01/01/2023
नालंदा में पत्रकारों पर जानलेवा हमला को लेकर सुरक्षा की मांग
पत्रकारों पर हमला से लोकतंत्र हुआ शर्मसार
बिहार शरीफ।अवैध ढंग से मिट्टी खुदाई को लेकर न्यूज बनाने गए चार पत्रकारों के साथ पिटाई का मामला प्रकाश में आया है । खबर बनाने को लेकर आक्रोशित बदमाशो ने पत्रकारों को रास्ते मे घेराबंदी कर पिटाई किया ।संकट में पत्रकारों ने 112 पर फोन किया ।वही पुलिस ने इस संबंध में एक बदमाश को गिरफ्तार किया ।इस घटने को लेकर पीड़ित पत्रकारों ने थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराया है । पत्रकारों की पिटाई का मामला बिहार थाना क्षेत्र के राजमा गांव का है ।पत्रकारों का कहना है कि ग्रामीणों के संदेश पर जब राजमा खंदा जो नालंदा जिले के तीन थाना के सीमा लगा हुआ क्षेत्र है।
अवैध खुदाई को लेकर समाचार संकलन के क्रम में नालंदा टुडे के राज शेखर, नव बिहार दूत के राहुल राज,अयोध्या टाइम्स के अमन चौधरी और राकेश प्रियदर्शी जब राजमा पहुंचे। तब पाया गया कि जमीन की कटाई माइनिंग विभाग के नियमानुसार नही है । समाचार संकलन के बाद जब पत्रकार लोग लौट रहे थे तो बदमाशों ने घेराबंदी कर पिटाई किया।
इसी दौरान इस धंधे से जुड़े और तथाकथित गावड कंपनी का ड्राइवर कल्लू (जैसा बताया गया नाम) बहस करने लगा और धीरे धीरे इसी धंधे से जुड़े लोग को उसने बुलाया और मारपीट करने लगा, रिपोर्टिंग माइक भी तोड़ दिए और गली गलौज के साथ मारपीट किया। साथी चैन और सोने की अंगूठी छीन लिया ।इसी दौरान अमन चौधरी किसी तरीके से भाग निकला। फिर बचे तीनों रिपोर्टरों को खूब पीटा ।
पीड़ित पत्रकारों के अनुसार बदमाशों ने लोहे के रॉड, मुक्के आदि से बुरी तरह पिटाई कर डाला । और जान मारने की धमकी देने लगे। इतना ही नहीं पत्रकारों को वहा मौजूद गढ़े में डाल कर मट्टी से ढकने लगा । उसी दौरान जब वहा मौजूद ग्रामीण आपस में झगड़ा करने लगे तो मौके का फायदा उठाकर तीनों पत्रकार बहा से भाग निकले । और थोड़ा दूर जाकर 112 डायल किया और सहायता प्राप्त कर दुबारा उस जगह गए और फिर सब वहा जो काम कर रहे थे सब भागने लगे और जो मुख्य आरोपी था वही पकड़ा गया। बाकी मट्टी खनन में लिप्त लोग वहा से भाग निकले पर जो सरगना का मुख्य आदमी पकड़ा गया और पुलिस बल उन्हें पकड़ कर बिहार थाना में सुपुर्द कर दिया गया । फिर सीमा विवाद को लेकर जांच पड़ताल हुआ इसके बाद अस्थावां थाना में बदमास को सौपा गया । पत्रकारों के अनुसार थाना प्रभारी ने बदमाश को छोड़ दिया।
इस घटना को लेकर जिले के वरीय पत्रकारों एवं समाजसेवियों ने कड़ी निन्दा की है साथ ही पीड़ित पत्रकारों को सुरक्षा की मांग की है।