19/06/2014
क्या नारी सिर्फ भोग की वस्तु है ? *************** ***************
हम दिन में 10 फिल्मो में ________________
kissing scene, bed scene, छुप के मिलना, प्यार ही जिंदगी है, घर से भागना, 40 आइटम सोंग सुनके| फिर very very sexy, sexy बन रहा है इंडिया, its a naughty world, परफ्यूम लगाओ लडकी पटाओ, अंडरवियर पहनो लडकी पटाओ, मोबाइल लो लडकी पटाओ जैसी चीजे देख के. फिर न्यूज़ में कौन है? __________________________
सबसे हॉट,फलानी का टॉप गिरा, इसकी पेंटी खोयी, ये करेगी इमरान के साथ सबसे लम्बा किस, कौन सा खान है सबसे रोमांटिक, फलानी करेगी फलानी फिल्म में अंग प्रदर्शन. उसके बाद अखबार में: ----------------------------------
मदरसे के शिक्षक को बच्ची के शोषण में सुनाई 5 जूतों की सजा, कोर्ट ने इस्लामिक कानून का हवाला दे फूफा से करवाई नाबालिग की शादी, चर्च में शोषण,बाबा की पुडिया का चमत्कार, नजर तेरी बुरी पर्दा में करूं, नेताजी ने कहा लडको से गलतियाँ हो जाती हैं, अफसर ने बोला तेरे घर से तो नही थी. युवाओ का हसी मजे करने को candle march. aajtak का एकदम सही बलात्कार का नाटकीय रूपांतरण. कानून के publicity स्टंट के लिए कोई वकील केस लडके उसकी तारीखे बढ़ाएगा. फिर जुवेनाइल जेल में टीवी देखेगा और मैगी खायेगा.
फिर देश की 90% मुर्ख जनता भूल जाएगी और अगले हफ्ते फिर से दो 12-14 साल की गुडिया लटकी पायी जाएंगी. मसला सरल है, बलात्कार के मूल कारणों को ढूँढो, फिर उसे ही हटा दो. पर ऐसा करने से फिल्म इंडस्ट्री बंद जो हो जाएगी, जो खुद युवाओ को मंजूर नही| मालूम तो सबको है पर सब चुप हैं चुप रहेंगे जब तक खुद क.....
क्या नारी सिर्फ भोग की वस्तु है ? सोचिये जरा????? कहाँ जा रहा है भारत??