24/07/2026
कर्म का विधान
आपकी असली पहचान:
"कर्म से ही मनुष्य का भाग्य तय होता है, जन्म केवल एक अवसर है।"
कर्म का बीज:
जैसा बोओगे, वैसा ही काटोगे। समय हर व्यक्ति को उसके कर्मों का सही फल लौटाता है।
अच्छे कर्म का परिणाम देर से मिल सकता है, लेकिन निष्फल कभी नहीं जाता।
गीता का संदेश:
"कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन।"
(आपका अधिकार केवल कर्म करने पर है, उसके फल पर नहीं। इसलिए परिणाम की चिंता छोड़कर अपना श्रेष्ठ योगदान दें।)
जीवन की सच्चाई:
शब्द केवल हवा होते हैं, लेकिन कर्म ही हैं जो व्यक्ति का चरित्र गढ़ते हैं।
निस्वार्थ भाव से किया गया एक छोटा सा कर्म भी अहंकार में किए गए बड़े अनुष्ठान से कहीं अधिक श्रेष्ठ होता है।