24/02/2026
🚩 नोगवैली में देव संस्कृति का अद्भुत संगम: उमड़ा आस्था का जनसैलाब 🚩
डंसा (लालसा) के नोगवैली में आज एक ऐतिहासिक और भव्य नज़ारा देखने को मिला। यहाँ के अधिष्ठाता देवता साहिब दोगणू और माता मंगला काली मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान में भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। लगभग 6 करोड़ की लागत और 15 साल के लंबे इंतज़ार के बाद बने इस शानदार मंदिर को देखकर हर कोई भक्ति के रंग में डूबा नज़र आया। पूरा वातावरण ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की ध्वनियों से गुंजायमान रहा।
धार्मिक परंपराओं के अनुसार, रविवार को देवता साहिब कालेश्वर छिज्जा ने नवनिर्मित कोठी (मंदिर) की परिक्रमा की और फेर की रस्म निभाई। इसके बाद गूरों ने विधि-विधान के साथ मंदिर की छत पर कलश स्थापित किए। इस पावन अवसर पर पहुंचे छह अन्य देवताओं—नरेशर लक्ष्मी नारायण, देवता साहिब दमुख, जाख देवता, जाहरू नाग, योगेश्वर शिंगला और शिलादेश के देवताओं—ने भी कलश स्थापना की रस्म पूरी की। इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने के लिए करीब 20 हजार श्रद्धालु दूर-दराज से पहुंचे और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद लिया।
इस समारोह में कई गणमान्य हस्तियों ने भी उपस्थिति दर्ज कराई। पूर्व सांसद रानी प्रतिभा सिंह और भाजपा नेता कौल सिंह ने मंदिर पहुंचकर माता मंगला काली और दोगणू देवता के चरणों में शीश नवाया और आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर समिति के अध्यक्ष शीश शर्मा और उपाध्यक्ष मनीष शर्मा ने बताया कि सभी देवी-देवताओं की कृपा से यह आयोजन बहुत ही भव्य तरीके से संपन्न हो रहा है।
सोमवार को इस अनुष्ठान का समापन होगा। इस दिन विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा और साथ ही धार्मिक परंपराओं के अनुसार पधारे हुए देवताओं, जाइयों और भांजों को विदाई दी जाएगी। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि हमारी समृद्ध पहाड़ी संस्कृति की एक सुंदर झलक भी है।
जय माता दी! जय दोगणू देवता! 🙏