12/02/2026
तीन गुण सत्त्व रजस तमस के प्रभाव:
तीन गुण – सत्त्व, रजस और तमस – प्रकृति और मन के मूल स्वभाव हैं, जो हमारे विचार, भावनाएँ और कर्म तय करते हैं।
1. सत्त्व गुण का प्रभाव
सत्त्व शुद्धता, ज्ञान, शांति और संतुलन देता है।
इसमें मन साफ, स्थिर और प्रसन्न रहता है; करुणा, ईमानदारी, संयम जैसी गुण बढ़ते हैं।
आध्यात्मिक साधना, सही निर्णय और आत्मबोध में मदद करता है, मुक्ति की दिशा में ले जाता है।
2. रजस गुण का प्रभाव
रजस सक्रियता, इच्छा, महत्वाकांक्षा और अस्थिरता का गुण है।
इससे मेहनत, प्रगति और कर्म तो बढ़ते हैं, लेकिन साथ में लोभ, क्रोध, ईर्ष्या और बेचैनी भी आती है।
अधिक रजस होने पर व्यक्ति फल‑लालसा, प्रतियोगिता और तनाव में फँस जाता है, मन कभी टिकता नहीं।
3. तमस गुण का प्रभाव
तमस अज्ञान, जड़ता, आलस्य और मोह का गुण है।
इससे सुस्ती, टालमटोल, भ्रम, नशे की प्रवृत्ति और नकारात्मकता बढ़ती है; सच और झूठ में फर्क धुंधला हो जाता है।
लम्बे समय तक तमस हावी रहे तो व्यक्ति विकास, जिम्मेदारी और आध्यात्मिकता से दूर होता जाता है।
व्यावहारिक संकेत
लक्ष्य यह है कि तमस कम करें, रजस को सही दिशा दें और सत्त्व को अधिक से अधिक बढ़ाएं – पर अंत में तीनों से ऊपर उठकर समत्व और भगवान में स्थित होना ही गीता का मार्ग है