Divyang Newz Bharat

Divyang Newz Bharat “आवाज दिव्यांगांचा, मंच संपूर्ण भारताचा. बातम्या, संधी आणि प्रेरणा – फक्त Divyang News India वर.”

10/06/2026

🔥 मुंबई में अम्मोलभाऊ वालके का भव्य स्वागत! 🔥

♿ दिव्यांगों के हक, सम्मान और अधिकारों की लड़ाई अब पूरे महाराष्ट्र में जनआंदोलन का रूप ले रही है। "36 जिले – 9 महीने – 55 मांगें" अभियान के तहत मुंबई पहुंचे अम्मोलभाऊ वालके का कई स्थानों पर दिव्यांग भाइयों-बहनों और समाज के विभिन्न वर्गों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। 🙏✨

इस अभियान का उद्देश्य राज्यभर के दिव्यांग नागरिकों की समस्याओं और मांगों को सीधे शासन और प्रशासन तक पहुंचाना है। ✔️ दिव्यांग पेंशन ✔️ रोजगार और स्वरोजगार ✔️ शिक्षा और छात्रवृत्ति ✔️ स्वास्थ्य सुविधाएं ✔️ UDID कार्ड और प्रमाणपत्र ✔️ यात्रा छूट और अन्य कल्याणकारी योजनाएं

अम्मोलभाऊ वालके के नेतृत्व में यह अभियान लगातार मजबूत होता जा रहा है और दिव्यांग समाज को एक नई उम्मीद दे रहा है। 💪

💜 *"दिव्यांगों का अधिकार, हमारा संकल्प!"* 🤝 *"न्याय • सम्मान • अधिकार"*

10/06/2026

🔥 गांव-गांव पहुंच रहे अम्मोल वालके! दिव्यांगों के हक की लड़ाई में जुटा एक ऐसा नाम, जिसकी हर तरफ हो रही चर्चा ♿🇮🇳

न एसी की सुविधा, न आराम की चिंता... धूप हो, बारिश हो या तेज हवाएं, लेकिन एक मिशन के साथ अम्मोल वालके लगातार महाराष्ट्र के गांव-गांव पहुंच रहे हैं। 💪

दिव्यांग भाइयों-बहनों की समस्याओं को सुनना, उन्हें शासन-प्रशासन तक पहुंचाना और उनके अधिकारों के लिए आवाज बुलंद करना ही इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है। 📢

महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों में दिव्यांग नागरिकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को समझने और उनके समाधान के लिए प्रयास करने वाली यह मुहिम आज हजारों परिवारों की उम्मीद बन चुकी है। 🤝

जहां-जहां अम्मोल वालके पहुंच रहे हैं, वहां दिव्यांग समाज का उत्साह, समर्थन और विश्वास देखने को मिल रहा है। यह केवल एक अभियान नहीं, बल्कि सम्मान, अधिकार और सशक्तिकरण की दिशा में बढ़ता हुआ एक जनआंदोलन है। ✨

आपके अनुसार दिव्यांग समाज के लिए सबसे जरूरी बदलाव क्या होना चाहिए? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं। 👇

वाढदिवसाच्या खूप खूप शुभेच्छा 🎉You are a real hero 💯समाजसेवेचा खरा आदर्शStay blessed always 🙏Bhau, you are motivation 🔥 ...
27/04/2026

वाढदिवसाच्या खूप खूप शुभेच्छा 🎉
You are a real hero 💯
समाजसेवेचा खरा आदर्श
Stay blessed always 🙏
Bhau, you are motivation 🔥

Ammol D Walkke Ammol D Walkke

14/02/2026

Nagpur Gangrape Case: 15 साल की बच्ची से गैंगरेप, दोस्त ने घर बुलाकर दरिंदों के हवाले किया, महाराष्ट्र हिल गया

महाराष्ट्र के नागपुर से सामने आई यह खबर सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि हमारी सामाजिक और कानूनी व्यवस्था पर एक बड़ा सवाल है। 15 साल की एक नाबालिग बच्ची, जिसने अपने ही दोस्त पर भरोसा किया, उसी भरोसे ने उसे दरिंदों के हवाले कर दिया। नागपुर के नंदनवन इलाके में हुई इस हैवानियत ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। सवाल साफ है क्या हमारी बेटियां अब अपने जान-पहचान वालों के बीच भी सुरक्षित नहीं हैं?

