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बीसवीं शताब्दी के आरंभिक दशकों में जब किशोर साहित्य में साहस और जिज्ञासा की नई लहर उठ रही थी, तभी एक चरित्र ने जन्म लिया...
28/02/2026

बीसवीं शताब्दी के आरंभिक दशकों में जब किशोर साहित्य में साहस और जिज्ञासा की नई लहर उठ रही थी, तभी एक चरित्र ने जन्म लिया, जिसे हम सब ‘नैंसी ड्रियू’ के नाम से जानते हैं।

वह केवल एक काल्पनिक जासूस भर नहीं थी, वह स्वतंत्र सोच, तर्क बुद्धि और निर्भीक किशोर मन का प्रतीक बन गई। अपने समय की सामाजिक सीमाओं के बीच खड़ी यह किशोरी न केवल रहस्यों को सुलझाती है, सत्य की खोज करती है, बल्कि हर परिस्थिति में संयम बनाए रखती है।

हम-आप तमाम समेत दुनिया भर में कई पीढ़ियों ने उसके साथ रहस्यमय हवेलियों में क़दम रखा, गुमशुदा विरासतों की तलाश की और अनसुलझी पहेलियों को सुलझाया।
‘नैंसी ड्रियू’ ने यह सिद्ध किया कि जासूसी केवल रोमांच नहीं, बल्कि बुद्धि, साहस और नैतिकता का संगम है।

हमें निहायत ख़ुशी हो रही है कि अब वही क्लासिक रहस्य परंपरा हिंदी पाठकों के लिए उपलब्ध है। नैंसी ड्रियू की आरंभिक चार कृतियाँ शायद पहली बार हिंदी में प्रस्तुत की जा रही हैं। हमारा प्रयास है कि एक वैश्विक साहित्यिक विरासत अपनी भाषा में भी जीवित हो सके।
यह केवल अनुवाद नहीं है, एक सांस्कृतिक सेतु है। साथ ही बचपन की वो याद है जब आज के इस डिजिटल युग में मोबाइल की जगह ये किताबें हमारे हाथों में होती थीं।

अनुवादकों की दुनिया में आप सभी का विश्वास जीत चुकीं सबा खान जी ने इन चारों किताबों का अनुवाद किया है।

‘ब्लू लैंटर्न’ के माध्यम से हम इस प्रतिष्ठित शृंखला को हिंदी पाठकों के हाथों में उसी गंभीरता और सम्मान के साथ, जिसके वह योग्य है, सौंप रहे हैं।

दिए गए नंबर पर संदेश भेजें और अपनी प्रति सुरक्षित करें। किताबें उपलब्ध हैं।



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शब्दगाथा प्रकाशन समूह की ओर से गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं।  Republic Day | Indian |
26/01/2026

शब्दगाथा प्रकाशन समूह की ओर से गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं।



Republic Day | Indian |

NEER: Part One – Birth of the StormIn a world where power is feared,water doesn’t choose him, it responds.Virat is not c...
25/12/2025

NEER: Part One – Birth of the Storm
In a world where power is feared,
water doesn’t choose him, it responds.

Virat is not chasing heroism.
He is surviving its consequences.

What begins as an ordinary life
collapses the night the impossible notices him.

This is not a story about becoming extraordinary.
It is about what power demands,
and the cost of being seen, when the world finally looks back.

Swipe through. Enter the storm. Read NEER.

Available on Amazon



NEER novel | Birth of the Storm book | Pratham M V Patil author | Indian superhero novel | contemporary Indian speculative fiction | water power fiction | debut Indian fiction 2025

23/12/2025

NEER: Part One – Birth of the Storm, the debut novel by Pratham M. V. Patil, introduces Virat, an ordinary man caught at the breaking point of a brutal world, whose life changes the night water begins to respond to him, not as a gift, but as a consequence.

As fear, violence and chaos collide, Virat is forced into moments that blur the line between survival and heroism. His actions draw the attention of those who monitor, control, and study the impossible, pulling him into a system far larger than himself.

Set in a grounded, contemporary India where power is feared more than understood, Neer is not a story about becoming a hero, it is about enduring what power demands, and the cost of being seen when the world finally notices you.

