Singh anju chauhan

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पहले हर चीज़ से मतलब था।किसने क्या कहा। किसने देखा, किसने नहीं।किसने जवाब दिया। कितनी देर में।अब नहीं।☝️पर ये वैराग्य नह...
10/06/2026

पहले हर चीज़ से मतलब था।
किसने क्या कहा।
किसने देखा, किसने नहीं।
किसने जवाब दिया। कितनी देर में।
अब नहीं।☝️
पर ये वैराग्य नहीं है —
ये थकान भी नहीं है।
बस एक दिन समझ आया —
जो चीज़ें मुझे तोड़ती थीं,
वो कभी मेरी थीं ही नहीं।
अपेक्षा एक कर्ज़ है
जो हम दूसरों पर चढ़ाते हैं,
और ब्याज खुद भरते हैं।
जिस दिन बही-खाता बंद किया —
हल्का हो गया।🎈
अब न आगे का डर है,
न पीछे का मोह।
बस मैं हूँ — इस पल में।
"सब मोह माया है" —
ये जुमला नहीं है।
ये वो जगह है जहाँ पहुँचने के बाद
पीछे मुड़कर देखते हो
और हँसते हो —🙂
उस आदमी पर
जो तुम कभी थे।🦋❤️

.   जिन स्त्रियों ने कम साधनों में भी पूरे घर को संवार दिया ,    थोड़े में भी सबको खुश रखना सिखा ,    ख़ुद की जरूरतों को ...
09/06/2026

. जिन स्त्रियों ने कम साधनों में भी पूरे घर को संवार दिया ,
थोड़े में भी सबको खुश रखना सिखा ,
ख़ुद की जरूरतों को अधूरा रखकर भी दूसरों की जरूरते पूरी की ,
वही स्त्रियाँ असली समृद्धि की मिसाल होती है ।
और आज वही स्त्रियाँ हमारी माताएँ है....!!

जिन स्त्रियों ने ताने सुनकर भी रिश्ते निभाए ,
गलत समझे जाने पर भी शान्त रहकर सबको समझाया ही ,
ख़ुद पूरी तरह टूटने के बाद भी ख़ुद को ख़ुद में समेटकर
घर को जोड़े रखा ,
उनकी सहनशीलता ही उनकी सबसे बड़ी पहचान बनी ।
और आज वही स्त्रियाँ हमारी माताएँ है....!!

जिन स्त्रियों ने अपने सपनों को कई बार घर की
जिम्मेदारियों के आगे भुला दिया ,
अपनी इच्छाओं को चुपचाप अपने मन में ही दबाया ,
हर हाल में परिवार को प्राथमिकता दी ,
और फिर भी चेहरे पर मुस्कान बनाए रखी ,
वही स्त्रियाँ घर की असली ताकत कहलाई ।
और आज वही स्त्रियाँ हमारी माताएँ है...!!

जिन स्त्रियों ने खुद की छत न होने पर भी , अच्छी कमाई
न होने पर भी बेरोज़गारी की स्थिति होने पर भी सारे
शौक पूरे न होने पर भी, कई हजारों दुःख झेलने पर भी
मायके का पूरा सपोर्ट मिलने पर भी, गरीबी, बीमारी,
जैसा दंश झेलने पर भी, कभी अपने पति को अकेला नहीं छोड़ा
आज वही स्त्रियाँ हमारी माताएँ है ।
धन्य है हम जो ऐसी संस्कृति का हिस्सा है ।

जिन स्त्रियों ने मुश्किल वक़्त में खुद को संभाल कर
पूरे परिवार को सहारा दिया ,
डर के बावजूद हिम्मत दिखाई ,
और हर संकट में दीवार बनकर खड़ी रही ,
वो सिर्फ़ औरत नहीं , एक मजबूत आधार बनी ।
और आज वही स्त्रियाँ हमारी माताएँ है....!!

जिन स्त्रियों ने अपने किसी दर्द को कभी शब्द नहीं दिए,
पर हर किसी के दर्द को समझा ,
सबके आँसूं पोछे, पर खुद चुप रही ,
अपनी खामोशी में ही सबसे गहरी संवेदना को बसाए रखा,
और आज वही स्त्रियाँ हमारी माताएँ है....!!