महाराष्ट्र के नागपुर में एक 15 साल की नाबालिग लड़की के साथ गैंग रेप की घटना हुई है। इस घटना ने पूरे नागपुर को हिलाकर रख दिया है। यह घटना 5 फरवरी को नंदनवन पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत आरोपी के घर में हुई। पीड़िता की शिकायत के बाद पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। जबकि दो अन्य नाबालिग आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। इस घटना से शहर में हड़कंप मच गया है और कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।

पुलिस के दी गई जानकारी के मुताबिक, पीड़िता की आरोपी से पहले से पहचान थी। आरोपी ने 4 फरवरी को उसे मिलने के लिए अपने घर बुलाया था। लड़की इस विश्वास के साथ वहां गई कि घर पर आरोपी के परिवार के सदस्य भी मौजूद होंगे, लेकिन 5 फरवरी को जब वह वहां पहुंची तो आरोपी ने पहले उसके साथ जबरदस्ती की। इसके बाद उसके साथ मौजूद दो अन्य नाबालिग आरोपियों ने भी पीड़िता के साथ गलत काम किया।

घटना के बाद डर के कारण पीड़िता ने किसी को कुछ नहीं बताया। बाद में जब परिवार वालों ने उसे विश्वास में लेकर बात की तो उसने पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिवार की शिकायत पर नंदनवन पुलिस स्टेशन में गैंग रेप का मामला दर्ज किया गया और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पीड़िता को काउंसलिंग और सुरक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर नाबालिगों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।

यह घटना हमें झकझोर कर पूछती है कि
क्या हमारी बेटियां अब भरोसे की जगहों पर भी सुरक्षित नहीं हैं? यह सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि समाज और सिस्टम दोनों की असफलता है।

14/02/2026

Devendra Fadnavis और चाणक्य Chandrashekhar Bawankule की बदौलत महाराष्ट्र नगर निकाय चुनाव में BJP की ऐतिहासिक हैट्रिक जीत

महाराष्ट्र की सियासत में आज अगर किसी एक जीत की सबसे ज्यादा चर्चा है, तो वो है भारतीय जनता पार्टी की ऐतिहासिक जीत। नगर परिषद, महानगरपालिका और अब जिला परिषद तीनों स्तरों पर BJP ने लगातार तीसरी बार जीत दर्ज कर यह साबित कर दिया है कि महाराष्ट्र की जनता का भरोसा पूरी मजबूती के साथ भाजपा के साथ है। इस जीत के केंद्र में हैं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और महाराष्ट्र भाजपा के सबसे मजबूत रणनीतिकार, चंद्रशेखर बावनकुले जिन्हें आज महाराष्ट्र की राजनीति का चाणक्य कहा जाए, तो इसमें कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी।

महाराष्ट्र में तीसरे चरण के जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों के नतीजों ने एक बात साफ कर दी है राज्य की राजनीति में आज अगर कोई सबसे मजबूत, संगठित और विश्वसनीय पार्टी है, तो वह है भारतीय जनता पार्टी। नवंबर 2025 में नगर परिषद चुनाव, जनवरी में महानगरपालिका चुनाव और अब फरवरी में जिला परिषद चुनाव तीनों ही चुनावों में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत की हैट्रिक लगाई है।

इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का मजबूत नेतृत्व और चंद्रशेखर बावनकुले की सटीक, ज़मीनी और दूरदर्शी रणनीति रही। बावनकुले ने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत किया, कार्यकर्ताओं में जोश भरा और चुनावी मैनेजमेंट को बिल्कुल चाणक्य नीति की तरह अंजाम दिया।
स्थानीय नेतृत्व और शीर्ष नेतृत्व के बीच जो सेतु बना, उसका सबसे बड़ा श्रेय बावनकुले को जाता है। उन्होंने न सिर्फ अनुशासन कायम रखा, बल्कि हर कार्यकर्ता को यह महसूस कराया कि पार्टी उसके साथ खड़ी है।

