17/01/2026
आप जब भी कुछ पढ़ते हैं, यक़ीनन ज्ञान (या जानकारी या प्रेम - किसी व्यक्ति या किसी भी चीज़ से प्रेम) की मटकी थोड़ी और भरती है, और जब भी आप कुछ लिखते हैं तो दुःख (या बेचैनी या लालसा - किसी तक अपनी जानकारी पहुंचाने की ही सही) की मटकी थोड़ी ज़रूर खाली होती है.
आपको क्या लगता है, बताइएगा 😊
शुभ रात्री
कीर्ति प्रकाश