जिन स्त्रियों ने अपने आत्मसम्मान को हर हाल में जिंदा रखा,
कभी हालात के आगे झुकी नहीं ,
और खुद की पहचान को बनाए रखा ,
वही स्त्रियाँ आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी ।
और आज वही स्त्रियाँ हमारी माताएँ है....!!

#मेरीग़ज़ल

बुकनू चूरन -  कानपुर का प्रसिद्ध देसी मसाला 👌 😋 बुकनू सिर्फ एक मसाला नहीं, बल्कि पूर्वी उत्तर प्रदेश, खासकर कानपुर की पा...
09/06/2026

बुकनू चूरन - कानपुर का प्रसिद्ध देसी मसाला 👌 😋
बुकनू सिर्फ एक मसाला नहीं, बल्कि पूर्वी उत्तर प्रदेश, खासकर कानपुर की पारंपरिक पहचान है। यह स्वाद में खट्टा-नमकीन होता है और पाचन के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। पुराने समय से लोग इसे परांठा, रोटी, चाट, दाल और सब्ज़ी के ऊपर बुरक कर खाते आ रहे हैं। बुकनू की खास बात यह है कि इसमें रसोई के मसालों के साथ आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों का संतुलित मिश्रण होता है, जो पेट की गैस, अपच और भूख न लगने जैसी समस्याओं में मदद करता है।

सामग्री -
सादा नमक - 250 ग्राम
काला नमक - 125 ग्राम
सेंदा नमक (लाहोरी व्रतका नमक ) - 50 ग्राम
हल्दी - 75 ग्राम
बड़ी हर्र - 50 ग्राम
छोटी हर्र - 50 ग्राम
बहेड़ा -50 ग्राम
सूखा आंवला - 50 ग्राम
जीरा - 25 ग्राम
अजवायन - 25 ग्राम
सोंफ - 25 ग्राम
बड़ी इलाइची - 25 ग्राम
काली मिर्च - 25 ग्राम
सोंठ - 25 ग्राम
पीपर - 20 ग्राम
बायविरंग - 20 ग्राम
मरोड़ फली - 20 ग्राम
छोटी इलाइची - 10 ग्राम
खाने वाला नौसादर - 10 ग्राम
हींग - 5 ग्राम
सरसों का तेल - 100 ग्राम

👉 बनाने की विधि -
1.मसालों की तैयारी
सबसे पहले सभी मसालों को अच्छी तरह साफ कर लीजिए। हर्र, बहेड़ा और सूखा आंवला अगर साबुत हों तो हल्का धोकर अच्छी तरह सुखा लीजिए। बहेड़ा, आंवला तोड़कर उसकी गुठली निकाल दीजिए।

2. तेल में तलने वाले मसाले
कढ़ाही में 100 ग्राम सरसों का तेल डालकर हल्का गरम कीजिये। तेल तेज़ न हो।
अब धीमी आंच पर एक-एक करके ये मसाले तलें—
बड़ी हर्र – 2–3 मिनट
सोंठ – रंग बदलने तक
हल्दी – 2 मिनट
छोटी हर्र – 1 मिनट
बहेड़ा – 2–3 मिनट
सभी मसालों को तलकर एक प्लेट में निकाल लीजिए और ठंडा होने दीजिए।

3. सूखे भूनने वाले मसाले
एक भारी तले का पैन गरम कीजिये और बिना तेल के धीमी गैस पर—
सूखा आंवला
मरोड़ फली
बायविरंग
बड़ी इलायची
पीपर
जीरा, अजवायन और सोंफ
अंत में हींग
इन सभी को हल्का भून लीजिए, बस खुशबू आने तक। जलने न दें।

4. बिना भूने मिलने वाले मसाले
अब सादा नमक, काला नमक, सेंधा नमक, छोटी इलायची और खाने वाला नौसादर बिना भूने ही रखें।

5. पीसने की प्रक्रिया
बड़े मसालों को खल्लड़ या सिल-बट्टे से थोड़ा कूट लीजिए ताकि मिक्सर में आसानी से पिस जाएँ।
अब पहले तले हुए मसाले थोड़ा सादा नमक डालकर बारीक पीस लीजिए।
फिर भुने मसाले नमक के साथ पीसें।
अंत में बिना भूने मसाले भी पीस लीजिए।

