27/12/2024
#अत्यंत #दुःखद #ख़बर 😢..
हजारों जवाबों से अच्छी थी मेरी ख़ामोशी,
हमने न जाने कितने सवालों की आबरू रखी...
भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और प्रख्यात अर्थशास्त्री डॉ. मनमोहन सिंह जी के निधन की खबर सुनकर हृदय अत्यंत व्यथित है।
देश ने एक ऐसे महान नेता को खो दिया है, जिन्होंने अपनी नीतियों और दूरदर्शिता से भारत को नई आर्थिक ऊंचाइयों पर पहुंचाया। उनका सादगीपूर्ण व्यक्तित्व, निष्ठा और राष्ट्र के प्रति समर्पण सदैव याद किया जाएगा।
उनका योगदान हर भारतीय के दिल में अमिट रहेगा। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें और उनके परिवार व प्रियजनों को इस अपार दुःख को सहने की शक्ति दे। देश के लिए यह अपूरणीय क्षति है।
#आदरणीय पूर्व प्रधानमंत्री #मनमोहन सिंह जी के बारे में हमने अपनी इस उम्र में जितना समझा उसका एक छोटा सा सारांश नीचे लिख रहा हु ..
वर्ल्डबैंक ने नरसिंह राव को अल्टीमेटम दे दिया था। उदारीकरण नहीं करोगे तो कर्जा नहीं मिलेगा। फिर उदारीकरण को एक्सक्यूट करने के लिए राव साहेब को मनमोहन सिंह से बढ़िया कोई दूसरा अर्थशास्त्री भी नहीं मिलता।
मनमोहन उन शुरुआती लोगों में से थे जिन्हे सरकार ने लेटरल एंट्री से नौकरशाह बनाया।(आज बनाया होता तो आरक्षण का हल्ला हो जाता)
खैर मनमोहन सिंह ने कर्ज में डूबे अर्थव्यवस्था का जिम्मा अपने कब्जे में लिए और मार्केट खोल दिया। डोलते हिचकोले खाते भारत के महाशक्ति बनने का वास्तविक सफ़र यही से शुरु हुआ। फिर करीब 4 वर्षों के केंद्रीय अस्थिरता के बाद वाजपेयी जी आए और राष्ट्रीय हित की नीतियों को सुदृढ़ किया।
उनके कार्यकाल के बाद मैडम सोनिया की कृपा हुई और मनमोहन सिंह जी पंत-प्रधान सुशोभित हुए। पहला कार्यकाल आर्थिक दृष्टिकोण से सुंदर रहा।
सबसे ऐतिहासिक रहा परमाणु समझौता। दूसरा कार्यकाल तो शायद स्वयं मनमोहन सिंह जी अपने जीवन वृत्त में याद नहीं रखना चाहते होंगे।
खैर एक शालीन सभ्य , भद्र-पुरुष और महान अर्थशास्त्री को श्रद्धांजलि। आप सदैव नव राष्ट्र-निर्माताओं में शुमार रहेंगे
#मनमोहन_सिंह
ॐ शांति 🙏🏽