🎂📖 Birthday Special Offer : लेखक की 2 पुस्तकों का सेट – ‘जल जला जल’ एवं ‘कल्पतरु का महायुद्ध’💥 50% OFF + Free Delivery72...
23/12/2025

🎂📖 Birthday Special Offer :

लेखक की 2 पुस्तकों का सेट – ‘जल जला जल’ एवं ‘कल्पतरु का महायुद्ध’

💥 50% OFF + Free Delivery
724/- मूल्य की पुस्तकें मात्र ₹ 362/- में उपलब्ध।

⏳ Offer केवल आज ही 23.12.2025 मध्यरात्रि तक।

विशेष नोट : ऑफर ऑर्डर केवल हमारे व्हाट्सएप नंबर +91 9867765305 पर ही उपलब्ध।

21/12/2025
21/12/2025

दिल्ली में घटती कुछ छोटी-सी दिखाई देने वाली घटनाएँ धीरे-धीरे एक ऐसे गहरे जाल की ओर इशारा करने लगती हैं, जिसकी जड़ें कश्मीर की बर्फ़ से ढकी वादियों तक फैली हुई हैं। जाँच जैसे-जैसे आगे बढ़ती है, हर नया सुराग किसी पुराने सच को तोड़ देता है और एक नए धोखे को जन्म देता है। इस पूरी साज़िश के केंद्र में एक नाम बार-बार उभरकर सामने आता है - 'एमसाना’, एक ऐसी ख़ुफ़िया संस्था जिसके अस्तित्व पर ही सवाल उठते रहे हैं। दिल्ली की गलियों से लेकर कश्मीर की वीरान सड़कों तक, हर रास्ता किसी न किसी छिपे हुए एजेंडे से जुड़ा है।

बेलियल इसी साज़िश के अँधेरे गलियारों में पाठक को उतारता है, जहाँ हर सच अधूरा है और हर फैसला ज़िंदगी बदल सकता है। तीन शक्तियाँ, तीन हित, तीन छिपे हुए एजेंडे और एक साझा मंच : कश्मीर की बर्फ़ से ढकी चोटियाँ।
कौन सी ताकतें वहाँ काम कर रही हैं? और क्यों इतनी निगाहें एक साथ उस जगह पर टिक गई हैं?

हमें यह कहते हुए प्रसन्नता है कि अशफ़ाक का नवीन उपन्यास ‘बेलियल’, जो स्पाई थ्रिलर लेखन के इस नये परिदृश्य को परिभाषित करता है, अब अमेजन और शब्दगाथा स्टोर पर उपलब्ध है।  💜

खरीद लिंक :
अमेजन लिंक : https://amzn.in/d/dKHe5WM

शब्दगाथा लिंक: https://shabdgaatha.com/product/belial/

अशफ़ाक के लेखन में एक ताजगी है। उनके यहाँ जासूस कोई अतिमानवी नायक नहीं, बल्कि राजनीतिक संरचनाओं के भीतर साँस लेता हुआ मन...
11/12/2025

अशफ़ाक के लेखन में एक ताजगी है। उनके यहाँ जासूस कोई अतिमानवी नायक नहीं, बल्कि राजनीतिक संरचनाओं के भीतर साँस लेता हुआ मनुष्य है, जो सीमाओं के पार चलने वाली साज़िशों, नीतियों और अदृश्य युद्धों का साक्षी है। वे अपने लेखन में अंतरराष्ट्रीय कूटनीति, सत्ता की मनोवृत्तियों और जिओ पोलिटिकल गेम्समैनशिप को जिस सटीकता और संवेदनशीलता से उकेरते हैं, वह उन्हें विश्व स्तर के स्पाई लेखकों, जैसे डेनियल सिल्वा, रॉबर्ट लुडलम और टॉम क्लैन्सी की परंपरा से जोड़ती है।

दिल्ली में घटती कुछ छोटी-सी दिखाई देने वाली घटनाएँ धीरे-धीरे एक ऐसे गहरे जाल की ओर इशारा करने लगती हैं, जिसकी जड़ें कश्मीर की बर्फ़ से ढकी वादियों तक फैली हुई हैं। जाँच जैसे-जैसे आगे बढ़ती है, हर नया सुराग किसी पुराने सच को तोड़ देता है और एक नए धोखे को जन्म देता है। इस पूरी साज़िश के केंद्र में एक नाम बार-बार उभरकर सामने आता है - 'एमसाना’, एक ऐसी ख़ुफ़िया संस्था जिसके अस्तित्व पर ही सवाल उठते रहे हैं। दिल्ली की गलियों से लेकर कश्मीर की वीरान सड़कों तक, हर रास्ता किसी न किसी छिपे हुए एजेंडे से जुड़ा है।

बेलियल इसी साज़िश के अँधेरे गलियारों में पाठक को उतारता है, जहाँ हर सच अधूरा है और हर फैसला ज़िंदगी बदल सकता है। तीन शक्तियाँ, तीन हित, तीन छिपे हुए एजेंडे और एक साझा मंच : कश्मीर की बर्फ़ से ढकी चोटियाँ।
कौन सी ताकतें वहाँ काम कर रही हैं? और क्यों इतनी निगाहें एक साथ उस जगह पर टिक गई हैं?