6. छानना और स्टोरेज
सभी पिसे मसालों को अच्छे से मिक्स कीजिये और महीन छलनी से छान लीजिए।
जो मोटा हिस्सा बचे, उसे दोबारा पीसकर छानकर मिला दीजिए।
👉 बुकनू तैयार है।
इसे एयर-टाइट डिब्बे में भरकर रखें और 6 महीने तक इस्तेमाल करे।

#बुकनू

🙏🙏🙏🙏
07/06/2026

🙏🙏🙏🙏

ये पोस्ट मुझे बहुत पसंद आई और लगा जैसे हर मां हर स्त्री के लिए किसी ने कितना सटीक लिखा है।क्या कभी किसी ने महिलाओं की बु...
07/06/2026

ये पोस्ट मुझे बहुत पसंद आई और लगा जैसे हर मां हर स्त्री के लिए किसी ने कितना सटीक लिखा है।

क्या कभी किसी ने महिलाओं की बुद्धिमत्ता को सच में समझने की कोशिश की है?

हम अक्सर बुद्धिमत्ता को डिग्री, नौकरी या पद से मापते हैं…
लेकिन भारत के हर घर में सुबह से रात तक चलने वाली रसोई एक ऐसी जीवंत प्रयोगशाला है, जहाँ हर दिन असाधारण बुद्धिमत्ता जन्म लेती है — और वह भी बिना किसी डिग्री के।

रसोईघर सिर्फ खाना बनाने की जगह नहीं… यह एक सम्पूर्ण विश्वविद्यालय है।

🔸 गणित (Mathematics)
• कितने लोगों के लिए कितना आटा?
• नमक, मिर्च, मसाले की सही मात्रा
• बची हुई सब्ज़ी का अगले दिन नया रूप

यह सब बिना कागज़-कलम के… केवल अनुभव और अंदाज़ से।

🔸 भौतिक विज्ञान (Physics)
• गैस की आँच कम-ज्यादा करना
• तेल का सही तापमान पहचानना
• प्रेशर कुकर की सीटी का समय समझना

यह तापमान, दबाव और ऊर्जा का सटीक विज्ञान है। 🔥

🔸 रसायन विज्ञान (Chemistry)
• मसालों का संतुलन
• दाल का गाढ़ापन
• दूध फटने से बचाना
• आटे की मुलायमियत

हर पकवान एक रासायनिक प्रयोग से कम नहीं।

🔸 प्रबंधन (Management)
• एक साथ 3–4 व्यंजन तैयार करना
• सबको समय पर भोजन देना
• कम समय में अधिक काम

यह किसी बड़ी कंपनी के मैनेजमेंट से कम नहीं। ⏳

🔸 निरीक्षण क्षमता (Observation Skills)
• दाल पकी या नहीं
• सब्ज़ी में पानी कम या ज़्यादा
• रोटी कब पलटनी है

यह सूक्ष्म निरीक्षण की उच्चतम कला है। 👀

🔸 मल्टीटास्किंग (Multitasking)
• चाय बन रही है
• कुकर सीटी दे रहा है
• बच्चे को टिफिन चाहिए
• फोन भी बज रहा है

फिर भी सब व्यवस्थित… बिना घबराहट के।

🔸 अर्थशास्त्र (Economics)
• सीमित बजट में पूरे घर का भोजन
• बचे हुए खाने का सदुपयोग
• मौसम के अनुसार सामग्री का उपयोग

यह घर की आर्थिक नीति है।

🔸 मनोविज्ञान (Psychology)
• किसे क्या पसंद है
• किसका मन आज कैसा है
• कौन बीमार है, किसे हल्का भोजन चाहिए

रसोई संभालने वाली स्त्री सिर्फ खाना नहीं बनाती…
वह पूरे परिवार की भावनाओं को भी संभालती है।

🌼 खाना बनाना केवल कौशल नहीं…
यह प्रेम, जिम्मेदारी और त्याग का अद्भुत संगम है।

चाहे डिग्री न हो,
अंग्रेज़ी न आती हो,
कोई औपचारिक प्रशिक्षण न हो…

फिर भी रसोई संभालने वाली स्त्री
किसी भी प्रशिक्षित मैनेजर से कम नहीं…
कई बार उससे भी अधिक होती है। 👑

🍛 दिन में तीन बार
ताज़ा, गरम, स्वादिष्ट भोजन मिलना
सिर्फ “खाना” नहीं…
यह घर में मिलने वाला भगवान का प्रसाद है।