देवेंद्र फडणवीस की स्पष्ट राजनीतिक दृष्टि और चंद्रशेखर बावनकुले की रणनीतिक सोच इस जोड़ी ने महाराष्ट्र में भाजपा को एक अजेय चुनावी मशीन में बदल दिया। कई जगहों पर भाजपा की जीत ने विपक्ष को चौंका दिया और यह संदेश साफ चला गया कि महाराष्ट्र का जनादेश भाजपा के विकास मॉडल और नेतृत्व के साथ है।

आज यह जीत सिर्फ सीटों की नहीं, बल्कि मेहनत, संगठन, रणनीति और नेतृत्व पर जनता की मुहर है। और इस जीत के सबसे बड़े शिल्पकार हैं देवेंद्र फडणवीस और महाराष्ट्र की राजनीति के चाणक्य, चंद्रशेखर बावनकुले।

14/02/2026

20 साल बाद घर से बाहर निकले 90% दिव्यांग राजू जोंनवाल, दिव्यांग जनसंवाद से मिली मोटराइज्ड साइकिल

संघर्ष, पीड़ा और उम्मीद… ये सिर्फ शब्द नहीं हैं, बल्कि संभाजीनगर के दिव्यांग राजू जोंनवाल की 20 साल लंबी जिंदगी की सच्चाई है। दोनों पैरों से 90 प्रतिशत दिव्यांग राजू जोंनवाल बीते दो दशकों से घर की चार दीवारों में कैद थे। लेकिन आज उनकी जिंदगी में ऐसा ऐतिहासिक पल आया, जिसने न सिर्फ उन्हें बल्कि पूरे समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया।

संभाजीनगर निवासी दिव्यांग राजू जोंनवाल पिछले 20 वर्षों से घर से बाहर नहीं निकल पाए थे। दिव्यांगता के कारण उनकी आवाजाही पूरी तरह बंद हो चुकी थी और जीवन चार दीवारों तक सिमट गया था। उनकी यह पीड़ा सामने आई श्री अमोल डी. वालके के ऑनलाइन दिव्यांग जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान। 10 जनवरी 2026 को हुए इस संवाद में राजू जोंनवाल ने दिल से अपनी इच्छा जाहिर की कि अगर उन्हें मोटराइज्ड साइकिल मिल जाए, तो वे आत्मनिर्भर बन सकते हैं और समाज से फिर जुड़ सकते हैं।

संभाजीनगर में सुविधा उपलब्ध न होने के बावजूद यह मांग अधूरी नहीं रही। नागपुर से केवल 15 दिनों के भीतर CRC यानी सेंट्रल रिहैबिलिटेशन सेंटर विभाग के माध्यम से राजू जोंनवाल को मोटराइज्ड साइकिल उपलब्ध कराई गई। यह मोटराइज्ड साइकिल भाजपा के वरिष्ठ नेता श्री श्रीकांत देशपांडे, भाजपा विदर्भ कार्यालय के कार्यालयीन मंत्री श्री संजय फांजे और भाजपा महाराष्ट्र उपाध्यक्ष श्री धर्मपाल मेश्राम के शुभहस्तों से प्रदान की गई।

यह सिर्फ एक साइकिल नहीं थी, बल्कि 20 साल बाद राजू जोंनवाल की आज़ादी का रास्ता था। यह साबित करता है कि अगर इच्छाशक्ति और सही मंच मिले, तो दिव्यांगता भी जीवन की रफ्तार नहीं रोक सकती।

इस मौके पर श्री अमोल डी. वालके ने देवेंद्र फडणवीस, नितिन गडकरी, चंद्रशेखर बावनकुले और डॉ. उपेंद्र कोठेकर का आभार जताया। यह घटना केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि दिव्यांगों के स्वाभिमान, अधिकार और आत्मनिर्भरता की जीत की कहानी है।

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14/02/2026

महाराष्ट्र सरकार का बड़ा एक्शन! ‘कम्फर्ट’ और ‘स्लीप वेल’ मच्छर अगरबत्ती पर बैन, सख्त चेतावनी

