Arjun kumar

Arjun kumar दुनिया में कभी डर के मत जिओ शेर दिल और कौआ का दिमाग़ कभी धोखा नही खाता

25/02/2026

03/01/2026

13/12/2025

65% =10%
10%0=90%

12/12/2025
ख़ुद  ही  पत्थर  हैं जो शीशों को सदा देते  हैं,रौशनी  क्या  है,  वो  अंधों  को  बता  देते  हैं...llहमसे पूछो ये महब्बत क...
09/12/2025

ख़ुद ही पत्थर हैं जो शीशों को सदा देते हैं,
रौशनी क्या है, वो अंधों को बता देते हैं...ll

हमसे पूछो ये महब्बत की ईमान क्या ठहरी,
हम तो हर चीज़ के बदले में वफ़ा देते हैं...ll

वो नहीं हूँ मैं जो मौसम से बदल जाएँगे,
दिल के ज़ख़्मों को भी फूलों से सजा देते हैं...ll

उन की महफ़िल में है चर्चा मेरी रुस्वाई का,
हम तो ख़ामोशी से हर ज़ुल्म मिटा देते हैं...ll

अब भी उम्मीद है वो लौट के आएगी कभी,
इक इसी आस पे हर रोज़ दुआ देते हैं...ll

आपको अपनी आना है तो मुबारक हो मगर,
हम इज़्ज़त गुनहगारों को भी अदा करते हैं...ll

इतना आसान है क्या रूह को समझा लेना,
आप कैसे किसी मंज़र को भुला देते हैं...ll

मुझ को मालूम नहीं क्या है हक़ीक़त मेरा,
लोग हर बात ही क्या मुझ को बता देते हैं...ll

कोई देखे न देखे हम तो सफ़र करते हैं,
रास्तों को ही मुहब्बत का पता देते हैं...ll

इश्क़ में फ़र्क़ नहीं राजा और रंक का कुछ भी,
इश्क़ के दीवाने हर फर्क मिटा देते हैं...ll

तस्वीर 10/12/2008
नोकिया- 6600

ज़ुल्फ़ ना  खोलो  घटाओं  को  शिकायत होगी। आप  को  देख  मुझे   फिर  से  मुहब्बत  होगी। पास   रहते हो  तो साँसों  को  सहार...
22/11/2025

ज़ुल्फ़ ना खोलो घटाओं को शिकायत होगी।
आप को देख मुझे फिर से मुहब्बत होगी।

पास रहते हो तो साँसों को सहारा मिलता,
दूर जाओगे तो दिल को कैसे राहत होगी।

आप की आँख में काजल की ज़रूरत क्या है,
इक नजर प्यार से देखो तो कयामत होगी।

आप सोचेंगे तो हम ख्वाब में भी काँपेगे,
थोड़ी सी बात पे क्या इतनी सियासत होगी।

आप रुक रुक के बरसते हैं न जाने कब से,
दिल धड़कता है न जाने क्या शिकायत होगी।

आप चाहें तो ये दुनिया को पता चल जाए,
आप छुप जाएँगी तो रूह को वहशत होगी।

ज़िद न कीजे कि ये दिल आप ही का तो घर है,
आप मानेगी नहीं और मुझे हैरत होगी।

आप मिल जाएँ जो पल भर को कहीं पर हमसे,
उम्र भर मुझको न फिर कोई शिकायत होगी।

इश्क़  है ,पास  ना  हो  तो  भी  साथ  नि'भाना  हैइस  तरह  दर्द  को   मेरे   ही   साथ  रह  जाना है...।।क्यूँ  कहीं  जाएँगे...
18/11/2025

इश्क़ है ,पास ना हो तो भी साथ नि'भाना है
इस तरह दर्द को मेरे ही साथ रह जाना है...।।

क्यूँ कहीं जाएँगे कमरा है हम हैं तन्हाई है,
और बस एक मेरा ये दिल है तेरी निशानी है...।।

ये सभी महफ़िलें रौनक़ें सब बे-मानी सी हैं,
बाकी दीदार क्युं जिस को हर हाल में पाना है...।।