🙏 इसलिए…
खाने से पहले एक क्षण रुककर
उस माँ, पत्नी, बहन या बेटी को
दिल से धन्यवाद दीजिए
जो रोज़ अपने प्रेम से
घर को घर बनाती है।

क्योंकि—
रसोई की यह बुद्धिमत्ता,
सहनशीलता और प्रेम की शक्ति…
किसी किताब, डिग्री या परीक्षा में नहीं सिखाई जा सकती।

*🌸 नारी केवल अनुभव, समर्पण और स्नेह से जन्म लेती है…*
*और हर घर को स्वर्ग बना देती है। 🌸*
अरे नारी तो वो है जो जंगल में भी अपने परिवार के पेट भरने के लिए चूल्हा जला देती है।
धन्यवाद
Man ke bhaav / मन के भाव, ऋतु गुप्ता के साथ
#मां #रसोई #भोजन
#परिवार #रिश्ते

03/06/2026

# 🌿 15 दिनों का वजन कम करने वाला डाइट प्लान

गृहिणियों के लिए आसान, घरेलू और हेल्दी डाइट ✨

यह डाइट प्लान:

* वजन कम करने में मदद करेगा 🧘‍♀️
* पेट की चर्बी घटाने में सहायक होगा
* शरीर को हल्का और एक्टिव रखेगा
* बिना भूखे रहे हेल्दी वेट लॉस में मदद करेगा 💚

---

# ⚠️ जरूरी बातें

✅ रोज़ 2.5–3 लीटर पानी पिएं
✅ चीनी, कोल्ड ड्रिंक और तला खाना बंद करें
✅ रोज़ 30–40 मिनट वॉक करें 🚶‍♀️
✅ रात का खाना 8 बजे से पहले खाएं
✅ कम तेल और कम नमक इस्तेमाल करें

---

# 🌞 सुबह खाली पेट (रोज़)

इनमें से कोई 1 लें:

* गुनगुना नींबू पानी 🍋
* जीरा पानी
* मेथी पानी
* ग्रीन टी (बिना चीनी)

साथ में:

* 4 भीगे बादाम + 1 अखरोट

---

# 🗓️ 15 दिन का डाइट प्लान

# # 🥗 Day 1

# # # नाश्ता

वेज पोहा + बिना चीनी की चाय

# # # मिड स्नैक

1 सेब 🍎

# # # दोपहर का खाना

2 रोटी + दाल + लौकी की सब्जी + सलाद

# # # शाम

भुना चना + ग्रीन टी

# # # रात का खाना

वेज सूप + पनीर सलाद

---

# # 🥗 Day 2

# # # नाश्ता

ओट्स उपमा + दही

# # # स्नैक

पपीता 🍈

# # # दोपहर

ब्राउन राइस + राजमा + सलाद

# # # शाम

1 फल

# # # रात

1–2 रोटी + मिक्स वेज

---

# # 🥗 Day 3

# # # नाश्ता

2 बेसन चीला + हरी चटनी

# # # स्नैक

नारियल पानी 🥥

# # # दोपहर

2 रोटी + चना दाल + भिंडी

# # # शाम

भुना मखाना

# # # रात

मूंग दाल खिचड़ी

---

# # 🥗 Day 4

# # # नाश्ता

वेज दलिया

# # # स्नैक

संतरा 🍊

# # # दोपहर

2 रोटी + पालक पनीर + सलाद

# # # शाम

छाछ

# # # रात

सूप + हल्की सब्जियां

---

# # 🥗 Day 5

# # # नाश्ता

इडली + सांभर

# # # स्नैक

अमरूद

# # # दोपहर

चावल + पनीर करी / फिश करी

# # # शाम

ग्रीन टी + मूंगफली

# # # रात

1 रोटी + लौकी सब्जी

---

# # 🥗 Day 6

# # # नाश्ता

स्प्राउट्स सलाद / 2 उबले अंडे

# # # स्नैक

तरबूज 🍉

# # # दोपहर

2 रोटी + मिक्स दाल + पत्ता गोभी

# # # शाम

भुना मखाना

# # # रात

पनीर सलाद बाउल

---

# # 🥗 Day 7

# # # नाश्ता

ब्राउन ब्रेड वेज सैंडविच

# # # स्नैक

सेब

# # # दोपहर

2 रोटी + सोयाबीन करी / चिकन करी

# # # शाम

छाछ

# # # रात

सूप + सलाद

---

# 🔁 Day 8–15

ऊपर वाले प्लान को दोहराएं लेकिन:

