08/06/2026
NEET का तनाव और पेपर लीक की खबरें ले उड़ीं एक जान: अब माता-पिता के हाथों में सिर्फ बेटी का 'आखिरी खत'
मऊगंज/नागपुर:
मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले के एक छोटे से गांव मगनिया में आज सन्नाटा है। डॉक्टर बनकर अपने परिवार की किस्मत बदलने का ख्वाब देखने वाली 18 साल की होनहार बेटी, आकांक्षा चतुर्वेदी अब इस दुनिया में नहीं हैं। नागपुर में रहकर नीट (NEET) की तैयारी कर रही आकांक्षा ने खुदकुशी कर ली। कल तक जो माता-पिता अपनी बेटी के डॉक्टर बनने की राह देख रहे थे, आज उनके कांपते हाथों में बेटी का लिखा एक 'आखिरी खत' है।
आकांक्षा 20 मई को नागपुर में अपने कमरे में मृत पाई गईं। उनके पास से मिले सुसाइड नोट में छिपा दर्द किसी भी संवेदनशील दिल को झकझोरने के लिए काफी है।
"अब दोबारा परीक्षा देने की हिम्मत नहीं..."
अपने हाथ से लिखे आखिरी खत में आकांक्षा ने माता-पिता से माफी मांगते हुए लिखा कि उसे पता था कि उन्हें अपनी बेटी पर पूरा भरोसा था कि वह डॉक्टर बनेगी। लेकिन अब उसमें दोबारा इस कठिन परीक्षा और इसके तनाव का सामना करने का हौसला नहीं बचा है। आकांक्षा को अपनी पहली कोशिश में बहुत अच्छे नंबरों की उम्मीद थी, लेकिन अचानक बदले हालातों ने उसे अपने भविष्य के प्रति पूरी तरह निराश कर दिया था।
आंसुओं में डूबी पिता की मेहनत और कर्ज की रकम
आकांक्षा के पिता कृष्ण कुमार चौबे एक छोटे किसान हैं। बेटी की पढ़ाई और कोचिंग की फीस जुटाने के लिए इस पिता ने जमीन-आसमान एक कर दिया था। उन्होंने न सिर्फ खेती की, बल्कि पैसे कमाने के लिए नागपुर में रसोइये (कुक) का काम भी किया।
परिवार ने बताया कि आकांक्षा की पढ़ाई के लिए किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) से करीब 3 लाख रुपये का कर्ज लिया गया था और कुछ पैसे रिश्तेदारों से भी उधार मांगे गए थे। पूरे परिवार की उम्मीदें आकांक्षा की कामयाबी से बंधी थीं।
उम्मीदों को लील गया पेपर लीक का विवाद
आकांक्षा के चाचा जगदीश प्रसाद चतुर्वेदी ने बताया कि परीक्षा देकर जब आकांक्षा आई थी, तो वह बहुत खुश और आश्वस्त थी। उसने कहा था कि उसके 650 से ज्यादा नंबर आएंगे। लेकिन इसके बाद परीक्षा को लेकर शुरू हुए विवादों और पेपर लीक की खबरों ने उस मासूम को अंदर से तोड़ दिया।
वह गहरे मानसिक तनाव (डिप्रेशन) में चली गई। उसने खाना-पीना लगभग छोड़ दिया था, अपनों से बात करना बंद कर दिया था और वह दिन-रात बस गुमसुम और परेशान रहने लगी थी। इसी तनाव ने आखिरकार एक और होनहार छात्रा को हमसे हमेशा के लिए छीन लिया।