08/03/2026
‘हर पल फट रहे बम… खाने के सामान का भी संकट’
निगोही (शाहजहांपुर)। खाड़ी देशों में बढ़ते युद्ध जैसे हालात के बीच विदेश में काम कर रहे इलाके के युवकों के परिवारों की चिंता बढ़ गई है। गांव ऊनकलां के दो युवक कतर और दुबई में फंसे हुए हैं, जिन्होंने अपने परिजनों को वहां के हालात बेहद भयावह बताए हैं।
कतर के ओम्सलाद शहर के पास रह रहे मुसीब हसन ने अपने पिता हसीब हसन को फोन पर बताया कि वहां रोजाना बम धमाकों और सायरन की आवाज से दहशत का माहौल बना हुआ है। उन्होंने बताया कि अमेरिकी बेड़े आसपास दिखाई दे रहे हैं और ईरान की ओर से लगातार हमले किए जा रहे हैं। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने के निर्देश दिए जा रहे हैं, लेकिन खाने-पीने और अन्य सुविधाओं का इंतजाम खुद ही करना पड़ रहा है।
मुसीब 17 नवंबर को ट्रैक्टर चालक के रूप में काम करने कतर गए थे। उन्होंने घरवालों को बताया कि उनके पास केवल 17 मार्च तक का ही राशन बचा है। उनके मालिक ने काम बंद कर दिया है और साफ कह दिया है कि काम नहीं होगा तो पैसा भी नहीं मिलेगा। ऐसे में युद्ध लंबा चला तो भुखमरी जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।
इसी तरह गांव के ही जुनैद हसन, जो 24 फरवरी को काम के लिए दुबई गए थे, उन्होंने भी वीडियो कॉल के जरिए अपने परिवार को वहां के हालात बताए। जुनैद के अनुसार, दुबई में भी तनाव के कारण दिन-रात सायरन बज रहे हैं और सड़कों पर सन्नाटा पसरा है। एयरपोर्ट बंद होने के कारण घर लौटना भी संभव नहीं है।
जुनैद की मां का पिछले जून में इंतकाल हो चुका है। बेटे के विदेश में फंसे होने से पिता मंसूर हसन बेहद चिंतित हैं। गांव के लोग उन्हें ढाढ़स बंधा रहे हैं।
दोनों युवकों के परिवारों ने भारत सरकार से अपने बेटों की सुरक्षित वतन वापसी कराने की गुहार लगाई है।
— दैनिक उजाला