Thakur Kanwar

Thakur Kanwar सोलर प्लांट लगाए, बिजली बिल बचाएं

24/02/2026

जबरदस्त महफिल नाटी गांव की शानदार प्रस्तुति शानदार नाटी वीडियो को शेयर जरूर करें और फॉलो जरूर करें

23/02/2026

एक मजाक पर रोमांटिक सॉन्ग शर्मा जी ने गया है अपनी आवाज मे 60 साल की एज में बहुत ही बुलंद आवाज ऐसी आवाज के लिए एक शेयर एक लाइक कमेंट जरुर करें और हमारे चैनल को जरूर फॉलो करें

21/02/2026

80 साल की उम्र में इनका अपने कल्चर के प्रति उत्साह और जोश देखिए


19/02/2026

Pahadi mefil

18/02/2026

इनकी आवाज में तो जादू है शानदार प्रस्तुति राजेंद्र शर्मा जी द्वारा बलदेव तोमर जी की जबरदस्त नाटी वीडियो को शेयर जरूर करें और फॉलो जरूर करें धन्यवाद f

17/02/2026

Pahadi mefil

17/02/2026

"पहाड़ी संस्कृति की झलक

16/02/2026

शहर की सबसे ऊँची बिल्डिंग के नीचे एक बूढ़ा आदमी पिछले 10 सालों से एक ही पत्थर पर बैठा रहता था। लोग उसे पागल समझते, क्योंकि उसकी नज़रें हमेशा सड़क के उस मोड़ पर टिकी रहती थीं जहाँ से गाड़ियाँ गुज़रती थीं।

उसी बिल्डिंग में आर्यन रहता था—एक सफल बिजनेसमैन। उसे उस 'भिखारी' से नफरत थी। उसे अपनी सौतेली माँ ने बताया था कि उसके पिता ने उसे बचपन में एक मेले में छोड़ दिया था। आर्यन के दिल में अपने पिता के लिए सिर्फ ज़हर भरा था।

वह रात और वो सच:
एक तूफानी रात, आर्यन की गाड़ी बिल्डिंग के सामने रुकी। उतरते वक्त उसकी जेब से एक पुराना सिक्का गिरकर नाले के पास जा गिरा। आर्यन ने गंदगी देखकर उसे छोड़ दिया। तभी उस बूढ़े ने कांपते हाथों से वो सिक्का उठाया और पोंछकर आर्यन की तरफ बढ़ाया।

आर्यन चिल्लाया, "रख ले इसे बुड्ढे! वैसे भी तुम जैसों को बस पैसे ही चाहिए।"

बूढ़ा धीरे से मुस्कुराया और बोला, "बेटा, पैसा बहुत था मेरे पास। पर आज ये सिक्का लौटा रहा हूँ क्योंकि ये मेरा नहीं है। रही बात यहाँ बैठने की, तो मैं भीख नहीं, अपने बेटे का इंतज़ार कर रहा हूँ।"

आर्यन ने मज़ाक उड़ाते हुए पूछा, "10 साल से? कौन है वो बेटा जो तुम्हें यहाँ छोड़ गया?"

बूढ़े की आँखों में आँसू आ गए। उसने एक फटी हुई तस्वीर निकाली और बोला:

"मेरा बेटा! उसने मुझे इसी पत्थर पर उतारा था और एक खाली बोतल देकर कहा था— 'बापू, यहीं रुकना, मैं बस पानी लेकर आता हूँ।' मैं तब से यहीं बैठा हूँ। मुझे डर है कि अगर मैं कहीं और गया, तो मेरा बेटा पानी लेकर आएगा तो मुझे ढूँढेगा कहाँ?"

आर्यन ने जैसे ही वह तस्वीर देखी, उसके पैरों तले ज़मीन खिसक गई। वह तस्वीर आर्यन के बचपन की थी। वही चेहरा, वही निशान जो आर्यन के गाल पर था।

उसे समझ आ गया कि उसके पिता ने उसे छोड़ा नहीं था, बल्कि उसकी सौतेली माँ ने साज़िश रचकर उसे पिता से दूर कर दिया था। पिता तो 10 साल से उसी के घर के नीचे, भूखे-प्यासे सिर्फ उसके एक 'पानी की बोतल' का इंतज़ार कर रहे थे।

आर्यन फूट-फूटकर रोने लगा और उनके पैरों में गिर गया, "पापा! मैं हूँ आपका बेटा! मुझे माफ़ कर दीजिए!"

बूढ़े ने कांपते हाथों से आर्यन का चेहरा छुआ। उनकी आँखों में एक आखिरी चमक आई और उन्होंने बस इतना कहा— "बेटा... तुम आ गए? बहुत प्यास लगी थी... पानी लाए?"

आर्यन ने पागलों की तरह अपनी महँगी पानी की बोतल खोली और उनके होंठों से लगाई। पर बूढ़े ने एक घूँट भी नहीं भरा। उनके हाथ ठंडे पड़ चुके थे और चेहरे पर एक सुकून था।

10 साल का इंतज़ार खत्म हो गया था, लेकिन पानी पिलाने में आर्यन ने उम्र भर की देर कर दी थी।

16/02/2026

नाटी तो बनती है

महासू सोलर परिवार की तरफ से सभी को महाशिवरात्रि पर्व की हार्दिक शुभकामनायें
14/02/2026

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14/02/2026

देहरादून सिल्वरसिटी के पास दिन दहाड़े गोली मारकर हत्या को अंजाम दिया और मोके पर आरोपी फरार हो गए

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