हमें यह कहते हुए प्रसन्नता है कि अशफ़ाक का नवीन उपन्यास ‘बेलियल’, जो स्पाई थ्रिलर लेखन के इस नये परिदृश्य को परिभाषित करता है, अब अमेजन और शब्दगाथा स्टोर पर उपलब्ध है। 💜

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11/11/2025
दोस्तों! ‘जल जला जल’ से आरम्भ हुई दास्तान अब अपने अंत की ओर पहुंच चुकी है। Vinod Prabhakar  द्वारा लिखित ‘ब्रह्मांड मंथन...
07/11/2025

दोस्तों! ‘जल जला जल’ से आरम्भ हुई दास्तान अब अपने अंत की ओर पहुंच चुकी है। Vinod Prabhakar द्वारा लिखित ‘ब्रह्मांड मंथन शृंखला’ में दूसरा भाग अब क्रय हेतु उपलब्ध है। ..............................................................
हिमालय की अदृश्य भूमि – कल्प-तरु। जहाँ समय ठहर जाता है और प्राचीन विज्ञान आज भी श्वास लेता है। दस शताब्दियों पुराना श्राप अब टूट चुका है। दोनों शापित राजा अपने पुतलों के रूप से मुक्त हैं।
पर क्या इस मुक्ति का अर्थ शांति है या एक नया विनाश?

ऋषि सुनक और तत्त्वज्ञानी चिरायुस जानते हैं कि यह युद्ध अब सिर्फ़ शरीरों का नहीं, युगों का है। और वे पाँच बाल योद्धा, जो अनजाने में इस रहस्यमयी भूमि पर आ पहुँचे थे, बनेंगे उस संघर्ष की आख़िरी आशा।

प्राचीन शक्तियाँ जाग उठी हैं। ब्रह्मांड का संतुलन डगमगा रहा है। और समय.....अपने ही निर्माताओं के विरुद्ध खड़ा है।
‘कल्प-तरु : अंतिम युद्ध’, जहाँ इतिहास और भविष्य एक साथ साँस ले रहे हैं।

उपन्यास आप सीधे 9867765305 पर संपर्क करके 260/- फ्री डिलीवरी ले सकते हैं, या अमेजन प्राइम पर भी फ्री डिलीवरी के साथ उपन्यास उपलब्ध है।

दोनों उपन्यास सिर्फ 498/- रुपए में सीधे 9867765305 पर संपर्क करके मंगवाए जा सकते हैं।

दोस्तों! ‘जल जला जल’ से आरम्भ हुई दास्तान अब अपने अंत की ओर पहुंच चुकी है। Vinod Prabhakar  द्वारा लिखित ‘ब्रह्मांड मंथन...
07/11/2025

दोस्तों! ‘जल जला जल’ से आरम्भ हुई दास्तान अब अपने अंत की ओर पहुंच चुकी है। Vinod Prabhakar द्वारा लिखित ‘ब्रह्मांड मंथन शृंखला’ में दूसरा भाग अब क्रय हेतु उपलब्ध है। ..............................................................
हिमालय की अदृश्य भूमि – कल्प-तरु। जहाँ समय ठहर जाता है और प्राचीन विज्ञान आज भी श्वास लेता है। दस शताब्दियों पुराना श्राप अब टूट चुका है। दोनों शापित राजा अपने पुतलों के रूप से मुक्त हैं।
पर क्या इस मुक्ति का अर्थ शांति है या एक नया विनाश?

ऋषि सुनक और तत्त्वज्ञानी चिरायुस जानते हैं कि यह युद्ध अब सिर्फ़ शरीरों का नहीं, युगों का है। और वे पाँच बाल योद्धा, जो अनजाने में इस रहस्यमयी भूमि पर आ पहुँचे थे, बनेंगे उस संघर्ष की आख़िरी आशा।

प्राचीन शक्तियाँ जाग उठी हैं। ब्रह्मांड का संतुलन डगमगा रहा है। और समय.....अपने ही निर्माताओं के विरुद्ध खड़ा है।
‘कल्प-तरु : अंतिम युद्ध’, जहाँ इतिहास और भविष्य एक साथ साँस ले रहे हैं।

उपन्यास आप सीधे 9867765305 पर संपर्क करके 260/- फ्री डिलीवरी ले सकते हैं, या अमेजन प्राइम पर भी फ्री डिलीवरी के साथ उपन्यास उपलब्ध है।

दोनों उपन्यास सिर्फ 498/- रुपए में सीधे 9867765305 पर संपर्क करके मंगवाए जा सकते हैं।

अमेजन लिंक :
कल्पतरु का महायुद्ध : https://amzn.in/d/aJ0BtGb
जल जला जल : https://amzn.in/d/d52Qs1C

हमारे लेखक सुधीर मौर्य जी को टीम शब्दगाथा की ओर से ढेरों शुभकामनाएं। 🎉          #सिंधुसुता
01/11/2025

हमारे लेखक सुधीर मौर्य जी को टीम शब्दगाथा की ओर से ढेरों शुभकामनाएं। 🎉

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