04/07/2026
अर्चना गुप्ता गैर-इरादतन हत्या मामला: साहेबगंज विधायक राजू कुमार सिंह को 4 साल की सजा, 25 लाख मुआवजा देने का आदेश
करीब साढ़े सात साल पुराने चर्चित डॉ. अर्चना गुप्ता मौत मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बिहार के साहेबगंज से भाजपा विधायक राजू कुमार सिंह को बड़ा झटका दिया है। अदालत ने उन्हें गैर-इरादतन हत्या (Culpable Homicide Not Amounting to Murder) के मामले में 4 साल की साधारण कैद की सजा सुनाई है। साथ ही कोर्ट ने मृतका के परिवार को 25 लाख रुपये मुआवजा देने का भी आदेश दिया है। यदि मुआवजा नहीं दिया जाता है, तो अतिरिक्त 3 महीने की सजा भुगतनी होगी।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला 31 दिसंबर 2018 और 1 जनवरी 2019 की रात का है। दिल्ली के फतेहपुर बेरी स्थित एक फार्महाउस में नए साल के जश्न के दौरान कथित तौर पर हर्ष फायरिंग (Celebratory Firing) की गई। इसी दौरान चली गोली 45 वर्षीय डॉक्टर अर्चना गुप्ता के सिर में जा लगी। गंभीर रूप से घायल डॉ. गुप्ता की कुछ दिनों बाद अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।
कोर्ट ने क्या कहा?
विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने की अदालत ने माना कि आरोपी को यह जानकारी थी कि इस तरह हथियार चलाना किसी की जान ले सकता है। इसी आधार पर उन्हें भारतीय दंड संहिता की धारा 304 भाग-II (गैर-इरादतन हत्या) के तहत दोषी ठहराया गया। अदालत ने आर्म्स एक्ट के तहत भी दोषी मानते हुए 2 महीने की सजा सुनाई, जो मुख्य सजा के साथ चलेगी।
प्रोबेशन की मांग हुई खारिज:-
सजा सुनाए जाने से पहले विधायक की ओर से अदालत से प्रोबेशन (रिहाई में राहत) देने की मांग की गई थी। बचाव पक्ष ने दलील दी कि उनका किसी की हत्या करने का इरादा नहीं था और वे छह बार विधायक रह चुके हैं। लेकिन अदालत ने यह कहते हुए राहत देने से इनकार कर दिया कि हर्ष फायरिंग जैसी घटनाएं समाज के लिए गंभीर खतरा हैं और ऐसे मामलों में नरमी गलत संदेश देगी।
क्या जाएगी विधायकी?:-
भारतीय कानून के अनुसार, यदि किसी विधायक को दो वर्ष या उससे अधिक की सजा होती है, तो उसकी सदस्यता समाप्त हो सकती है। ऐसे में राजू कुमार सिंह की विधानसभा सदस्यता पर संकट गहरा गया है। अंतिम निर्णय संबंधित संवैधानिक और निर्वाचन प्रक्रिया के अनुसार होगा। यदि सीट रिक्त घोषित होती है, तो वहां उपचुनाव कराया जाएगा।