Voice Of Janta

Voice Of Janta राष्ट्र सर्वोपरि
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29/05/2026

🚨 एसटी हसन के बयान पर भड़का जनता का गुस्सा: कांवड़ यात्रा से नमाज की तुलना पर करारा जवाब! 🚨
सोशल मीडिया पर इस समय एक तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है, जिसने एक नई बहस को जन्म दे दिया है। पूर्व सांसद एसटी हसन ने एक विवादित बयान देते हुए कहा है कि कांवड़ यात्रा के लिए एक महीने तक सड़कें बंद कर दी जाती हैं, जबकि नमाज तो सिर्फ आधे घंटे में हो जाती है, फिर उस पर आपत्ति क्यों? इस बयान के बाद जनता में भारी आक्रोश है और लोग सोशल मीडिया पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दर्ज करा रहे हैं।
कांवड़ यात्रा सिर्फ एक यात्रा नहीं, बल्कि करोड़ों हिंदुओं की अगाध आस्था, त्याग और अनुशासन का प्रतीक है। शिवभक्त महीनों कठिन परिश्रम करके, नंगे पैर पवित्र गंगाजल लेकर आते हैं। प्रशासन और समाज मिलकर इस ऐतिहासिक और पारंपरिक यात्रा का प्रबंधन करते हैं ताकि किसी को असुविधा न हो। यह एक वार्षिक सांस्कृतिक महोत्सव है जो सदियों से हमारे समाज का हिस्सा रहा है।
दूसरी ओर, सार्वजनिक सड़कों, व्यस्त चौराहों या रेलवे स्टेशनों पर बिना अनुमति के नमाज पढ़ने से रोजमर्रा के यातायात और आपातकालीन सेवाओं में गंभीर बाधा उत्पन्न होती है। कानून और व्यवस्था सभी के लिए समान होनी चाहिए। पूजा-अर्चना के लिए धार्मिक स्थल निर्धारित हैं, और सार्वजनिक संपत्तियों को अवरुद्ध करना किसी भी तरह से सही नहीं ठहराया जा सकता। आस्था के नाम पर आम नागरिकों की स्वतंत्रता और सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता।
एसटी हसन का यह बयान केवल तुष्टिकरण की राजनीति और दो अलग-अलग विषयों की अनुचित तुलना को दर्शाता है। जनता अब जागृत है और ऐसे बयानों को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।
आप इस पूरे मामले पर क्या सोचते हैं? क्या आस्था के नाम पर सार्वजनिक सड़कों को घेरना सही है? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर साझा करें और इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें।

29/05/2026
27/05/2026
27/05/2026
24/05/2026

📢 देश पहले: हक चाहिए, तो राष्ट्र का सम्मान भी जरूरी! 🇮🇳
आज हमारे देश में करोड़ों लोगों को सरकार की तरफ से मुफ्त राशन और जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिल रहा है। यह व्यवस्था हर जरूरतमंद नागरिक की मदद के लिए है। लेकिन क्या हमारा देश के प्रति कोई कर्तव्य नहीं बनता?
विचार बिल्कुल सीधा और स्पष्ट है—जो देश हमें अन्न दे रहा है, सुरक्षा दे रहा है, और जीने का अधिकार दे रहा है, उस देश के प्रति सम्मान व्यक्त करने में कैसी झिझक? मुफ्त का राशन लेने से पहले हर नागरिक को गर्व से "वंदे मातरम" और "भारत माता की जय" का उद्घोष करना चाहिए।
राष्ट्र सर्वोपरि है। जो व्यक्ति इस पावन भूमि का अन्न ग्रहण करता है, उसे इसके सम्मान में दो शब्द बोलने में गर्व महसूस होना चाहिए। अगर कोई देश के सम्मान में ये नारे लगाने से कतराता है, तो ऐसे लोगों की सरकारी सुविधाएं और मुफ्त राशन तुरंत बंद कर दिया जाना चाहिए। हक और कर्तव्य दोनों साथ-साथ चलते हैं; आप देश का अनादर करके उसके संसाधनों पर हक नहीं जता सकते।
अगर आप भी इस बात से शत-प्रतिशत सहमत हैं और मानते हैं कि राष्ट्रवाद से बढ़कर कुछ नहीं, तो कमेंट बॉक्स में "जय हिंद" या "भारत माता की जय" लिखकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं! इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करके अपनी आवाज बुलंद करें। 🙏

24/05/2026

INOX Wind, HFCL, Tata Consumer, Zydus Life, IOL Chemicals, Sagility Share में क्या करें?
Watcg Full Discussion on Latest Share Market News With Lokesh Sethia : http://youtube.com/watch?v=4KEKRMY_qfw

16/05/2026

युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों का काल बने 'धाकड़ धामी'! 🚩🚩
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जब इरादे नेक हों और संकल्प मजबूत हो, तो दशकों पुरानी जड़ जमा चुकी भ्रष्टाचार की व्यवस्था को उखाड़ फेंकना मुमकिन है। वर्षों से चली आ रही 'पर्ची और खर्ची' की पुरानी व्यवस्था, जिसने प्रदेश के हजारों होनहार युवाओं के सपनों का गला घोंटा था, आज मुख्यमंत्री धामी के कड़े प्रहार से पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है।

मुख्यमंत्री जी ने स्पष्ट कर दिया है कि पिछली सरकारों के दौरान भर्ती परीक्षाओं में जो 'भ्रष्टाचार का खेल' चलता था, अब उसका अंत हो चुका है। पहले जहां सिफारिशों और पैसों के दम पर नौकरियां बांटी जाती थीं, वहीं आज केवल योग्यता और प्रतिभा को सम्मान मिल रहा है।

धामी सरकार के क्रांतिकारी कदम:

देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून: नकल माफियाओं के लिए अब जेल की कालकोठरी ही एकमात्र ठिकाना है।

पारदर्शी चयन प्रक्रिया: अब किसी भी गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार का बेटा-बेटी अपनी मेहनत के दम पर सरकारी अधिकारी बन सकता है।

जीरो टॉलरेंस ऑन करप्शन: भ्रष्टाचार की पोल खोलते हुए धामी जी ने व्यवस्था को पूरी तरह साफ-सुथरा बनाने का बीड़ा उठाया है।

उत्तराखंड के युवा आज सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्हें भरोसा है कि उनका भविष्य किसी माफिया की जेब में नहीं, बल्कि सुरक्षित हाथों में है। भ्रष्टाचार के खिलाफ इस महायुद्ध में हम सब मुख्यमंत्री जी के साथ हैं। देवभूमि का विकास तभी संभव है जब हमारी भर्ती प्रणाली निष्पक्ष और पारदर्शी हो।

धामी जी के इस साहसिक कदम की सराहना होनी चाहिए। जो लोग युवाओं के हक पर डाका डालते थे, उनके खिलाफ मुख्यमंत्री का यह 'धाकड़' अंदाज वाकई काबिले तारीफ है।

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