महाराष्ट्र में मच्छर भगाने के नाम पर बिक रही कुछ अगरबत्तियां अब विवादों में घिर गई हैं। राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए ‘कम्फर्ट’ और ‘स्लीप वेल’ ब्रांड की मच्छर अगरबत्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच में सामने आया है कि इन उत्पादों में ऐसे रसायनों का इस्तेमाल किया गया, जिन्हें अगरबत्ती के रूप में उपयोग की मंजूरी नहीं है। अब राज्यभर में छापेमारी, जब्ती और कानूनी कार्रवाई के निर्देश जारी हो चुके हैं। दुकानदारों को भी कड़ी चेतावनी दी गई है। आखिर क्या है पूरा मामला, और इससे आम लोगों की सेहत पर कितना खतरा है आइए समझते हैं विस्तार से।

VO : महाराष्ट्र सरकार ने राज्यभर में बिना मंजूरी वाले रसायनों से बनी मच्छर अगरबत्तियों के खिलाफ व्यापक प्रवर्तन अभियान शुरू कर दिया है। यह कार्रवाई नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए की जा रही है। खास तौर पर ‘कम्फर्ट’ और ‘स्लीप वेल’ ब्रांड की अगरबत्तियों को निशाने पर लिया गया है।

14/02/2026

दिव्यांगों और दबे-कुचलों की मजबूत आवाज बने Ammol Dewaji Walkke, कह दी समाज को आईना दिखाने वाली बड़ी बात

नागपुर से एक ऐसी आवाज़ सामने आई है, जो आज दिव्यांगों और दबे-कुचले लोगों की उम्मीद बन चुकी है। अमोल देवाजी वालके अब सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि उन लोगों की पहचान हैं, जिनकी आवाज़ अक्सर सिस्टम तक नहीं पहुंचती।
हमारी टीम से बातचीत में अमोल वालके ने समाज की उस सच्चाई को बेबाकी से सामने रखा, जिसे लोग अक्सर अनदेखा कर देते हैं। उन्होंने कहा कि आज भी देश में दिव्यांगों को वो सम्मान नहीं मिलता, जो एक सामान्य इंसान को सहज रूप से मिल जाता है। कई बार समाज का नजरिया दिव्यांगों को हीन भावना से देखने का होता है, और यही सोच उनके आत्मविश्वास को तोड़ने का काम करती है।
लेकिन अमोल वालके यहीं रुकने वालों में नहीं हैं। उनका कहना है कि आज का दिव्यांग कमजोर नहीं, बल्कि संघर्ष और काबिलियत से आगे बढ़ रहा है, अपनी पहचान बना रहा है और खुद को साबित कर रहा है। इसी सोच के साथ अमोल वालके हर रविवार दिव्यांग जन संवाद कार्यक्रम के ज़रिए सैकड़ों लोगों की समस्याएं सुनते हैं और समाधान तक पहुंचाते हैं। यही वजह है कि आज अमोल वालके उन लोगों की सबसे मजबूत आवाज़ बन चुके हैं, जिनकी कोई नहीं सुनता।


14/02/2026

दिव्यांगों की आवाज बने Ammol Dewaji Walkke, हर रविवार सैकड़ों समस्याओं का मौके पर समाधान

