन 2018 में नगरपालिका और वेंडर समिति के सदस्यों की सहमती से समस्त आबू पर्वत, नगरपालिका क्षेत्र से 142 लोगो की एक सूचि तैयार की गई, जिन्हें उचित जगह पर स्थापित किया जा सके | ये सूची लोगो की आर्थिक स्तिथि को ध्यान में रख कर बनाई गई थी | पर तत्कालीन समय में जगह की अस्पष्टता और कुछ वेंडर्स की जिद और अड़ियल रवैये ने मामले को रफा दफा करने पर मजबूर कर दिया | अंजाम ये सामने आया कि, समय के साथ 142 वेंडर्स, आज करीब 2000 से ऊपर संख्या पार कर गए| सूत्रों से जानकारी प्राप्त हुई की, जिला प्रशासन 2018 की सूचि के आधार पर, उन लोगो को चिन्हित करेगी, जिनकी आर्थिक स्तिथि सही नहीं है, उन्हें उचित स्थान पर सशर्त, नियमानुसार स्थापित करेगी |
सर्वोच न्यायालय के आदेशो की पालना के लिए कटिबद्ध जिला-प्रशासन
जिले भर में चलेगा अतिक्रमण हटाने का कार्यक्रम, माउंट आबू नहीं अछुता
माननीय सर्वोच्च न्यायालय और माननीय उच्च न्यायालय के पूर्व आदेशनुसार, मुख्य मार्ग बाधित करने वालो, सरकारी भूमि पर अतिक्रमण करने वालो और बिना अनुमति के अवैध निर्माण करने वालो पर, आने वाले समय में गाज गिरना तय है| माउंट आबू में पिछले करीब पांच सालो में भरपूर अवैध निर्माण हुए, जिसमे कई लोगो के निर्माण कार्यो पर तीन से चार बार तत्कालीन उपखंड अधिकारयो ने सख्त कार्यवाही भी की थी, इन बीते सालो में उसी जगह पर कई मंजिला इमारते, मास्टर प्लान और बाईलोज के विरुद्ध बन गई| कई धुरंधरो ने बाकायदा प्रशासन से अपनी रहवास स्थान पर रिपेरिंग की अनुमति लेकर निर्माण कर दिया और व्यापारिक गतिविधिया शुरू कर दी | जहाँ मध्यमवर्गीय और गरीब वर्ग आज भी कतार में है, बड़े व्यवसाइयो ने ब्लैक में निर्माण सामग्री खरीद कर अपने होटल खड़े कर दिए | इन दिनों जिला प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने की इस मुहीम के संकेत और मुड कुछ बड़े इशारे भी कर रहे है | पिछले दिनों होटल के दस्तावेज दिखाने के नाम पर हुए हंगामे की गूंज और उसकी तड़फ भी बहुत कुछ बयां कर रही है |
अतिक्रमण हटाने पर आम जन की प्रतिक्रिया
ज्यादातार लोग कार्यवाही से संतुष्ट, कुछ नाखुश
जिला कलेक्टर आईएएस रोहिताश्व सिंह तोमर के निर्देश पर ओर माउंट आबू उपखंड अधिकारी आईएएस डॉ अन्शुप्रिया के मार्गदर्शन में लगातार हो रही अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही जो अब तक बस स्टेशन से नक्की लेक तक, अधरदेवी जी मंदिर मार्किट, किचन गार्डन और ब्र्हमाकुमारी म्यूजियम के सामने फ़ूड मार्किट पर होने वाली कार्यवाही पर आम जनता संतुष्ट नजर आती है, तो कुछ नाखुश, इसका उदहारण स्पस्ट है की अब तक कोई विरोध आमजन या स्थानीय नेताओ द्वारा दर्ज नहीं हुआ है | आबू पर्वत में यह पहली बार दर्शित हुआ कि, बुलडोजर कार्यवाही निष्पक्ष हुई, क्या नेता, क्या व्यापारी, क्या मठ मंदिर और क्या आमजन, सभी पर कार्यवाही समान रूप से हुई | यह पहली बार हुआ की प्रदेश में सता पक्ष के नेता भी कार्यवाही पर चुप्पी साधे रहे |
मल्टी स्टोरी पार्किंग का रास्ता हुआ साफ़, मिलेगा अत्याधुनिक पार्किंग
सरकारी स्कुल की जगह पर पार्किंग बनाने का सपना हुआ ध्वस्त
किचन गार्डन के अतिक्रमण मुक्त होने के बाद, पार्किंग समस्या का काफी हद तक निवारण होने में मदद मिलेगी | बरसो से ऑफ सीजन में भी पर्यटक पार्किग के अभाव में सड़क किनारे ही वाहन खड़ा करके, नक्की झील जाते थे, जिससे ट्राफिक जाम की स्तिथि बन जाती थी | ऊपर से पर्यटकों को ट्राफिक पुलिस का कोप भी सहना पड़ता था | मल्टी स्टोरी पार्किंग बनने के बाद करीब 200 तक वाहन खड़े करने की सुविधा पर्यटकों को मिल जाएगी | दूसरी और माउंट आबू के कुछ पूंजीपति और नेताओ का सपना भी अतिक्रमण की तर्ज पर ध्वस्त हो गया | इन लोगो को आभास नहीं था कि किचन गार्डन इस तरह मुक्त हो जायेगा | इन लोगो ने जयपुर तक माउंट आबू की एतिहासिक सरकारी स्कुल को शिफ्ट करवा कर, उस जगह पर शोपिंग मॉल और पार्किग बनाने की पुरजोर सिफारिश भी की थी, पर माउंट आबू के जागरूक लोगो ने इसका विरोध प्रदर्शन किया, ज्ञापन भेजे, जिससे कुछ समय के लिए इनका सपना टल गया, पर किचन गार्डन मुक्त हने के साथ ही, इनके सपने भी हमेशा के लिए मुक्त हो गए |