* रोज़ अलग फल लें 🍓
* मौसमी सब्जियां बदलते रहें 🥒
* रात का खाना हल्का रखें

---

# ✅ वजन घटाने में मदद करने वाली सब्जियां

* लौकी
* तोरी
* पालक
* पत्ता गोभी
* खीरा
* गाजर
* शिमला मिर्च

---

# ❌ इन चीजों से बचें

* समोसा, कचौरी, पकोड़े 🍟
* मिठाई
* बिस्किट और नमकीन
* ज्यादा चावल
* रात में स्नैकिंग

---

# 🏃‍♀️ घर पर आसान एक्सरसाइज

रोज़ करें:

* 30 मिनट वॉक 🚶‍♀️
* 20 स्क्वाट्स
* 15 मिनट योग
* सीढ़ियां चढ़ना

---

# 🌟 15 दिनों में क्या फर्क दिख सकता है?

✨ 2–4 किलो तक वजन कम हो सकता है
✨ पेट कम फूला हुआ लगेगा
✨ शरीर हल्का और एक्टिव महसूस होगा
✨ स्किन पर ग्लो आ सकता है

अगर चाहें तो मैं:

* 🖼️ इसका 1080×1350 Facebook/Instagram पोस्ट बना सकती हूँ
* 🧾 Printable chart format दे सकती हूँ
* 🍛 Pure vegetarian plan बना सकती हूँ
* 🧘‍♀️ Diet + Yoga combo plan भी बना सकती हूँ
#️⃣ #घरकाखानाना #वजनकमीकरें #डाइट_प्लान #हेल्दी_लाइफस्टाइल #फिटनेस #घरेलूनुस्खे #महिलाओं_की_सेहत

03/06/2026
03/06/2026
"29 कैदी के बीच एक जज कैदी"गिरिबाला सिंह: एक जज, एक मां और एक मुजरिम।कुछ दिन से पूरा देश इन्हीं की खबरें पढ़ और देख रहा ...
03/06/2026

"29 कैदी के बीच एक जज कैदी"

गिरिबाला सिंह: एक जज, एक मां और एक मुजरिम।
कुछ दिन से पूरा देश इन्हीं की खबरें पढ़ और देख रहा है। अक्सर कोर्ट का जज जब कोर्ट में आता है, बल्कि रोज ही आता रहता है तो वो ये भूल जाता है कि वो मात्र एक जिम्मेदारी निभा रहा है, जब किसी भी व्यक्ति को हरदम जनता से नमस्कार मिलती है तब उसमें एक घमंड जागृत जो जाता है जो आप अनेक राजनीतिक एक्टर या फिल्म एक्टर के चेहरे पर देखते होंगे।

जब भी मै कभी कोर्ट गया हूं तब मैने पाया कि जो जज है वो सिर्फ एक जिम्मेदारी होना चाहिए था, सच का साथ देने वाला एक सामान्य व्यक्ति, लेकिन होता उल्टा है, इस तरह के व्यक्तियों को अपनी पोस्ट या कुर्सी का इतना रुतबा आ जाता है कि इसकी दुर्गंध को इन जैसे सभी व्यक्तित्व के चेहरे पर अपने भी कई बार महसूस किया होगा। जनता, वकील, मुजरिम, सभी हमेशा जज के हाथ जोड़ती है, उन्हें सिर्फ कुर्सी का सम्मान देती है और धीरे धीरे हम इस तरह के उच्च पद पर बैठने वालों के जीवन में अभिमान भर देते हैं, और शायद इसी अभिमान के कारण आज लोग जज, कमिश्नर, कलेक्टर, मिनिस्टर के पद पर आना चाहते हैं और इस चक्कर में जो कर्म उनके द्वारा निष्पक्षता से होना है वो कहीं छूट जाता है, चेहरे पर एक ठसक आ जाती है जो इनके रिटायर होने के बाद भी बनी रहती है, जिसे आप भी महसूस करते होंगे।