नागपुर से एक ऐसी तस्वीर सामने आती है, जो सिर्फ सेवा नहीं बल्कि संवेदनशील नेतृत्व की मिसाल है। हर रविवार, बिना किसी दिखावे के, सैकड़ों दिव्यांगों की उम्मीद बनकर सामने आते हैं अमोल वालके। दिव्यांग जन संवाद कार्यक्रम के ज़रिए वो न सिर्फ समस्याएं सुनते हैं, बल्कि समाधान तक पहुंचाते हैं। यह कार्यक्रम उन लोगों के लिए है, जिनकी आवाज़ अक्सर सिस्टम तक नहीं पहुंच पाती।
नागपुर के मानेवाडा रोड स्थित वालके सेलिब्रेशन में हर रविवार दिव्यांग जन संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। इस कार्यक्रम में पूरे विदर्भ से सैकड़ों दिव्यांगजन अपनी-अपनी समस्याएं लेकर पहुंचते हैं। कोई पेंशन से परेशान है, कोई प्रमाणपत्र से, तो किसी को रोजगार और इलाज की दिक्कत है।
इस संवाद कार्यक्रम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां समस्याएं सिर्फ सुनी नहीं जातीं, बल्कि तुरंत हल करने की कोशिश होती है। अमोल वालके दिव्यांगों के सामने ही संबंधित अधिकारियों को फोन करते हैं और मौके पर समाधान की प्रक्रिया शुरू कराते हैं। यही कारण है कि लोग उन्हें सिर्फ नेता नहीं, बल्कि अपना मानते हैं।
इतना ही नहीं, अमोल वालके हर सुबह ठीक 7 बजे लाइव आते हैं। इस लाइव संवाद में रोज़ाना सैकड़ों दिव्यांग जुड़ते हैं। खास बात यह है कि इसमें सिर्फ महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि देश के अलग-अलग राज्यों से लोग जुड़कर अपनी समस्याएं रखते हैं और उन्हें भरोसा मिलता है कि कोई है जो सुनेगा।
आज अमोल वालके सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि उन लोगों की पहचान बन चुके हैं जिनकी आवाज़ को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। वो उन दिव्यांगों की ताकत हैं, जिनसे समाज ने उम्मीद छोड़ दी थी। सेवा, संवेदना और समाधान यही उनकी असली पहचान है।
दिव्यांग जन संवाद कार्यक्रम यह साबित करता है कि अगर इरादा मजबूत हो, तो सिस्टम भी झुकता है। अमोल वालके का यह प्रयास न सिर्फ दिव्यांग समाज के लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा है।

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14/02/2026

Ammol Dewaji Walkke, दिव्यांग एसोसिएशन नागपुर का 54वां स्थापना दिवस, प्रेरणा और सम्मान का भव्य आयोजन

नागपुर से एक प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है, जहां दिव्यांग एसोसिएशन नागपुर ने अपने 54वें स्थापना दिवस को सामाजिक सरोकार और सम्मान के साथ मनाया।
इस खास मौके पर दिव्यांगजनों के लिए खेल, कला और रोजगार से जुड़े कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। यह आयोजन सिर्फ एक सालगिरह नहीं, बल्कि समाज को यह संदेश देने का मंच था कि दिव्यांगता कमजोरी नहीं, बल्कि एक अलग शक्ति है।
दिव्यांग एसोसिएशन नागपुर के 54वें स्थापना दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम में दिव्यांगजनों के लिए खेल और कला प्रतियोगिताएं कराई गईं, जिससे उनकी प्रतिभा और आत्मविश्वास को नई पहचान मिली।
इसके साथ ही एक चैरिटी दिव्यांग बाजार का आयोजन भी किया गया, जहां दिव्यांगों द्वारा बनाए गए उत्पादों को प्रदर्शित किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले दिव्यांग व्यक्तियों का सम्मान समारोह रहा। इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतने वाले दिव्यांग खिलाड़ी और नागपुर के प्रसिद्ध उद्योगपति, भाजपा दिव्यांग विकास आघाड़ी महाराष्ट्र प्रदेश के सक्रिय कार्यकर्ता अम्मोल देवाजी वालके को विशेष सम्मान प्रदान किया गया।
दिव्यांगों के अधिकार, आत्मनिर्भरता, रोजगार और सम्मान के लिए अम्मोल देवाजी वालके द्वारा किए गए निरंतर प्रयासों की मंच से सराहना की गई। वक्ताओं ने कहा कि उनके काम से कई दिव्यांगों को न सिर्फ नई दिशा मिली है, बल्कि आत्मविश्वास के साथ समाज में आगे बढ़ने की ताकत भी मिली है।
यह पूरा आयोजन नागपुर के कोराडी मार्ग स्थित दिव्यांग एसोसिएशन परिसर में हुआ, जहां बड़ी संख्या में दिव्यांगजन, सामाजिक कार्यकर्ता, आम नागरिक और विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि दिव्यांग समाज किसी पर बोझ नहीं, बल्कि देश की ताकत है।

दिव्यांग एसोसिएशन ने ऐलान किया कि भविष्य में भी दिव्यांगों के सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और सम्मान के लिए ऐसे कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाते रहेंगे।

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