31/05/2026
कभी-कभी दर्द गैरों के फरेब से नहीं, बल्कि अपनी ही गलतफ़हमियों से मिलता है। दूर से चमकती रेत को दरिया समझ लेना, प्यासे की सबसे बड़ी खता होती है। क्या आपने भी कभी किसी की महज़ एक मुस्कुराहट को अपना मुकम्मल जहाँ समझ लिया था? 🥀