अब किसी और से हाल ए दिल क्या कहूँ और क्यूँ,
ज़ख्म भी सहना है और साजन भी कहलाना है...।।

तुम कभी आओ तो इस तरह रात मेरी कटे,
चाँदनी में ये कुछ धड़कनें जिनको थम जाना है...।।

कोई हि'साब ना कर तू, जो हो गया हो गया,
दिल में इक आस है क्यूँ कि अपना तुम्हें माना है...।।

ये सफ़र भी है कैसा कि जिसमें है मंज़िल नहीं,
राह है राही है और मुझे चलते ही जाना है...।।

ये दुआ मेरी जान आख़िरी सुन सको तो सुनो,
मेरा जो हश्र है हर हाल तुम तक पहुँचाना है...।।

मजे की बात 128😂😂😂।
16/11/2025

मजे की बात 128😂😂😂।

बिहार की राजनीति और मतदाता की मानसिकता 👀

मजे की बात 127😂😂😂इसी गांव से मैं भी हु।राहुल गांधी पप्पू है ये आज मुझे मालूम हुआ।
11/11/2025

मजे की बात 127😂😂😂

इसी गांव से मैं भी हु।
राहुल गांधी पप्पू है ये आज मुझे मालूम हुआ।

घोघरडीहा नगर पंचायत क्षेत्र में जीवित व्यक्ति को “मृत” घोषित कर दिया गया —
स्थानीय लोगों ने निर्वाचन आयोग (Election Commission) पर गंभीर लापरवाही और वोट चोरी का आरोप लगाया है।

लोगों का कहना है कि यह “वोट लूटने की साज़िश” है, जिसमें कई जीवित मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं।

📍 स्थान: घोघरडीहा नगर पंचायत, मधुबनी
📢 जनता की मांग — "वोटर लिस्ट की पुनः जांच हो, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।"

#घोघरडीहा #वोटचोरी #लोकतंत्रकाघोटाला

नज़रों की ख़ता तो क्यूँ ना दिल भी फिसल जाएँ। वो   हसरतें   कैसीं   जो  सीने  में  ही  गल  जाएँ। ग़म  से  युं  न   घबराना  ऐ...
10/11/2025

नज़रों की ख़ता तो क्यूँ ना दिल भी फिसल जाएँ।
वो हसरतें कैसीं जो सीने में ही गल जाएँ।

ग़म से युं न घबराना ऐ जान-ए-तमन्ना तुम,
हालात के जंगल से चल दूर निकल जाएँ।

​ये इश्क़ की मंज़िल है, आसाँ नहीं है हमदम,
जो साथ न चल पाएँ, कुछ दूर तो चल जाएँ।

​कुछ ख़्वाब हैं ऐसे जो सीने में रहेंगे अब,
कह दो न सहर से कम से कम वो बदल जाएँ।

हम से भी ज़रा पूछो कि राज़-ए-मोहब्बत क्या,
जो दिल के क़रीब आएँ , वो सांस को छल जाएँ।

तुम अजनबी से हो तो क्या, हम भी कहाँ अपने,
जो दिल पे गुज़रती है, आँखों से निकल जाएँ।

इक उम्र कटी मेरी इंकार की सूरत में,
ला ज़ख़्म ही दे दे हम कुछ देर बहल जाएँ।

जब तू नहीं तो औरों से लेना क्या है मुझको,
जो कल को बदलने हैं, वो आज बदल जाएँ।

​ये रात की ख़ामोशी, ये सहरा, ये सन्नाटा,
तुम कौन हो, हम क्या हैं , ये फ़ैसले टल जाएँ।

​ये दर्द भी क्या शय है,ये हम भी हैं क्या आख़िर,
इतने भी न पागल हों की लोग मचल जाएँ।

बस एक तमन्ना है, इस दिल की रिहाई की,
दरवाज़ा खुला रखना,मुमकिन है कि मिल जाएँ।

Address

Mahabaleshwar
Mumbai
400018

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Arjun kumar posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share