30/05/2026
आम को लेकर जितना डर फैलाया जाता है, हकीकत उससे कहीं ज्यादा संतुलित है. आम में प्राकृतिक शुगर होती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि डायबिटीज के मरीज इसे बिल्कुल नहीं खा सकते.
क्या डायबिटीज के मरीज आम खा सकते हैं
गर्मी का मौसम आते ही आम की मिठास लोगों को अपनी ओर खींचने लगती है. चाहे दोपहर के खाने के साथ कटे हुए आम हों या रात में ठंडे आम का बाउल, यह फल स्वाद के साथ कई यादें भी लेकर आता है. लेकिन डायबिटीज से जूझ रहे लोगों के लिए आम का मौसम अक्सर एक सवाल भी लेकर आता है कि क्या आम खाना सुरक्षित है या इससे ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है?. चलिए जानते हैं कि एक्सपर्ट इसको लेकर क्या कहते हैं.
क्या आम खान सुरक्षित है?
सच यह है कि आम को लेकर जितना डर फैलाया जाता है, हकीकत उससे कहीं ज्यादा संतुलित है. आम में प्राकृतिक शुगर होती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि डायबिटीज के मरीज इसे बिल्कुल नहीं खा सकते. एक्सपर्ट्स का कहना है कि आम खाने से ज्यादा जरूरी यह समझना है कि उसे कितनी मात्रा में, किस समय और किन चीजों के साथ खाया जा रहा है. डॉ. ऐश्वर्या कृष्णमूर्ति ने TOI को बताया कि डायबिटीज के मरीजों को आम से पूरी तरह दूरी बनाने की जरूरत नहीं है. उनका कहना है कि सही मात्रा और सही तरीके से खाया गया आम संतुलित डाइट का हिस्सा बन सकता है.
क्या मीठा आम नुकसानदायक होता है?
आम मीठा जरूर होता है, लेकिन सिर्फ मिठास ही यह तय नहीं करती कि कोई चीज नुकसानदेह है या नहीं. पके हुए आम में फाइबर, विटामिन ए, विटामिन सी, एंटीऑक्सीडेंट्स और पॉलीफेनॉल जैसे पोषक तत्व भी मौजूद होते हैं. फाइबर डाइजेशन की प्रक्रिया को धीमा करता है, जिससे ब्लड शुगर उतनी तेजी से नहीं बढ़ता जितना मीठे ड्रिंक्स या डेजर्ट खाने के बाद बढ़ सकता है. रिसर्च भी बताती है कि कार्बोहाइड्रेट का असर इस बात पर निर्भर करता है कि वह किस सोर्स से आ रहा है और उसमें फाइबर कितना है.
आम खाते समय क्या नहीं करनी चाहिए गलती?
हालांकि समस्या तब शुरू होती है जब आम को गलत तरीके से खाया जाता है. खाली पेट आम का जूस, शेक या मीठे डेजर्ट ब्लड शुगर में तेजी से उछाल ला सकते हैं. डॉ. कृष्णमूर्ति सलाह देती हैं कि आम के टुकड़ों को प्रोटीन या हेल्दी फैट वाली चीजों जैसे बादाम, बीज, ग्रीक योगर्ट या पनीर के साथ खाना बेहतर रहता है. इससे पाचन धीमा होता है और ब्लड शुगर ज्यादा स्थिर रहता है. आम खाने का समय भी काफी मायने रखता है. एक्सपर्ट्स के अनुसार दिन के समय आम खाना ज्यादा बेहतर माना जाता है, क्योंकि उस समय शरीर ज्यादा सक्रिय होता है और इंसुलिन बेहतर तरीके से काम करता है. देर रात आम खाने से ब्लड शुगर में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है. इसलिए छोटे हिस्से में आम खाएं, दिन में खाएं और इसे मीठे डेजर्ट या पैकेज्ड ड्रिंक्स के साथ लेने से बचें.
डायबिटीज के मरीज को क्या रखना चाहिए ध्यान?
मात्रा पर नियंत्रण सबसे जरूरी है. ज्यादातर डायबिटीज मरीज कभी-कभार आधा से एक कप आम आराम से खा सकते हैं, हालांकि यह उनकी दवा, शुगर कंट्रोल और लाइफस्टाइल पर भी निर्भर करता है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि डर की बजाय जागरूकता जरूरी है. किसी पसंदीदा मौसमी फल को पूरी तरह छोड़ देने के बजाय उसे संतुलित मात्रा में खाना ज्यादा बेहतर विकल्प हो सकता है.
Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.