12/07/2026
अयोध्या राम मंदिर से जुड़ी हालिया मुख्य खबरें (जुलाई 2026) निम्नलिखित हैं:
1. मुख्य मंदिर निर्माण कार्य 30 जुलाई तक पूरा होगा
राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने हाल ही में घोषणा की है कि मुख्य मंदिर संरचना का पूरा निर्माण कार्य 30 जुलाई 2026 तक समाप्त हो जाएगा।
मंदिर से जुड़ा 'हुतात्मा स्मारक' (शहीदों का स्मारक) भी जुलाई के अंत तक तैयार हो जाएगा।
परिसर के बाहरी काम जैसे कि 4 किलोमीटर लंबी परकोटा (बाउंड्री वॉल) का काम सितंबर तक और मुख्य ऑडिटोरियम का निर्माण दिसंबर 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है।
राम कथा संग्रहालय (म्यूजियम) के लिए 20 गैलरी की रूपरेखा फाइनल कर ली गई है।
2. चढ़ावा चोरी विवाद और SIT जांच में बड़े खुलासे
मंदिर के दानपात्रों से चढ़ावे की रकम चोरी होने का एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसकी जांच विशेष जांच दल (SIT) कर रही है:
70 बार चोरी के सबूत: SIT की रिपोर्ट के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज से खुलासा हुआ है कि काउंटिंग रूम के कुछ कर्मचारियों ने कपड़ों और जूतों में नोट छिपाकर करीब 70 बार चोरी की।
सुरक्षा में लापरवाही: जांच में पाया गया कि काउंटिंग रूम में पहले कर्मचारियों की रोज तलाशी नहीं ली जाती थी और दानपात्रों की चाबियां अनाधिकृत रूप से कुछ लोगों के पास रहती थीं।
गिरफ्तारियां और कस्टडी: पुलिस ने इस मामले में अविनाश शुक्ला, टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्रा समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है और कुछ अन्य आरोपियों की रिमांड के लिए अदालत में अर्जी दी है। SIT अपनी अंतिम रिपोर्ट 15 जुलाई तक सौंप सकती है।
3. मंदिर प्रबंधन और सुरक्षा में बड़े बदलाव
इस विवाद के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर के प्रशासनिक और सुरक्षा सिस्टम को पूरी तरह बदल दिया है:
बिना जेब वाली ड्रेस: अब दान राशि की गिनती करने वाले कर्मचारियों के लिए बिना जेब वाली विशेष ड्रेस अनिवार्य कर दी गई है। साथ ही गिनती के समय मोबाइल लाने पर पाबंदी है और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई जा रही है।
नए CEO की नियुक्ति: ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद, नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति के लिए आवेदन मंगाए गए हैं (जिसकी अंतिम तारीख 18 जुलाई है)।
VIP पास पर अस्थायी रोक: चंपत राय और उनके सहयोगियों के इस्तीफे के चलते वीआईपी पास जारी करने की पुरानी व्यवस्था फिलहाल रुकी हुई है।
बैंक खातों के नियम बदले: अब किसी भी बैंक लेनदेन के लिए अंतरिम महासचिव डॉ. कृष्ण मोहन, मुख्य अभियंता और सीए के संयुक्त हस्ताक्षर अनिवार्य कर दिए गए हैं।
4. राजनीतिक गरमाहट
इस मुद्दे को लेकर देश भर में राजनीतिक बहस छिड़ गई है। कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने इस मामले को लेकर सरकार और ट्रस्ट पर सवाल उठाए हैं और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच व फॉरेंसिक ऑडिट की मांग की है। वहीं सुप्रीम कोर्ट में भी इस वित्तीय गड़बड़ी की स्वतंत्र जांच को लेकर याचिकाएं दायर की गई हैं।