08/03/2026
Happy international women day
“फिर भी पूछते हैं… क्या खुश है नारी?”
महंगाई, जिम्मेदारियाँ, सुरक्षा की चिंता और समाज की उम्मीदों के बीच आज भी एक सवाल खड़ा है —
क्या सच में नारी खुश है?
यह कविता उसी सच्चाई को आवाज़ देती है, जिसे अक्सर अनदेखा कर दिया जाता है।
अगर आपको यह कविता सोचने पर मजबूर करे, तो इसे जरूर शेयर करें।