26/04/2026
जब मरना है तो कुछ साथ नहीं जाएगा|
यह जीवन का अटल सत्य है।
मनुष्य चाहे कितनी भी धन-दौलत, नाम, प्रतिष्ठा या संपत्ति क्यों न इकट्ठा कर ले — अंत समय में सब यहीं रह जाता है।
साथ जाता है तो केवल:
हमारे कर्म
हमारे संस्कार
और लोगों के दिलों में छोड़ी हुई अच्छी यादें
इसलिए जीवन ऐसा जिएँ कि
अहंकार नहीं, बल्कि विनम्रता हो।
स्वार्थ नहीं, बल्कि सेवा हो।
घृणा नहीं, बल्कि प्रेम हो।
जब जाना ही है खाली हाथ,
तो क्यों न जीवन को अच्छे कर्मों से भर दिया जाए?
अंत में साथ जाते हैं केवल हमारे कर्म। 🌿 #सत्संग Part 9