25/03/2026
मेरे एक काबिल दोस्त, वकील साहब ने एक दिन मुझसे पूछा—
“ #हातिम ने लंदन से लॉ किया है, फिर नीमच में इतना बड़ा निवेश करके ब्लॉक का #प्लांट लगाया है… क्या वह इसे सफलतापूर्वक चला पाएगा?”
मैंने जवाब दिया—
“सर, आज मेरे पास इसका उत्तर नहीं है।”
करीब बीस दिन बाद मैंने खुद उन्हें फोन किया और कहा—
“सर, आपके सवाल का जवाब मिल गया है।”
उन्होंने हैरानी से पूछा— “कैसे?”
मैंने कहा—
“कल #हातिम सुबह 10 बजे प्लांट पहुँचा था। शाम 8 बजे जब वह वापस लौट रहा था, तब उसे पता चला कि बॉयलर पर #बगदा डालने वाली लेबर नहीं आई है।
फिर क्या था… उसने खुद #बेलचा उठाया और रात 8 बजे से लेकर अगली सुबह 8 बजे तक लगातार काम किया।
पूरे 25 घंटे बाद वह घर पहुँचा।”
और उसी पल मुझे समझ आ गया—
यह प्लांट सिर्फ चलेगा नहीं, दौड़ेगा।
आज हकीकत यही है—
#हातिम ने को एक मजबूत और बड़ा नाम बना दिया है।
उसकी सादगी, मेहनत, ईमानदारी, अनुशासन, विनम्रता और लगन—
इनकी जितनी तारीफ की जाए, कम है।
#लंदन से लॉ करने के बाद उसे #सऊदी_अरब सरकार से 10 लाख रुपये मासिक की नौकरी का ऑफर मिला,
लेकिन उसने सिर्फ इसलिए ठुकरा दिया क्योंकि वह अपने #माता_पिता से दूर नहीं जाना चाहता था।
उसने आसान रास्ता नहीं चुना—
उसने #संघर्ष चुना… और आज वही संघर्ष उसकी पहचान बन चुका है।
आज #हातिम का #जन्मदिन है—
मैं उसके जज़्बे, संघर्ष और समर्पण को दिल से #सलाम करता हूँ।
#रब से #दुआ है कि वह हमेशा #सलामत रहे,
और जिंदगी में नई #ऊंचाइयों को छूता रहे।
िंद, जय भारत!