बहुत कम लोग मुझे ऐसे मिले हैं जिन्होंने इस ठसक को अपने अंदर नहीं घुसने दिया, जो हमेशा सच की राह पर चले, जिनके चेहरे पर कोई अहंकार नहीं आया, जैसे बलराज साहनी... वो बंदा कितना भी सफल हो गया लेकिन उसमें अहंकार का एक झलक भी कभी नहीं दिखाई दी।

इनकी बहु ने आत्महत्या की तो इन्हें चाहिए था कि ऊटपटांग हरकत ना करके सीधे पुलिस को बुलाना, फिर पुलिस के साथ थाने जाना, और पूरी रात थाने में ही बिताना, अगले दिन ये लिखकर आना कि जब आप मुझे बुलाएंगे मै थाने या कोर्ट आ जाऊंगी क्योंकि मैं एक जिम्मेदार व्यक्तित्व रही हूं और आज भी हूं...

लेकिन ऐसा हुआ नहीं, अपने तुरंत अग्रिम जमानत ली, क्योंकि आप जानती थीं कि अब मुझे जेल हो सकती थी, अरे यदि आपकी कोई गलती नहीं है तो कैसे कोई जेल भेजेगा, तो ये उनकी पहली गलती की खुद को बचाना... दूसरी ये कि बेटे को फरार कर देना। क्या यही सीखा इतने बड़े जज के कार्यकाल में की बेटे से कहा कि तू भाग जा मै अपने रुतबे से सब सम्हाल लूंगी बेटे की गलती हो या ना हो, इन्हें खुद थाने जाकर बेटे को तुरंत थाने बुलाना चाहिए था...

तीसरी गलती: साक्ष्यों से छेड़छाड़ की, जबकि उन्हें किसी चीज को हाथ लगाए बिना, पुलिस को सब सौंप देना चाहिए था, अरे होंगी आप जज किसी ज़माने में लेकिन आज तो आप एक सामान्य व्यक्ति हैं जिनके घर में बहु की लाश पाई गई है तो अब चालाकियां न करते हुए हर तरह से पुलिस और कानून की मदद करनी चाहिए थी...

काश आप ऐसा करतीं तो आपको टेंशन लेने की जरा भी जरूरत नहीं होती, आप इस हादसे को एक सर्कस नहीं बनातीं।

आज आपने खुद अनेकों मुसीबतें ओढ ली हैं, अब आपका सहज होकर मामले से बाहर आ जाना उतना आसान नहीं होगा, क्योंकि आप भूल गईं कि जज होने से पहले आप एक सामान्य व्यक्ति हैं। अब आपका पूरा जीवन यही लेसन लेने में बीतेगा की आप एक सामान्य व्यक्ति हैं।

निर्णय अब जो भी हो, आप के इस सर्कस से सीख लेनी चाहिए उन सभी उच्च पास आसीन लोगों को की कितनी भी ऊंचाई हो, आना एक दिन धरती पर ही है।

काश आप ये पहले से समझ जाती तो
चेहरे पर ये ठसक और अहंकार नहीं होता।

मैं और आप कोई जज नहीं जो केस पर बात करें, लेकिन हम एक साधारण इंसान हैं जो साधारण होना सिखा सकते हैं उनको जो असाधारण होने के कारण मुश्किलें पैदा कर लेते हैं।

इन्होंने एक वीडियो में कहा कि इनकी दिवंगत बहु पेड़ों में पानी नहीं डालती थी... भला बताओ ये यहां कहने की क्या ज़रूरत थी, पानी नहीं डालती थी तो करना ठीक हुआ क्या?

कोर्ट का निर्णय तो कोर्ट देगा लेकिन गिरिबाला का बयान और हरकतें तो जो कह रही हैं उन्हीं पर टिप्पणी लिखी गई है। कोर्ट अपनी कार्यवाही करेगा ही लेकिन इन्हें तो खुद गलत कदम नहीं उठाने चाहिए। कोर्ट बरी भी कर दे लेकिन "पेड़ों में पानी नहीं डालती थी" इस बात को कहने के लिए मैं तो बरी नहीं कर सकता, किसी की जान गई, आपको गमले याद आ रहे हैं।

आज 3 जून की अपडेट:

आज के दैनिक भास्कर की खबर से ज्ञात हुआ कि गिरिबाला उसी जेल में गई हैं जहां उनके द्वारा दंडित किए 29 कैदी हैं।
केस कुछ फिल्मी हो गया है।

"29 कैदी के बीच जज कैदी"

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